
national startup day
भोपाल. स्टार्ट अप का क्रेज अब मेट्रो सिटीज़ से निकलकर टियर 2, टियर 3 सिटीज़ में भी बढ़ रहा है। राजधानी के युवाओ का भी रूझान अपने इनोवेटिव आईडियाज़ की ओर बढ़ रहा है। कॉलेज से ही नौकरी की जगह अपने बिजनेस को सेट अप करने के लिए काम कर रहे हैं। इसमें महिलाएं भी अब लगभग पुरूषों के बराबर हैं। भोपाल में अभी 600 से ज्यादा महिला उद्ममी हैं। शुरूआत में आई कठिनाइयों के बावजूद अब ये स्टार्ट अप पूरे देश के साथ विदेशों में भी पहचान बना रहे हैं।
दो क्लासमेट्स ने 21 साल की उम्र में शुरू किया इको फ्रैंडली बिजनेस
ग्रेजुएशन के लास्ट ईयर में शुरू किए बिजनेस के अब विदेश में भी क्लाइंट्स हैं। 23 साल के पराग महेश्वरी और हर्षी चौधरी ने अपने जॉब ऑफर छोड़कर स्टार्टअप शुरू किया। दो साल के भीतर ही सालाना 24 लाख से ज्यादा का टर्नऑवर है।
इन्होंने बताया कि शुरू करते ही कोरोना के कारण लॉकडाउन लग गया। मार्केट पहले ही डाउन हो गया। लोग कहते थे कि बच्चे हैं, ये क्या ही करेंगे। पहले कोई प्रोडक्ट पर ट्रस्ट नहीं करते थे। लेकिन अपने आइडिया पर भरोसे के साथ ये आगे बढ़े। अब शहर के कई मार्ट्स और शॉप पर तालमेल ब्रांड के प्रोडक्ट्स हैं। साथ ही हमारी वेबसाइट के साथ कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी बिजनेस है। हर्षा और पराग पर्यावरण को बचाने के लिए सस्टेनेबल लाइफस्टाइल प्रोडक्ट्स बनाते हैं। इन प्रोड्क्टस में खास भोपाली टच रहता है।
दोस्त के बर्थडे पर मिडनाइट में केक नहीं मिला तो शुरू किया ये स्टार्टअप, आज सालाना 1.5 करोड टर्नऑवर
जब अपने एक दोस्त के लिए रात में 12 बजे केक नहीं मिला तो बचपन के चार दोस्तों ने अपनी जॉब छोड़ कर मिडनाइट केक डिलीवरी का बिजनेस शुरू किया। आज इस बिजनेस से ये अपनों से दूर रह रहे लोगों की खुशियों की होम डिलीवरी करते हैं। जब स्टार्ट अप शुरू किया तो लोग कहते थे कि ये डिलीवरी बॉय बन गए हैं। लेकिन इनका मकसद लोगों की परेशानी दूर करना था। 2016 से शुरू किए स्टार्टअप में केवल चार लोग ही थे। आज ये 16 मेंबर्स की टीम बन गयी है। जो बेकरी के हर तरह के प्रोडक्ट्स की 24 घंटे डिलीवरी करती है।
अपनी सेविंग्स से शुरू किए बिजनेस का अब सालाना टर्नऑवर 1.5 करोड़ है। टीम मेंबर्स ने बताया कि ‘अर्बन तोहफा’ से हम भोपाल में रह रहे लोगों को मेट्रो सिटी की तरह फैसिलिटी देना चाहते हैं। इनोवेशन के साथ सोशल मीडिया, वेबसाइट और एप के जरिए बिजनेस आगे बढ़ा रहे हैं। नितिन पाटीदार, नीरज विश्वकर्मा, विक्रम और प्रशांत। ये चारों दोस्त हैं और मिसरोद में रहते हैं। स्टार्टअप शुरू करने से पहले सेल्स एंड मार्केटिंग में जॉब करते थे।
भोपाल के मंदिरों के नारियल को रिसाइकिल कर रहे प्रकाश चढ़ोकर अब इंदौर, उज्जैन में भी शुरू करने जा रहे अपना बिजनेस
3 साल बतौर प्रोडक्ट इंजीनियर जॉब करने के बाद पर्यावरण बचाने के लिए कुछ करना चाहते थे। हर कोई प्लास्टिक पर काम कर रहा था लेकिन नारियल वेस्ट पर कोई ध्यान नहीं दे रहा था। इसी सोच के साथ उन्होंने शहर के मंदिरों से नारियल इकठ्ठा कर रिसाइकिल करने का काम शुरू किया। इन्होंने बताया कि शुरूआत में कलेक्शन एक बड़ा चैलेंज था। वे शहर के 40 मंदिरों से रोज लगभग 1 टन नारियल से अलग-अलग प्रोडक्ट्स बनाते हैं। प्रकाश चढ़ोकर अब इंदौर और उज्जैन में भी बिजनेस शुरू करने जा रहे हैं। आज इनका 15 लाख से ज्यादा का टर्नऑवर है।
Published on:
16 Jan 2023 06:49 pm
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