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मन्नत पूरी होने पर मां दुर्गा को चढ़ती है चप्पल, विदेशों से आते हैं सैंडिल

यूं तो भगवान के मंदिर जाते समय जूते-चप्पल बाहर ही खोल दिए जाते हैं लेकिन भारत में एक मंदिर ऐसा भी है जहां मांगी गई मन्नत पूरी होने के बाद भगवान को जूते-चप्पल ही चढ़ाएं जाते हैं। 

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Nitesh Tiwari

Oct 04, 2016

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भोपाल. यूं तो भगवान के मंदिर जाते समय जूते-चप्पल बाहर ही खोल दिए जाते हैं लेकिन भारत में एक मंदिर ऐसा भी है जहां मांगी गई मन्नत पूरी होने के बाद भगवान को जूते-चप्पल ही चढ़ाएं जाते हैं। जी हां यह एमपी के भोपाल के जीजी बाई का मंदिर में इस अनोखी परंपरा का पालन किया जाता है। यह मंदिर मा दुर्गा को समर्पित है।


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विदेशों से भेजते हैं चप्पल
महराज ओम प्रकाश के अनुसार भक्त इस माता के लिए विदेशों से भी चप्पल भेजते हैं। यहां आने वाले कुछ लोग विदेश में जाकर बस गए हैं। महाराज ओम प्रकाश की मानें तो मां दुर्गा के लिए सिंगापुर और पेरिस से भी चप्पल आई है। जब भक्तों द्वारा चढ़ाई गई चप्पलों की संख्या बढ़ जाती है तो उसे लोगों में बांट दिया जाता है।

चश्मा टोपी और घड़ी भी चढ़ाते हैं लोग
गर्मी के मौसम में इस मंदिर में चप्पल के साथ-साथ चश्मा, टोपी और घड़ी भी चढ़ाई जाती है। ओम प्रकाश महराज बताते हैं कि यहां मां दुर्गा की देखभाल एक बेटी की तरह होती है। ओम महाराज के अनुसार कई बार उन्हें ये आभास होता है कि देवी खुश नहीं है तो दिन में दो-तीन घंटे के बाद माता के कपड़े बदल दिए जाते हैं।

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क्या है मंदिर का नाम
इस मंदिर का नाम जीजी बाई का मंदिर है। जो भोपाल के कोलर इलाके में एक छोटी सी पहाड़ी पर बना है। इस मंदिर को लोग सिद्धदात्री पहाड़ावाला मंदिर भी कहते हैं। ऐसी मान्यता है कि तक़रीबन 18 साल पहले ओम प्रकाश नाम के एक महराज ने मूर्ति स्थापना की थी। कहा जाता है कि इस महराज ने तब शिव-पार्वती का विवाह कराया था और खुद कन्यादान किया था। तब से ओम महाराज मां सिद्धदात्री को अपनी बेटी मानकर पूजा करते हैं।


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