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Bhopal News- राजधानी के प्रमुख बाजार और मार्गों पर पांच से छह लाख लोगों की राहत अटकी

- रोशनपुरा और बोर्ड ऑफिस में ट्रैफिक लोड कम करने की कवायद - पांच अंडरपास के लिए बजट नहीं- बीते तीन साल में बीआरटीएस पर दुर्घटनाओं में दस से ज्यादा मौतें

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भोपाल।Bhopal

मिसरोद से बैरागढ़ तक 24 किमी लंबाई में फैले बीआरटीएस को पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित बनाने शहर में पांच लोकेशन पर अंडरपास बनाने के लिए बीसीएलएल के पास बजट नहीं है। शहर के प्रमुख् बाजार, मार्ग पर प्रस्तावति अंडर पास न बनने से पांच से छह लाख लोगों की राहत अटक गई है। इतने लोगों का रोजाना आवागमन इन बाजारों में होता है।

बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की तरफ से प्रस्ताव पारित करने के बाद शहर में पांच प्रमुख स्थानों पर सर्वे भी किया जा चुका है। पिछले ढाई साल से नगर निगम बगैर परिषद के कार्यरत है। चुनाव बाद अब उम्मीद की जा रही है कि मेयर मालती राय इस मुद्दे पर ध्यान देंगी। फिलहाल ऐसा अंडरपास केवल न्यू मार्केट खेड़ापति हनुमान मंदिर साइड से कॉफी हाउस तरफ जाने के लिए बना हुआ है।

बीआरटीएस की डेडीकेटेड लेन की रैलिंग फांदकर पार करने के चक्कर में पिछले तीन साल में कई ऐसी गंभ्ीर दुघर्टनाएं हो चुकी हैं जिसमें 10 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। भविष्य में और हादसे नहीं हों इसके लिए बैरागढ़, लालघाटी, रोशनपुरा, बोर्ड ऑफिस पर ये अंडरपास बनाने की प्लानिंग की गई थी।

बीआरटीएस में इन स्थानों पर अंडरपास बनने थे
बैरागढ़ रेलवे स्टेशन- मुख्य मार्ग से स्टेशन की ओर जाने के लिए लो फ्लोर बस से उतरकर और डेडीकेटेड लेन कट प्वाइंट पार करने के बाद स्टेशन मार्ग शुरू होता है। यहां अंडरपास बनने से रोजाना 1 लाख से ज्यादा यात्रियों को सुरक्षित पैदल मार्ग मिल सकेगा।

बैरागढ़ मार्केट- यहां कपड़ा बाजार में मार्केङ्क्षटग करने प्रतिदिन 20 हजार से ज्यादा खरीदारों का आना-जाना होता है। मुख्य मार्ग के दोनों तरफ मार्केट फैला हुआ है, लेकिन बीच में बीआरटीएस और डेडीकेटेड लेन गुजरती है। इस वजह से यहां कई बार हादसों में लोग जान गवां चुके हैं।

लालघाटी चौराहा- लो फ्लोर बस के चारों दिशाओं में बस स्टॉपेज मौजूद हैं। अलग-अलग रूट की बसें यहां आकर रुकती हैं और यात्री बस बदलने के लिए चौराहे को बगैर जेब्रा क्रॉङ्क्षसग पार करते हैं। यहां कलेक्ट्रेट और सिंगारचोली साइट पर दो अंडरपास जरूरी हैं।

रोशनपुरा चौराहा- खेड़ापति हनुमान मंदिर के अलावा रोशनपुरा चौराहे पर मार्केट से निकलकर सड़क पार करने वाले राहगीर अभी भारी यातायात के बीच मुख्य सड़क पैदल पार करते हैं। यहां अंडरपास बनने से मार्केट से निकलकर दूसरी तरफ जाने वाले पैदल यात्रियों को आसानी होगी।

बोर्ड ऑफिस चौराहा- एमपी नगर जोन वन से जोन टू की तरफ रोजाना 2 लाख की आबादी पैदल मुख्य मार्ग पार करती है। यहां हादसों की सबसे ज्यादा संभावना बनी रहती है। ज्योति चौराहा और बोर्ड ऑफिस के बीच एवं प्रगति पेट्रोल पंप मार्ग पर अंडरपास बनने से सबसे ज्यादा फायदा इन राहगीरों को पहुंचेगा।

अंडरपास के लिए बोर्ड ऑफ डायरेक्टर के निर्देशानुसार कार्रवाई की जाएगी। फाइल दोबारा चर्चा में लाई जाएगी।
- आरके सक्सेना, सिटी इंजीनियर, बीसीएलएल