21 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

ओटीटी एक्टर्स के लिए मौका, वेब सीरीज नई अपॉर्चुनिटी

जिसमें स्किल होगी वो सर्वाइव करेगा - मुकेश तिवारी

2 min read
Google source verification
mukesh tiwari

भोपाल. एक्टर मुकेश तिवारी का कहना है कि वेब सीरीज एक नई अपॉर्चुनिटी है लेकिन इससे टीवी या थिएटर वालों को डरना नहीं चाहिए, लोगों को लगता है कि टीवी आया तो थिएटर खत्म हो गया और फिर फिल्में आई तो थिएटर का अस्तित्व नहीं रहा जबकि ऐसा नहीं है जब एक अखबार डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आता है तो ऐसा नहीं है कि उसका अस्तित्व समाप्त हो गया बल्कि आपके पास अखबार के रीच के ओर भी आप्शन खुल जाते हैं। नई चीज उस में जुड़ जाती है जिससे पुरानी का अस्तित्व में कोई फर्क नहीं पड़ता है।

मुकेश तिवारी आने वाले समय में रोहित शेट्टी की फिल्म सर्कस में नजर आऊंगा, वहीं एक वेब सीरीज फियर में भी मैं नजर आऊंगा, जिस पर मैं पिछले 6 महीने से काम कर रहा हूं, 9 एपिसोड की इस वेब सीरीज फियर में थ्रिलर है, रोमांच है जो दर्शकों को पसंद आएगी। उन्होंने कहा कि वेब सीरीज से नई पीढ़ी मौका मिल रहा है, थियेटर और सिनेमा हॉल में अंतर स्वरूप का है। पहले शादियां घर पर होते थीं, अब बड़े होटलों में होती हैं लेकिन शादी होती जरूर है। हमें अपॉर्चुनिटी के तौर पर नई चीजों को देखना चाहिए। जैसे अब वेब सीरीज में अपने तथ्य को कहने की आजादी है इतना कंटेंट आ गया है कि लोग बोर नहीं हो सकते हैं। टीवी या थिएटर वालों को डरना नहीं चाहिए कि वेबसीरिज आने से हमारा सिंहासन डोलने लगा है।

वेबसीरिज में सेंसरशिप के सवाल पर उन्होंने कहा कि आज टारगेट आॅडियंस देखी जाती है, विशेष किस्म की रिसर्च होती है कि 21वीं सदी में किस वर्ग का दर्शक क्या चीज देखना पसंद करता है और काफी रिसर्च के बाद फिल्में या वेबसीरिज बनती हैं। हम कलात्मक माहौल में हैं तो किसी भी बात को कहने का ढंग है, उसका गलत इस्तेमाल नहीं होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया स्टार बबल की तरह काम कर रहा है, इसका मतलब यह नहीं है कि सोशल मीडिया की वजह से योग्य लोगों ने काम छोड़ दिया है, सोशल मीडिया क्या है एक सेकंड में फोटो को लाइक करना और कमेंट करना है जबकि 3 घंटे किसी का काम देख कर उसकी योग्यता का आंकलन बहुत अलग चीज है। यदि व्यक्ति योग्य है तो उसका काम कोई भी नहीं छीन सकता है, सस्टेनेबिलिटी के साथ जोड़ते रहना चाहिए।

कोरोना के नए वैरियंट के आने और सिनेमा हॉल का 100% क्षमता से खुलने के सवाल पर उन्होंने कहा कि कई डायरेक्टर्स ने अपनी फिल्मों को कोरोना के कारण रोके रखा और कईयों ने ओटीटी प्लेटफार्म पर फिल्म को रिलीज कर दिया। जैसे रोहित शेट्टी ने 2 साल से बनी हुई सूर्यवंशी को रोके रखा और धैर्य के साथ काम लिया।
उन्होंने कहा कि जैसे मप्र में 100% क्षमता के साथ सिनेमा हॉल खुल गए हैं लेकिन मुंबई में अभी भी 50% क्षमता के साथ ही मल्टीप्लेक्स खुले हैं, जिसमें इन मल्टीप्लेक्स का खर्चा निकलना संभव नहीं है। हम बस प्रार्थना कर सकते हैं कि इन सारी चीजों को ईश्वर जल्द से जल्द सही करें लेकिन अब मुझे लग रहा है कि अब फिल्मों का स्वरूप फिर से सही मार्ग पर लौटने लगा है।

इंडस्ट्री में 99% लोगों द्वारा ड्रग्स लेने की बात पर उन्होंने कहा कि मैं नहीं मानता कि इंडस्ट्री का हर व्यक्ति ड्रग्स एडिक्ट हैं। यह बात इंडस्ट्री के हर व्यक्ति के संदर्भ में सही नहीं है, हां यह जरूर है कि इंडस्ट्री में बहुत लोग कोकीन लेते हैं लेकिन मैं इस पर जवाब नहीं दे सकता मैं सिर्फ अपने बारे में ही कहूंगा।