एनजीटी के आदेश के बाद अब तक सिर्फ कागजों में ही हुक्का लाउंज की जांच की जिम्मेदारी तय की जा रही है। कार्यालय उप संचालक खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की तरफ से जारी किए गए एक निर्देश में ड्रग इंस्पेक्टर वंदना कोष्ठी को जांच के दौरान अनुविभागीय अधिकारी के साथ रहने को कहा है, लेकिन ये दोनों अधिकारी कब जांच करेंगे ये नहीं पता। जांच के आदेश दिए हुए करीब दो सप्ताह का समय होने को आया, लेकिन अभी तक एक भी हुक्का लाउंज की जांच संयुक्त टीम ने नहीं की है। सिर्फ सीएमएचओ की तरफ से भेजी गई एक टीम ने शहर के हुक्का लाउंजों की फौरी स्तर पर जांच की है। जिसमें रिकॉर्ड की जांच में सामने आया कि हुक्का पीने आ रहे युवाओं की उम्र रजिस्टर में दर्ज नहीं की जा रही।
30 हुक्का लाउंज हैं
करीब 30 हुक्का लाउंज हैं, जो 10 नंबर, लालघाटी, होशंगाबाद रोड, एमपी नगर में हैं। कुछ तो एेसे भी हैं, जिनमें आगे से शटर डला रहता है, लेकिन दूसरे गेट से प्रवेश होता है।