
भोपाल नगर निगम
भोपाल। भोपाल नगर निगम का प्रतीक चिह्न सोमवार से राजाभोज की तस्वीर वाला हो गया है। निगमायुक्त बी विजय दत्ता ने इसके आदेश जारी किए।
नगर निगम परिषद में इसके लिए प्रस्ताव पारित हुआ था। मछलियों की तस्वीर वाला प्रतीक चिह्न अब नहीं लगेगा। इस मामले में निगम परिषद में काफी बहस भी हुई थी। कांगे्रसी पार्षदों में से कई ने इसका विरोध किया था।
इधर, निगम के कर्मचारी कर रहे थे वाहनों से डीजल चोरी!
वहीं भोपाल नगर निगम के वाहनों से डीजल चोरी करते हुए कर्मचारियों के सोमवार को दो और वीडियो सामने आ गए, जिसके बाद निगम को मजबूरी में कार्रवाई करनी पड़ी। दरअसल दो दिन में इस तरह के कुल तीन वीडियो वायरल हुए हैं।
सोमवार को जिस गाड़ी से डीजल चोरी करते हुए वीडियो सामने आया था, उसके ड्राइवर जावेद ने निशातपुरा थाने में गाड़ी से डीजल समेत अन्य सामान चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई है। निगम प्रशासन ने इन वाहनों के ड्राइवर्स को हटा दिया है।
निगम में डीजल टैंक से डीजल घोटाले का बड़ा मामला खुलने के बाद उम्मीद की जा रही थी कि अब चोरी रुक जाएगी, लेकिन वायरल वीडियो जाहिर कर रहे हैं कि बड़ी मात्रा में अब भी डीजल चोरी हो रहा है। बताया जा रहा है डीजल टैंक से निगम के वाहन डीजल ले जाते हैं और थोड़ी ही दूर डीजल बेच दिया जाता है।
सूत्रों के मुताबिक डीजल चोरी से निगम को हर महीने लाखों की चपत लगाई जा रही है। गौरतलब है कि 2016 में हुए डीजल घोटाला तत्कालीन निगमायुक्त छवि भारद्वाज ने खोला था।
घोटाले की जांच रिपोर्ट अब तक सामने नहीं आई। लोकायुक्त में भी मामला दर्ज है। लोकायुक्त पुलिस निगम अफसरों पर सहयोग नहीं करने का आरोप लगा चुकी है। निगम के एक हजार वाहनों के लिए प्रतिमाह करीब 26 टैंकर डीजल आता है। इसका सालाना करीब 12 करोड़ रुपए का बजट है।
जो वीडियो सामने आए हैं, उनका परीक्षण किया गया। इसके बाद तीनों वाहनों के ड्राइवर्स को काम से हटा दिया है। मामले की विस्तार से जांच कर रहे हैं।
- राजेश राठौर, अपर आयुक्त
Updated on:
16 Jul 2019 10:28 am
Published on:
16 Jul 2019 10:27 am
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