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भोपाल के औद्योगिक क्षेत्र बगरोदा में 10 एकड़ जमीन में अंडरग्राउंड बनेगी एनसीडीसी की लैब, खतरनाक वायरस की होगी जांच

जमीन और अन्य कारणों से इसे सीहोर शिफ्ट करने की थी तैयारी, जिला प्रशासन के अफसरों ने तेजी दिखाते हुए बगरोदा में तय कर दी जमीन, प्रस्ताव शासन के पास जाएगा, आनंद नगर लैब के बाद एक और बड़ी सौगात मिलेगी भोपाल को

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भोपाल

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Sunil Mishra

Aug 27, 2022

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कोरोना के बाद देश में लगातार कोराना व अन्य प्रकार के वायरसों के म्यूटेशन बढ़े हैं। ऐसे में इनकी पहचान के अलावा अन्य प्रकार के शोध और जांच होना जरूरी है। इसके लिए एनसीडीसी (नेशनल सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल) रीजनल सेंटर भोपाल में बनाएगी। इसके लिए बगरोदा में 10 एकड़ जमीन चिन्हित कर ली गई है। इसमें सौ करोड़ की लागत से सेंटर का निर्माण किया जाएगा। ये पूरी लैब अंडग्राउंड बनाइ जाएगी। जिला प्रशासन के अफसर जल्द ही इसका प्रस्ताव बना कर शासन को भेजेंगे। जमीन का आवंटन होते ही निर्माण शुरू कर दिया जाएगा।
स्वाइन फ्लू, जीका, निपाह, कोरोना जैसे संक्रामक वायरस सक्रिय हैं। इनमें लगातार म्यूटेशन होने से ये अपग्रेड हो जाते हैं। इसके लिए लैब का भी अपडेट और हाईटेक होना जरूरी है। अभी जांच के लिए सैंपल दिल्ली, पुणे भेजने पड़ते हैं। इस लैब के बनने से वायरस की जांच समय पर हो सकेगी और उसके रोकथाम के लिए जरूरी कदम भी जल्द उठाए जा सकेंगे।
दो बार स्थान बदला, तीसरी बार में बनी सहमति

भोपाल में एनसीडीसी की बायोसेफ्टी लेवल- 2 (बीसीएल-2) लैब बनाने का प्रस्ताव केंद्र की तरफ से आया है। इसके लिए पहले ईदगाह हिल्स पर जमीन देने की सहमति बनी लेकिन वहां अतिक्रमण होने के कारण इसे सीहोर जिले में शिफ्ट करने की तैयारी शुरू हो गई थी। लेकिन दूरी अधिक होने के कारण यह मामला भी आगे नहीं बढ़ सका। जिला प्रशासन और एनसीडीसी के अफसरों ने मीटिंग कर इसके लिए जमीन आवंटन कराने और रीजनल सेंटर बनाने के लिए खुद पहल शुरु की है। इसके बाद एनसीडीसी के अफसरों को दो स्थानों पर जमीन दिखाई गई। जिसमें बगरोदा के पास दस एकड़ जमीन का चयन किया गया।

निपाह, जीनोम सिक्वेंसिंग तक होगी यहां

एनसीडीसी का रीजनल सेंटर बीमारियों के प्रसार पर नजर रखेगा। इस सेंटर में आरटीपीसीआर जांच से लेकर जीनोम सिक्वेंसिंग, लेकर तमाम जांच की व्यवस्थाएं होंगी। रिसर्च के लिए विशेषज्ञों की टीम काम करेगी। निपाह वायरस,जीका वायरस, जेई, सीसीएचएफ स्क्रब टाइफस, सार्स, एच1एन1, इबोला, कोरोना जैसे वायरस की जांच के लिए जीनोम सिक्वेंसिंग की व्यवस्था भी यहां रहेगी। फिलहाल लैब निर्माण के लिए केंद्र सरकार ने 10 करोड़ रुपए जारी किए हैं।