20 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Nurses Strike: नर्सों की हड़ताल का चौथा दिन, कई अस्पतालों की व्यवस्था चरमराई

मध्यप्रदेश में चार दिनों से अस्पतालों में व्यवस्था गड़बड़ाई हुई है...। प्रदेश की हजारों नर्स हड़ताल पर हैं...।

2 min read
Google source verification

भोपाल

image

Manish Geete

Jul 14, 2023

strike22.png

जबलपुर में नर्सों ने यज्ञ कर सरकार का ध्यान इस प्रकार आकर्षित किया।

मध्यप्रदेश के अस्पतालों में नर्सेस की हड़ताल का शुक्रवार को चौथा दिन है। पिछले तीन दिनों से चल रही हड़ताल का असर कई अस्पतालों में देखने को मिला। इंदौर, जबलपुर, भोपाल और ग्वालियर जैसे बड़े शहरों में अस्पतालों की व्यवस्था पर असर पड़ा है। इंदौर में पीपीई किट पहनकर नर्सों ने प्रदर्शन किया। जबलपुर में सद्बुद्धि यज्ञ कर सरकार का ध्यान आकर्षित किया। प्रदेश की नर्सों ने कहा है कि यदि सरकार ने अब भी हमारी मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो यह आंदोलन और उग्र हो जाएगा।

इंदौर में पीपीई किट पहनकर प्रदर्शन

इंदौर से भी खबर है कि वहां भी शुक्रवार से सरकार के खिलाफ नारेबाजी की जा रही है। नर्सेस सरकार को पुराने वादे याद दिला रही हैं। नर्सों ने भी आज सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए अनोखा प्रदर्शन किया। सभी ने पीपीई किट पहनकर प्रदर्शन कर सरकार को कोरोनाकाल में किए गए अपने काम की याद दिलाई वहीं सरकार के भी वायदों को याद दिलाया।

भोपाल में आपरेशन टालना पड़े

इधर, भोपाल के जेपी और काटजू अस्पतालों में नर्सों ने कामकाज बंद कर रखा है। इस कारण मरीज और उनके परिजन परेशान देखे गए। प्रशासन ने इस स्थिति से निपटने के लिए एनएचएम और एएनएम की ड्यूटी लगाई है, लेकिन अस्पतालों में व्यवस्थाएं चरमराई हुई हैं। राजधानी के इन अस्पतालों में करीब 10 आपरेशन डाल दिए गए हैं, वहीं वार्डों में कर्मचारियों की कमी के कारण मरीज को खून चड़ाने, इंजेक्शन लगाने जैसे काम प्रभावित हो रहे हैं। जेपी अस्पताल की 165 स्टाफ नर्स नियमित हैं जो हड़ताल के समर्थन में हैं। जबकि 35 संविदा स्टाफ नर्स हैं, इनमें भी करीब 10 स्टाफ नर्स अवकाश पर हैं। ऐसा ही हाल काटजू अस्पताल का भी है।

जबलपुर में भी बुरा हाल

इधर, जबलपुर से खबर है कि वहां भी अनिश्चितकालीन हड़ताल चल रही है। शुक्रवार को नर्सों की हड़ताल का चौथा दिन है। जबलपुर के नेता जी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कालेज़ में आज भी हड़ताल पर नर्सों ने नारेबाजी की और सरकार को सद्बुद्धि के लिए यज्ञ किया। इस दौरान सैकड़ों नर्सें इस प्रदर्शन में शामिल थीं। यहां की 700 नर्स हैं जो हड़ताल पर चल रही हैं। जिला अस्पताल और एल्गिन अस्पताल में 350 नर्स हैं, जो चार दिन से हड़ताल पर हैं। ऐसे में संविदा और प्राइवेट नर्सों के हवाले अस्पताल की व्यवस्था हो गई है। मरीजों को परेशान होना पड़ रहा है। नर्सों के हड़ताल पर होने के कारण न्यूरो, आर्थो, सर्जरी के ऑपरेशन टलने पड़े हैं वहीं डिलेवरी भी प्रभावित हो रही है।

यहां भी बुरे हाल

इसके अलावा मध्यप्रदेश के विदिशा, नर्मदापुरम, सीहोर, रायसेन, सागर, बैतूल, हरदा, छिंदवाड़ा सहित कई जिलों से अव्यवस्था की खबरें आ रही हैं। सरकारी अस्पतालों में नर्सों की सेवाएं नहीं मिलने के कारण कई मरीज प्राइवेट अस्पतालों का रुख र रहे हैं।

क्या है इनकी मांग

0-रीवा और ग्वालियर मेडिकल कालेजों की तरह जीएनएम नर्सिंग को तीन और बीएससी को चार वेतनवृद्धि देने का फैसला सभी मेडिकल कालेजों में भी लागू किया जाए।

0-नर्सिंग स्टूडेंट का स्टायफंड तीन हजार से बढ़ाकर 8 हजार रुपए किया जाए।

0-नर्सिंग संवर्क की पदोन्नति न्यायालय में विचाराधीन होने की स्थिति में विभाग की ओर से पदोन्नति पद पर प्रभार के तौर पर प्रभारी बनाने की मांग भी की गई।