पप्पू भी लौटा तो पत्नी सीमा ने सामाजिक जिम्मेदारी का अहसास कराया, बोली- कुछ करो किसी की मिट्टी (शव) को खराब मत होने दो। इसके बाद पप्पू ने हबीबगंज पुलिस को खबर दी। एक बार फिर सम्भ्रांत दिल कठोर हो गए। पुलिस आई, दरवाजे खटखटाए, लेकिन कोई बाहर नहीं निकला। कुछ चेहरे बाहर निकले, लेकिन कोई है नहींÓ का हवाला देकर किवाड़ बंद कर लिए। पुलिस पंचनामा करने के लिए पांच लोगों का इंतजार करती रही, लेकिन इस कॉलोनी में पंचनामे पर दस्तख्त करने वाले पांच लोग न मिले। फिर भी पप्पू आगे आया राह चलते कुछ लोगों को रोका और पंचनामा कराने के बाद बिटिया की लाश को पोस्टमार्टम के लिए हमीदिया भिजवाया।