भोपाल। हिंदू धर्म में गुरुवार के दिन का काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। यह दिन सभी देवी-देवताओं के गुरु ब्रहस्पति का दिन होता है साथ ही नौ ग्रहों में सबसे बड़े ग्रह का दिन होता है।
पंडित सुनील शर्मा के अनुसार इस दिन भगवान विष्णु की पूजा का अधिक महत्व है। इतना ही नहीं इस दिन विधि-विधान के साथ पूजा करने से गुरु ग्रह भी शांत रहता है।
हिंदू धर्म में हर काम करने का एक दिन होता है कि इस दिन ये काम नहीं कर सकते या फिर इस दिन ऐसे काम करने से देवता खुश होते है। साथ ही शुभ और अशुभ भी काफी देखा जाता है।
ज्योतिषशास्त्र एक हिंदू धर्म का ऐसा शास्त्र है जिसमें मनुष्य के समान जीवन, दिनचर्या और भविष्य के बारे में बताया गया है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार गुरुवार के दिन ऐसे काम नहीं करने चाहिए जिससे आपके परिवार को कोई परेशानी या फिर आपको आर्थिक कारणों से जूझना पड़े।
इसी कारण इसी ग्रंथ में कुछ ऐसे कामों के बारे में बताया गया है जो गुरुवार के दिन कभी नहीं करना चाहिए। इससे भगवान गुरु का प्रकोप आपके ऊपर पड़ता है। पंडित शर्मा के अनुसार कुछ ऐसे काम हैं जो गुरुवार के दिन नहीं करना चाहिए। अगर आपने इन कामों में कोई भी काम इस दिन किया तो आपके पति के साथ-साथ संतान की भी उन्नति रुकती है।
गुरुवार को धर्म का दिन माना जाता है। गुरु धर्म व शिक्षा का कारक ग्रह है। गुरु ग्रह को कमजोर करने से शिक्षा में असफलता मिलती है। साथ ही धार्मिक कार्यों में झुकाव कम होता चला जाता है। माना जाता है कि गुरुवार को किए गए ये कार्य पति, संतान की उन्नति को रोकते हैं।
गुरुवार को ये कार्य करने से बचें...
1. शास्त्रों में गुरुवार को महिलाओं को बाल धोने से इसलिए मनाही है। क्योंकि महिलाओं की जन्मकुंडली में बृहस्पति पति का कारक होता है। साथ ही बृहस्पति ही संतान का कारक होता है। इस प्रकार अकेला बृहस्पति ग्रह संतान और पति दोनों के जीवन को प्रभावित करता है।
बृहस्पतिवार को सिर धोना बृहस्पति को कमजोर बनाता है जिससे कि बृहस्पति के शुभ प्रभाव में कमी होती है। इसी कारण से इस दिन बाल भी नहीं कटवाना चाहिए जिसका असर संतान और पति के जीवन पर पड़ता है। उनकी उन्नति बाधित होती है।
2. गुरुवार को नेल कटिंग और शेविंग भी नहीं करना चाहिए। शास्त्रों में गुरु ग्रह को जीव कहा गया है। जीव का मतलब ही जीवन है और जीवन मतलब आयु।
मान्यता है कि गुरुवार को नेल कटिंग और शेविंग करना गुरु ग्रह को कमजोर करता है। जिससे जीवन शक्ति दुष्प्रभावित होती है और उम्र में से दिन कम करती है।
3. माना जाता है कि जिस प्रकार से बृहस्पति का प्रभाव शरीर पर रहता है। उसी प्रकार से घर पर भी बृहस्पति का प्रभाव पड़ता है। वास्तुशास्त्र के अनुसार घर में ईशान कोण का स्वामी गुरु होता है।
ईशान कोण का संबंध परिवार के नन्हे सदस्यों यानी कि बच्चों से होता है। साथ ही घर के पुत्र संतान का संबंध भी इसी कोण से होता है। ईशान कोण धर्म और शिक्षा की दिशा है। घर में अधिक वजन वाले कपड़ों को धोना, कबाड़ घर से बाहर निकालना, घर को धोना या पोछा लगाना। घर के ईशान कोण को कमजोर करता है। उससे घर के बच्चों, पुत्रों, घर के सदस्यों की शिक्षा, धर्म आदि पर शुभ प्रभाव में कमी आती है।
4. गुरुवार लक्ष्मी नारायण का दिन होता है। इस दिन लक्ष्मी और नारायण का एक साथ पूजन जीवन में खुशियों की अपार वृद्धि कराने वाला होता है। इस दिन लक्ष्मी और नारायण की एक साथ पूजन करने से पति-पत्नी के बीच कभी दूरिया नहीं आती है। साथ ही धन की वृद्धि होती है।
5. ज्योतिष के जानकार वीसी श्रीवास्तव के मुताबिक यह भी माना जाता है जन्मकुंडली में गुरु ग्रह के प्रबल होने से उन्नति के रास्ते आसानी से खुलते हैं। यदि गुरु ग्रह को कमजोर करने वाले कार्य किए जाए तो प्रमोशन होने में रुकावटें आती है।
6. किसी भी जन्मकुंडली में दूसरा और ग्यारहवां भाव धन के स्थान होते हैं। गुरु ग्रह इन दोनों ही स्थानों का कारक ग्रह होता है। गुरुवार को गुरु ग्रह को कमजोर किए जाने वाले काम करने से धन की वृद्धि रुक जाती है।
साथ ही धन लाभ की जो भी स्थितियां बन रही हों। उन सभी में रुकावट आने लगती है। सिर धोना, भारी कपड़े धोना, बाल कटवाना, शेविंग करवाना, शरीर के बालों को साफ करना, फेशियल करना, नाखून काटना, घर से मकड़ी के जाले साफ करना, घर के उन कोनों की सफाई करना जिन कोनों की रोज सफाई नहीं की जा सकती हो। ये सभी काम गुरुवार को करना धन हानि का संकेत हैं। तरक्की को कम करने का संकेत हैं।
इसके अलावा अगर आपकी जन्मकुंडली में दूसरा और ग्यारहवां भाव धन के स्थान होते हैं। गुरु ग्रह इन दोनों ही स्थानों का कारक ग्रह होता है। गुरुवार को गुरु ग्रह को कमजोर किए जाने वाले काम करने से धन की वृद्धि रुक जाती है। धन लाभ की जो भी स्थितियां बन रही हों। उन सभी में रुकावट आने लगती है। इसलिए इस दिन ये काम नहीं करना चाहिए।
7. अगर आपके दापत्य जीवन में कई समस्याएं उत्पन्न हो रही हों। साथ ही आपके जीवन में प्यार की कोई जगह नहीं रह गई हो। तो इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करें। तो आपके ऊपर इनकी कृपा बनी रहेगी। जिसके कारण आप के जीवन में फिर से खुशियां भर आएगी।