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बागियों की कहानी: कांग्रेस में ज्यादातर माने, भाजपा में शिवराज ने संभाली कमान

कुसमारिया ने झा को लौटाया, समीक्षा ने छोड़ी भाजपा, कुशवाह भी नहीं माने
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भोपाल

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KRISHNAKANT SHUKLA

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Updated: 14 Nov 2018, 8:41 AM IST

old tales madhya pradesh

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भोपाल. टिकट नहीं मिलने पर पर्चा दाखिल करने वाले बागियों को मनाने के लिए भाजपा और कांग्रेस अब आखिरी दावं चल रही है। नाम वापसी में एक दिन का समय बचा है। दोनों दलों के नेताओं का प्रयास है कि किसी तरह बागियों को मनाया जाए। भाजपा में बागियों को मनाने के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान आखिरी दावं के रूप में ‘ब्रह्मास्त्र’ का इस्तेमाल कर रहे हैं।

बागी पूर्व मंत्री रामकृष्ण कुसमारिया को मनाने के लिए पार्टी उपाध्यक्ष प्रभात झा दमोह पहुंचे, लेकिन कुसमारिया उनसे नहीं मिले। वे प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह और संगठन महामंत्री सुहास भगत की अपील ठुकरा चुके हैं। ग्वालियर दक्षिण से निर्दलीय पूर्व महापौर समीक्षा गुप्ता ने पार्टी से इस्तीफा देकर आरोप लगाया है कि भाजपा में काम करने वालों की नहीं, गुलामों की जरूरत है। भिंड में सपा से उतरे नरेंद्र कुशवाह भी भाजपा नेताओं को तवज्जो नहीं दे रहे हैं।

शाह के फोन से राघवजी नरम पड़े

भाजपा से बगावत कर सपाक्स पार्टी से विदिशा की शमशाबाद सीट से चुनाव में उतरे पूर्व मंत्री राघवजी ने देर रात स्वीकार किया कि उनसे दिल्ली और भोपाल के पार्टी नेताओं से बात हुई है। हालांकि उन्होंने नेताओं का नाम बताने से इंकार करते हुए अपने पत्ते नहीं खोले। सूत्रों के अनुसार उनकी अमित शाह से बातचीत हुई है। इसके बाद उनका रवैया नरम दिखा है। उन्होंने कहा कि बुधवार को अपने समर्थकों से सलाह लेकर चुनाव में आगे की रणनीति पर विचार करेंगे।

कांग्रेस में समझौते की सीट पर बागी

ज तारा के कांग्रेस विधायक दिनेश अहिरवार अभी नहीं माने हैं। बुरहानपुर में सुरेंद्र सिंह ने नामांकन वापस लेने से इनकार कर दिया। खंडवा में राजकुमार कैथवार ने दिग्विजय सेे फोन पर जिलाध्यक्ष बनाने की शर्त रखी है।

उज्जैन में जयसिंह दरबार, पूर्व मंत्री रत्नेश सॉलोमन के बेटे आदित्य सॉलोमन और बेटी तान्या सॉलोमन निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं। उन्होंने अभी कोई संकेत नहीं दिए हैं। इनके अलावा दो दर्जन से ज्यादा नेताओं से दिग्विजय व अन्य नेताओं ने बात की। इंदौर से बागी हुई प्रीति अग्निहोत्री मान गई। पार्टी के कुछ बागियों से प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने भी बातचीत की।

दिन भर चले प्रयास

भोपाल में भाजपा नेता इन बागियों को मनाने दिन भर जुटे रहे। केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, प्रदेश प्रभारी विनय सहस्रबुद्धे और प्रदेश अध्यक्ष राकेश ङ्क्षसह ने बागियों से संपर्क कर मनाने का प्रयास किया। तोमर ने पूर्व मंत्री केएल अग्रवाल से टेलीफोन पर बातचीत की, लेकिन वे बमोरी से पर्चा वापस लेने को तैयार नहीं हुए। बागियों को मनाने के लिए स्थानीय स्तर पर भी उम्मीदवार और पार्टी के लोग जुटे हुए हैं।

सौदेबाजी पर उतरे बागी

भाजपा में कुछ बागियों से सौदेबाजी भी सामने आई है। महाराजपुर से पूर्व सांसद जितेंद्र बुंदेला को छतरपुर का कार्यकारी अध्यक्ष बनाकर मनाया गया है। भाजपा विधायक संगीता चारेल के सुर नरम पड़ गए। सैलाना से निर्दलीय लड़ रहीं चारेल ने कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया। महेश्वर विधायक राजकुमार मेव अभी अड़े हुए हैं। वे चंदर सिंह जैसा समझौता चाहते हैं। उन्हें जिला अध्यक्ष बनाने का आश्वासन मिला है।