मसलन 'डर्टी पॉलिटिक्स' भंवरी देवी कांड पर मज़ेदार फिल्म हो सकती थी, लेकिन स्क्रिप्ट से पर्दे तक आते-आते वो हल्की पड गई। हाँ, उन्होंने बुरी फिल्में भी की जो उन्हें नहीं करनी चाहिए थी, लेकिन एक अभिनेता से इतर एक व्यक्ति के तौर पर उनके सामने कौन सी मजबूरियां थी ये तो नहीं कहा जा सकता? मैं भी एक फिल्म जिसका नाम 'लॉलीपॉप' था, उसके पोस्टर में ओम जी को देखकर दुखी हो गया था।