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विस अध्यक्ष पहुंचे दिल्ली, बोले- एमपी भवन की बुकिंग आॅनलाइन करो, बताओं कौन ठहरा, कितने कक्ष खाली

- बदलेगी एमपी-भवन की बुकिंग व्यवस्था, अब ऐसे होगी बुकिंग...- विधायकों की बजाए आइएएस के एमपी-भवन में ठहरने को लेकर नाराजगी...  

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भोपाल@जितेन्द्र चौरसिया की रिपोर्ट...

मध्यप्रदेश विधानसभा सदस्य सुविधा समिति ने गुरुवार को दिल्ली में मध्यप्रदेश भवन का दौरा किया। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति ने एमपी-भवन में ही विधायकों को ठहरने देने के लिए कहा। उन्होंने इस पर एतराज जताया कि एमपी-भवन को भरा बता दिया जाता है।

प्रजापति ने कहा कि एमपी-भवन में कितने कक्ष भरे हैं, कितने खाली हैं और कौन ठहरा हुआ है, इसका पूरा ब्यौरा आनलाइन मौजूदा होना चाहिए। साथ ही एमपी-भवन में कक्ष के लिए मैन्युअल या फोन की बजाए आनलाइन व्यवस्था शुरू की जाए। आनलाइन ही कक्षों की बुकिंग होनी चाहिए।

यह बात उन्होंने नईदिल्ली के एमपी भवन में समीक्षा बैठक के दौरान आवासीय आयुक्त आइसीपी केसरी से कही। समिति को एतराज था कि एमपी-भवन में विधायकों अधिकतर मौकों पर कक्ष नहीं मिलते हैं। इस कारण एमपी-भवन की बुङ्क्षकग की पूरी व्यवस्था को बदलने के निर्देश दिए गए।

इसके तहत बुकिंग व्यवस्था को आनलाइन करके पूरी रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है। समिति ने मध्यप्रदेश के नए बनने वाले भवन का दौरा भी किया। इसके अलावा लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से भी समिति ने जाकर मुलाकात की। इस दौरे में समिति सभापति घनश्याम सिंह व सदस्य देवेंद्र वर्मा, योंगेंद्र सिंह सहित अन्य और विधानसभा पीएस एपी सिंह शामिल थे।

सिटी से दूर ठहरा देते विधायकों को-
दरअसल, समिति को विधायकों ने शिकायत की थी कि विधायक प्रोटोकॉल में आइएएस से ऊपर आते हैं, लेकिन सामान्यत: आईएएस अफसरों को वहां कक्ष मिल जाते हैं, जबकि विधायकों को नहीं मिलते। विधायकों को एयरपोर्ट के समीप मध्यांचल भवन में कक्ष दिए जाते हैं। जबकि, दूरी के लिहाज से चाणक्यपुरी स्थित एमपी-भवन अधिक मुफीद है।

विधायकों का तर्क है कि एमपी-भवन के कक्ष खाली होने पर भी भरे बता दिए जाते हैं, ताकि आइएएस के लिए रिजर्व रह सके। इस कारण समिति ने आनलाइन व्यवस्था कराना तय किया है, ताकि पहले ही पता चल जाए कि कितने कक्षा खाली है और कितने कक्ष भरे हैं।

विधानसभा सदस्य समिति का दौरा था। उनके अपने कुछ इश्यु थे उन पर बात हुई है। यह कहना गलत है कि आईएएस को विधायक से पहले प्राथमिकता दी जाती है। एमपी भवन में कमरे खाली नहीं होने पर ही विधायकों को मध्यांचल भवन में शिफ्ट किया जाता है। जल्द ही ऑनलाइन बुकिंग सिस्टम शुरु किया जाएगा।
- आईसीपी केसरी, आवासीय आयुक्त मध्यप्रदेश भवन

एमपी-भवन के अधिकारियों बताया कि सालभर में कभी-कभार ही एेसा होता है कि विधायकों को एमपी-भवन में कक्ष नहीं मिल पाया हो, तब ही उन्हें मध्यांचल में ठहराया जाता है। बाकी अब आनलाइन व्यवस्था करने के लिए कहा गया है।
- घनश्याम सिंह, सभापति, विधानसभा सदस्य सुविधा समिति, मप्र

2016 में सुविधा समिति की बैठक की कार्रवाई विवरण में शिकायत थी कि आइएएस के लिए कक्ष रिजर्व रख लिए जाते हैं और विधायकों को कक्ष नहीं दिए जाते हैं। एम-पी भवन के अधिकारियों को तर्क है कि अब एेसा नहीं हो रहा है।

- सुनील सर्राफ, कांग्रेस विधायक व सदस्य, विधानसभा सदस्य सुविधा समिति, मप्र