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बेनकाब हुआ ‘ऑनलाइन सट्टा रैकेट’, महादेव ऐप से रुद्र का कनेक्शन, होंगे बड़े खुलासे!

MP News: ऑनलाइन सट्टेबाजी रैकेट का खुलासा होने के बाद अब पुलिस को शक है कि प्रतिबंधित महादेव ऐप चलाने वाला नेटवर्क ही रुद्र ऐप के पीछे हो सकता है। दोनों ऐप के नाम भगवान शिव से जुड़े होने के कारण भी यह शक है। पुलिस को आशंका है कि रुद्र ऐप, महादेव सिंडिकेट के डिजिटल सट्टेबाजी साम्राज्य का नया रूप ले सकता है।
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भोपाल

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Avantika Pandey

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Updated: 1 Oct 2025, 8:49 AM IST

Bhopal Rudra Betting App

Bhopal Rudra Betting App

MP News: ऑनलाइन सट्टेबाजी रैकेट का खुलासा होने के बाद अब पुलिस को शक है कि प्रतिबंधित महादेव ऐप(Mahadev Satta App) चलाने वाला नेटवर्क ही रुद्र ऐप के पीछे हो सकता है। दोनों ऐप के नाम भगवान शिव से जुड़े होने के कारण भी यह शक है। पुलिस को आशंका है कि रुद्र ऐप, महादेव सिंडिकेट के डिजिटल सट्टेबाजी साम्राज्य का नया रूप ले सकता है। इस मामले में जांच करने वाली पुलिस टीम इसका सरगना और करोड़ों रुपए की मनी ट्रेल को तलाशने पर फोकस कर रही है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों को दो दिन की रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। पूछताछ में बड़े खुलासे हो सकते हैं।

क्रिकेट मैच के दौरान हुआ खुलासा

भोपाल के अयोध्या नगर पुलिस ने रविवार को एशिया कप क्रिकेट मैच के दौरान ऑनलाइन सट्टेबाजी कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया। शुरू में मीनाल इलाके में कार से काम कर रहे दो युवकों को पकड़ा गया, जिनके पास मोबाइल फोन, लैपटॉप और एटीएम कार्ड मिले।

आरोपियों के पास से यह बरामद

छापे में पुलिस ने 40 मोबाइल फोन, 80 सिम कार्ड, पांच लैपटॉप, 177 एटीएम कार्ड, 180 बैंक अकाउंट, वाई-फाई राउटर, दो कार, 3.54 लाख रुपये नकद, नोट गिनने की मशीन और करीब 50 लाख रुपये का सामान जब्त किया। इसके अलावा 15 लाख रुपये ऑनलाइन खातों में फ्रीज किए गए, जबकि जब्त रजिस्टर में 1.5 करोड़ रुपये से अधिक के लेन-देन का रेकॉर्ड मिला।

छत्तीसगढ़ से जुड़ा है गिरोह

पुलिस ने सात लोगों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों में अरुण वर्मा बलौदा बाजार छत्तीसगढ़ का पुराना बुक्की भी शामिल है। वह पहले महादेव ऐप नेटवर्क के लिए काम कर चुका है। मंडीदीप में प्राइवेट नौकरी करने वाले अपने साले दिगेश्वर प्रसाद वर्मा के साथ मिलकर उसने भोपाल में कॉल सेंटर शुरू किया था। इस गिरोह में छत्तीसगढ़, छिंदवाड़ा और शहडोल के साथी भी शामिल हैं। इसके पहले भी महादेव ऐप रैकेट ने पहले छत्तीसगढ़ की राजनीति को हिला दिया था। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर इसके सरगनाओं से आर्थिक संबंध होने के आरोप लगे थे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि भोपाल में पकड़ा गया यह रैकेट दरअसल रुद्र ऐप नेटवर्क(Bhopal Rudra Betting App) का ही हिस्सा है, जो देशभर में फैला है।