
भोपाल। बच्चों को अब स्कूल में अकबर महान नहीं, शिवाजी महान बताया जाएगा। इसके साथ ही महाराणा प्रताप की शौर्य गाथा पढ़ाई जाएगी। जल्द ही एनसीईआरटी की किताब में संशोधन कर सदियों पुरानी मानसिक गुलामी को हटा दिया जाएगा। इससे पहले मध्यप्रदेश सरकार भी पाठ्यपुस्तक से खिलजी की शौर्य गाथा हटाकर पद्मावति की सच्ची कहानी जोड़ना चाहती है।
केंद्र सरकार ने हाल ही में बड़ा फैसला लिया है। अब NCERT की किताबों का सिलेबस बदला जा रहा है। कक्षा 7वीं में शिवाजी महाराज और महाराणा प्रताप के बारे में पूरा चैप्टर होगा। मोदी सरकार के केंद्र में आने के बाद से ही भारतीय शूरवीरों की गाथाएं बच्चों की किताबों में जोड़ने की मांग की जा रही थी। इस फैसले के बाद इस्लामिक हमलावरों को महान बताने वाले तथ्य हटा दिए जाएंगे। भारत के असली नायकों की प्रेरणादायी कहानियां सिलेबस में जोड़ दी जाएगी। इन किताबों में बताया जाएगा कि शिवाजी ही विजेता और महान थे, अकबर कभी महान नहीं हो सकता, औरंगजेब भी नहीं महाराणा प्रताप असली हीरो थे। सूत्रों के मुताबिक जल्द ही एनसीईआरटी की किताबों में कई संशोधन के साथ किताबें बच्चों के पास उपलब्ध हो जाएगी।
दूर होगी मानसिक गुलामी
स्कूली बच्चों की किताब में अकबर को महान बताया था। इसके साथ ही औरंगजेब सबसे अच्छा शासक बताया गया है। कहा जाता है कि यह स्थिति थोपी गई है, जब देश की पीढ़ी मानसिक गुलाम थी। यह स्थिति आगे रहने से भी आने वाली पीढ़ी भी मानसिक गुलाम हो जाएगी। इसलिए मुस्लिम और क्रूर राजाओं की महिमामंडन कम कर भारतीय वीरों की भी शौर्य गाथा बच्चों को पढ़ने को मिलेगी।
तो जोड़ा जाएगा शिवाजी का पाठ
एनसीईआरटी की 7वीं कक्षा की इतिहास की किताब में बच्चे शिवाजी और महाराणा प्रताप की शौर्य गाथा पढ़ेंगे।
-इस संबंध में काफी समय से मांग भी की जा रही थी। शिवसेना और हिन्दू जनजाग्रति आयोग ने भी सरकार से अपील कर कहा था कि शिवाजी और महाराणा प्रताप के इतिहास से संबंधित अधिक सामग्री उपलब्ध नहीं है, लेकिन मुगल शासकों के बारे में कई पेज दिए गए हैं।
हिन्दू जनजाग्रति आयोग ने यह भी कहा था
-हिन्दू जनजाग्रति आयोग ने कहा था कि पाठ्यपुस्तक में शिवाजी की कोई तस्वीर तक नहीं दी गई है, जबकि बाबर और उनके वंशजों की तस्वीरें इसमें शामिल की गई हैं।
-केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह भी कई बार कह चुके हैं कि राजपूत योद्धाओं को इतिहास में उचित स्थान नहीं मिल पाया है और इतिहासकारों को महाराणा के योगदान का पुनः मूल्यांकन करना चाहिए।
-NCERT के पाठ्यक्रम का प्रथम संस्करण 2007 में छापा गया था।
-एनडीए सरकार के कार्यक्रमों स्वच्छ भारत अभियान , बेटी बचाओ बेटी पढाओ, डिजिटल इंडिया और नोटबंदी को भी अलग-अलग पाठ्यक्रमों में शामिल किया गया है।
-उदाहरण के लिए जीएसटी को कक्षा इलेवन अर्थशास्त्र पाठ्यपुस्तक के अध्याय 3 में शामिल गया है।
जावड़ेकर ने कहा- आधा होगा कोर्स
मध्यप्रदेश से राज्यसभा सांसद और केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने बच्चों का भारीभरकम कोर्स कम करने की जरूरत बताई थी। इस बात पर जानकार खुशी जाहिर कर रहे हैं। कई लोगों ने प्रकाश जावड़ेकर के ट्वीट पर भी अपने विचार व्यक्त किए हैं। इसके अलावा एनसीईआरटी की किताबों में भी संशोधन कर हिन्दुस्तानी महापुरुषों और वीरों का पाठ जोड़ा जाएगा।
Published on:
07 Mar 2018 03:36 pm
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