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चार साल में भी नहीं बदले हालात, हिंदी के शिक्षक पढ़ा रहे अंग्रेजी

सांसद ने शुरू कराया था इंग्लिश मीडियम स्कूल  

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होशंगाबाद. सांसद राव उदयप्रताप सिंह ने सांगाखेड़ा गांव को गोद लिया और प्राइमरी स्कूल को अंग्रेजी माध्यम घोषित कर दिया। इस पहल की खूब चर्चा हुई, लेकिन इस स्कूल में चार साल बाद भी अंग्रेजी विषय के शिक्षक पदस्थ नहीं किया जा सका। हिंदी के शिक्षक को अंग्रेजी पढ़ाने का जिम्मा दिया गया है। ये शिक्षक कभी छुट्टी ले ले तो स्कूल में ताला लटका रहता है।
सांगाखेड़ा कितना आदर्श हुआ, इसकी पोल सड़कें और यहां हुए निर्माण कार्य भी खोल रहे हैं। सीमेंटेड सड़कें बनाई गई हैं, लेकिन नालियों का निर्माण नहीं किया गया। लिहाजा सड़कों पर गंदा पानी बहता है। सांगाखेड़ा में मिडिल, प्राइमरी और कन्या शाला समेत तीन स्कूल हैं, सभी में शिक्षकों की कमी है। स्कूल के शौचालयों के गेट टूटे हैं और पानी नहीं होने से गंदे भी रहते हैं। स्वास्थ्य सुविधाओं के नाम पर सिर्फ एक-दो टेबलेट्स मिलती हैं। विकास के नाम पर 50 लाख की लागत से पक्का बाजार बना है, लेकिन यहां दुकानदार जाने को तैयार नहीं हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सांसद के गोद लेने के बाद भी गांव की हालत नहीं बदली है। लोगों की शिकायत है कि सांसद का आना-जाना कम है, इसलिए भी अधिकारी ध्यान नहीं देते हैं। पहले ढेरों योजनाओं की बात की जा रही थी, अब सब नदारद हैं।
- टुकड़ों में बनाई सड़क
सड़कों का निर्माण टुकड़ों में कराया गया, इसलिए ये समतल नहीं हैं। इसमें भी पानी 24 घंटे बहता रहता है। गंदगी के कारण गांव में पैदल चलना भी मुश्किल है। संक्रमण और मच्छरों का खतरा बना रहता है।

- नर्स-कंपाउंडर के भरोसे स्वास्थ्य
8000 की आबादी वाले गांव में स्वास्थ्य सुविधा के नाम पर एक एएनएम और एमपीडब्ल्यू को पदस्थ किया है। उनके पास बीपी जांचने के लिए मशीन तो है, लेकिन सेल नहीं होने के कारण अकसर बंद रहती है। दवाओं की भी कमी है। भृत्य तक पदस्थ नहीं है।
- पानी की टंकी तैयार, सप्लाई नहीं
गांव में पानी सप्लाई गिनती के घरों में हो पा रही है। यहां करीब दो हजार घर हैं, जहां छह लाख लीटर पानी की जरूरत बताकर 43.63 लाख की वाटर सप्लाई का काम 2015-16 में शुरू हुआ था। हर घर तक पानी अभी तक नहीं पहुंचा है। इतना खर्च करने के बाद भी गिनती के घरों तक ही पानी पहुंच सका है।
- सोसाइटी बंद, किसान परेशान
सांगाखेड़ा कलां की सोसाइटी बंद करने के बाद वहां के किसान परेशान हैं। अब किसानों को खाद के उठाव और गेहूं व धान की बिक्री के लिए होशंगाबाद आना पड़ता है। इसके लिए किसान आंदोलन करने की तैयारी कर रहे हंै। किसानों का कहना है कि 30 हजार क्विंटल धान की खरीदी अब होशंगाबाद में होगी। इसके परिवहन के लिए किसानों को मोटी रकम खर्च करना होगी।
- सांगाखेड़ा एक नजर
विकास के लिए 31 कार्यों का चयन किया गया था। इनमें अधिकतर कार्य नहीं हुए हैं।
सिर्फ हाट बाजार और मछली बाजार बना, पर दुकानें शिफ्ट नहीं हुईं।
लघु लोकसेवा केंद्र, डेयरी विकास और रेशम उत्पादन अभी तक शुरू नहीं हो सका।

सड़कों पर बहने वाला पानी नहर का सीपेज है। इसका स्थायी हल निकालने की कोशिश की जा रही है। जो काम अधूरे हैं, उन्हें पूरा करने के लिए सरपंच से बात कर प्रयास कर रहे हैं। गांव बड़ा है, इसलिए विकसित होने में समय तो लगेगा।
- पीसी शर्मा, सीइओ, जिला पंचायत होशंगाबाद

हमने गांव में अपनी सांसद निधि से कुछ ज्यादा खर्च नहीं किया है। एक विधानसभा में 65 लाख के खर्च का अधिकार है। अधोसंरचना बढ़ाने के लिए योजनाओं का अच्छी तरह से क्रियान्वयन कराने का प्रयास है।
- राव उदयप्रताप सिंह, सांसद होशंगाबाद

गांव में स्वास्थ्य सेवा बदहाल है। स्कूलों में छात्र-छात्राओं के बैठने के लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं नहीं हैं। हम गांव से शराब की दुकान को बाहर करने के लिए लड़ रहे हैं। गांव की सड़कों पर गोबर-कीचड़ और पानी की भरमार है।
- कृष्ण कुमार गौर, पूर्व सरपंच

गांव में करीब 44 सड़कें प्रस्तावित हैं। अभी करीब 20-22 सड़कों की स्वीकृति मिली है। हम प्रयास कर रहे हैं कि गांव की व्यवस्थाओं में सुधार हो सके।
- रामभरोसे अहिरवार, सरपंच सांगाखेड़ा कलां