
बुजुर्गों के लिए सर्वसुविधायुक्त रूम
Sandhya Chhaya- हमारे आसपास ऐसे अनेक वृद्ध माता-पिता घरों में एकांकी जीवन व्यतीत कर रहे हैं जिनके बच्चे रोजगार की तलाश में मेट्रोपोलिटन शहर में या विदेशों में चले गये हैं और उनकी देखरेख करने वाला कोई नहीं है। ये बुजुर्ग आर्थिक सम्पन्नता होते हुए भी सामाजिक और परिवारिक वातावरण से दूर रहने के लिए मजबूर हैं। ऐसे वरिष्ठजनों के लिए मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में एक लक्जीरियस ओल्ड एज होम "संध्या छाया" बनाया गया है। यहां रहने के लिए एक बुजुर्ग को मंथली खर्च 50 हजार रुपए खर्च करने होंगे। सामाजिक न्याय दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा यह पेड ओल्ड एज होम बनवाया गया है। एक अभिनव प्रयोग के रूप में इसे करीब 24 करोड़ रूपए की लागत से तैयार कराया गया है।
बदलते सामाजिक परिवेश में छोटे परिवारों में वृद्धजन की देखरेख, स्वास्थ्य सुरक्षा और एकांकीपन एक बड़ा प्रश्न बनकर उभरा है। समाज की इस समस्या के निराकरण के लिए भोपाल में सर्वसुविधायुक्त वृद्धाश्रम बनाया गया है जोकि पत्रकार कॉलोनी लिंक रोड न. 3 पर स्थित है।
ओल्ड एज होम "संध्या छाया" 5 एकड़ से अधिक भूमि पर बना है, इसमें 12 सिंगल बेड, 22 डबल बेड, कुल 34 कमरें है। इसमें 56 वरिष्ठजनों के रहने की उत्तम व्यवस्था है। भवन में वातानुकूलित कमरे, टीवी, फ्रिज, गर्म एवं ठंडा पानी, निजी बालकनी की व्यवस्था प्रत्येक रूम में है।
स्वास्थ्य सेवाएं- डॉक्टर परामर्श की भी सुविधा है। भवन में फिजियोथेरिपी सेंटर, आपातकालीन चिकित्सा सहायता सुविधा भी दी गई है। वरिष्ठजनों के मनोरंजन एवं लाइब्रेरी, ओपन मेस, डाइनिंग हॉल ओर वरिष्ठजनों के लिये विशेष रूप से डिजाइन किया गया पाथ-वे, प्रत्येक कमरे में अटैच बाथरूम, इन सभी में काल बेल, इंटरकाम, टेलीफोन की व्यवस्था दी गई है। आश्रम में सुरक्षा के भी व्यापक इंतजाम किए गये हैं।
"संध्या छाया" के संचालन में सामाजिक भागीदारी दर्ज कराते हुए सेवा भारती मध्य भारत को इसके संचालन का जिम्मा दो वर्षों के लिए दिया गया है। वृद्धाश्रम में रहने वाले वरिष्ठजन को प्रतिमाह कमरे के आकार के अनुसार अलग अलग राशि देनी होगी। एक डबल बेड 60 स्कायर मीटर- 39490 रूपए, डबल बेड रूप 90 स्का. मीटर 43490 रूपये, डबल बेड 56.5 स्का. मीटर 38490 रूपये, सिंगल बेड 49.2 स्का. मीटर 49990, सिंगल बेड 35 स्का. मीटर 47990 रूपये तथा सिंगल बेड 33.5 स्का. मीटर 45990 रूपये प्रतिमाह चार्ज देना होगा।
उल्लेखनीय है कि प्रदेश में सामाजिक न्याय विभाग द्वारा 83 वृद्धाश्रम संचालित किये जा रहे है। इनमें अभी 2 हजार 300 वृद्धजन निवासरत है। यह सभी रहवासियों को नि:शुल्क रहने, भोजन, कपड़े, स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराते है। इसके बाबजूद आर्थिक रूप से सम्पन्न वरिष्ठजनों के लिए यह पेड ओल्ड एज होम एक अभिनव पहल है। राज्य शासन की मंशा भविष्य में पीपीपी मॉडल पर सशुल्क वृद्धाश्रम करने की है। इसके लिए राज्य सरकार नई नीति बनाने पर कार्य कर रही है।
Updated on:
24 Jan 2026 03:22 pm
Published on:
24 Jan 2026 03:18 pm
बड़ी खबरें
View Allभोपाल
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
