
आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश से आगे बढ़कर अब अमृतकाल मध्यप्रदेश पर काम शुरू हुआ है। इसको लेकर सरकार में मंथन शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान मंत्रियों और अफसरों के साथ मंथन कर चुके हैं। मंत्री समूहों का गठन कर मंत्रियों को सेक्टर वाइज जिम्मेदारी सौंप दी गई है। निर्देश दिए गए हैं कि प्रत्येक समूह की माह में कम से कम एक बैठक अनिवार्य है। ये समूह चाहें तो माह में एक से अधिक बैठकें भी कर सकते हैं।
आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के तहत मध्यप्रदेश के लिए वर्ष 2023 के लिए बनाई गई योजना के बाद वर्ष 2047 तक के प्लान पर मंथन शुरू हुआ है। इसका नाम अमृतकाल 2047 दिया गया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देश पर अर्थव्यवस्था एवं रोजगार, स्वास्थ्य एवं शिक्षा, सुशासन, भौतिक अधोसंरचना विषय के मंत्री समूहों का गठन किया गया है। प्रत्येक समूह में 7-8 मंत्री शामिल किए गए हैं। इन समूह को जिम्मेदारी दी गई है कि विषय के संबंध में निर्धाारित लक्ष्यों की नियमित समीक्षा बैठकें करें।
चरणबद्ध तरीके से होगा काम
अमृतकाल मध्यप्रदेश के तहत चरणबद्ध तरीके से काम होगा। अभी सरकार का फोकस वर्ष 2023 है, इसलिए मंत्रियों से कहा गया है कि वे आगामी एक वर्ष के लक्ष्यों को पूरा करें। योजनाओं के बेहतर परिणाम लाने के प्रयास हों। मंत्रियों के साथ अधिकारियों में भी निरंतर संवाद और समन्वय हो। यही व्यवस्था को सशक्त बनाएगा।
Published on:
29 Dec 2022 10:24 pm
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