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वो शक्ति हैं, सशक्त हैं, वो भारत की नारी हैं… भोपाल में स्त्री शक्ति की गूंज

Vijaya Rahatkar - रवीन्द्र भवन में “शक्ति संवाद” कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसे राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर Vijaya Rahatkar ने संबोधित किया

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National Commission for Women Chairperson Vijaya Rahatkar arrives in Bhopal

National Commission for Women Chairperson Vijaya Rahatkar arrives in Bhopal

Vijaya Rahatkar- एमपी की राजधानी भोपाल Bhopal में बुधवार को नारी शक्ति की गूंज सुनाई दी। यहां के रवीन्द्र भवन में “शक्ति संवाद” कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसे राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर Vijaya Rahatkar ने संबोधित किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विचार- वो शक्ति हैं, सशक्त हैं, वो भारत की नारी हैं… न कम हैं, न ज़्यादा हैं, वो सब में बराबरी की अधिकारी हैं।” को उद्धृत करते हुए कहा कि आज का भारत महिलाओं की शक्ति, क्षमता और नेतृत्व से नई दिशा प्राप्त कर रहा है। आंगन से आसमान तक महिलाओं की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। कार्यक्रम में महिला सशक्तिकरण, सरकारी नीतियों, सामाजिक पहलों और महिलाओं के मानसिक स्वास्थ्य व समग्र कल्याण से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। यहां मेंटल हेल्थ और सायको सोशल वेलबीइंग पर एमओयू भी हुआ।

शक्ति संवाद कार्यक्रम में विजया रहाटकर ने बताया कि राष्ट्रीय महिला आयोग महिलाओं की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए देशभर में “आयोग आपके द्वार” के तहत जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित कर रहा है, ताकि किसी भी महिला को न्याय मिलने में देरी न हो। उन्होंने बताया कि इस पहल की पहली जनसुनवाई भोपाल से प्रारंभ हुई थी और आज सौवीं जनसुनवाई भी भोपाल में आयोजित होना इस शहर के लिए विशेष महत्व रखता है।

राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने कहा कि भारत की बदलती तस्वीर में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और यह परिवर्तन केवल व्यक्तिगत नहीं बल्कि नीतिगत और योजनाओं के समन्वित प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने महिलाओं के अधिकारों को सशक्त करने के लिए किए गए कानूनी सुधारों का भी उल्लेख किया। विजया रहाटकर ने बताया कि हाल के वर्षों में 4 नए श्रम कानून लागू किए गए हैं, जिनमें महिलाओं के हितों का विशेष ध्यान रखा गया है। इसमें महिलाएं सुरक्षा के साथ नाइट शिफ्ट कार्य भी कर सकती हैं। साथ ही समान वेतन की भी हकदार होंगी। साथ ही लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं के प्रतिनिधित्व को बढ़ाने के लिए “शक्ति वंदन” अधिनियम के माध्यम से लगभग 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है।

महिलाओं के लिए विशेष एआई आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम

तकनीक और नवाचार की भूमिका पर जोर देते हुए विजया रहाटकर ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का सकारात्मक उपयोग महिलाओं के कौशल विकास, स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और उद्यमशीलता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। महिलाओं के लिए विशेष एआई आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार किए जा रहे हैं, ताकि वे अपने व्यवसाय और लक्ष्यों को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकें। राष्ट्रीय महिला आयोग विभिन्न क्षेत्रों में कार्य कर रही महिलाओं को एआई प्रशिक्षण देकर सशक्त किया जा रहा है।

महिला एवं बाल विकास विभाग की आयुक्त निधि निवेदिता ने कहा कि भारत का संविधान महिलाओं को समान अधिकार और सम्मान प्रदान करता है। उन्होंने मध्यप्रदेश में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित लाड़ली लक्ष्मी योजना, लाड़ली बहना योजना, महिला सुरक्षा के लिए वन स्टॉप सेंटर और महिला हेल्पलाइन के संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि इन योजनाओं से महिलाओं और बालिकाओं के सशक्तिकरण, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है।

महिला सुरक्षा शाखा के स्पेशल डीजी अनिल कुमार ने कहा कि परिवार समाज की मूल इकाई है और जब परिवार में मनमुटाव या असंतुलन उत्पन्न होता है तो परिस्थितियां गंभीर हो जाती हैं। उन्होंने कहा कि समाज में कई बार लोग गलत को गलत कहना बंद कर देते हैं, जिससे समस्याएं बढ़ती हैं। शिकायत यदि सही समय पर और सही स्थान पर की जाए तो सत्य स्वयं सामने आ जाता है और न्याय त्वरित मिलता है।

कार्यक्रम में सैनिक परिवारों के कल्याण से जुड़े विषयों पर भी विशेष चर्चा हुई। मध्यप्रदेश राज्य महिला आयोग ने आर्मी वाइव्स वेलफेयर एसोसिएशन के साथ मिलकर आर्मी पर्सनल की पत्नियों और वीर नारियों के लिए आर्थिक और सामाजिक सहयोग की योजनाएँ संचालित करने की पहल की है। इसके अंतर्गत आर्मी कैंट क्षेत्र में “तेरे मेरे सपने” केंद्र स्थापित करने का प्रस्ताव रखा गया है, जहां सैनिक परिवारों की महिलाओं के लिए कौशल विकास, सामाजिक सहयोग और वित्तीय समन्वय से जुड़े कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे।

राज्य महिला आयोग के सचिव सुरेश तोमर ने बताया कि जल्द ही झाबुआ में सायबर वेलबीइंग सेन्टर खोला जाएगा। उन्होंने बताया कि समाज में फैली कुप्रथाओं को चिन्हांकित कर इसके समाधान और कानून के लिए लॉ यूनिवर्सिटी के साथ कार्य किया जा रहा है।

राज्य महिला आयोग और स्काई सोशल संस्था के बीच एमओयू

कार्यक्रम में समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली महिलाओं का सम्मान भी किया गया। इस अवसर पर महिलाओं और बालिकाओं के मानसिक स्वास्थ्य तथा साइको-सोशल वेलबीइंग को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए मध्यप्रदेश राज्य महिला आयोग और स्काई सोशल संस्था के बीच एक एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। इसके माध्यम से राज्य में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता, परामर्श और सहायता से जुड़े कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे।