भोपाल। अब प्रदेश की सरकार एक बड़ा व्यापार करने जा रही है। गड़बड़ी, चोरी और मनमानी पर लगाम कसने के लिए सरकार ने खुद यह बिजनेस करने का बीड़ा उठाया है। जानें आखिर क्या है सरकार का ये बिजनेस और उसकी प्लानिंग...
आपको बता दें कि प्रदेश में नई रेत व्यवस्था को लेकर 21 जुलाई को वर्कशॉप का आयोजन किया जा रहा है। इस नई नीति में रेत की चोरी रोकने का प्रयास किया गया है। जनहित को ध्यान रखते हुए सरकार अब तेलंगाना की तर्ज पर मध्यप्रदेश में भी रेत का कारोबार अपने हाथों में लेने जा रही है।
* प्रदेश में रेत माफियों की मनमानी पर लगाम कसने के लिए सरकार ने रेत के कारोबार को अपने हाथ में लेने का निर्णय लिया है।
* अब डंपर संचालक रेत खनन करके सीधे बाजार नहीं पहुंच सकेंगे।
* रेत को बेचने का काम खुद मध्यप्रदेश सरकार करेगी।
* सरकार ही रेत का खनन कराएगी और अपने डिपो में स्टॉक करेगी।
* रेत खरीदने वाले माइनिंग की वेबसाइट पर बुकिंग करेंगे और सरकार के खाते में पेमेंट भी ऑनलाइन ही किया जा सकेगा।
* पेमेंट जमा होते ही खरीदार के मोबाइल पर एसएमएस पहुंच जाएगा।
* यह मैसेज डिपो पर दिखाने पर ही डंपर में रेत भरी जा सकेगी।
* इस व्यवस्था से जहां डंपर संचालकों की गड़बडिय़ों पर रोक लग सकेगी, बल्कि आम लोग भी सरकारी दामों पर रेत खरीद सकेंगे। उन्हें किसी तरह का कोई कमीशन नहीं देना पड़ेगा।
* आपको बता दें कि अक्टूबर महीने से नर्मदा नदी से निकाली जाने वाली रेत पर यह नई व्यवस्था लागू कर दी जाएगी।
* तेलंगाना में रेत माफियो पर लगाम कसने शुरू की गई ये व्यवस्था सफल हुई, जिसके बाद प्रदेश सरकार ने इस व्यवस्था को एमपी में शुरू करने का फैसला लिया है।