
एक गाड़ी और दस हजार स्ट्रीट लाइट, 80 से अधिक कॉलोनियां अंधेरे में डूबीं
भोपाल. कोलार की दो लाख की आबादी का बड़ा हिस्सा शाम ढलते ही अंधेरे में रहने को मजबूर है। दरअसल यहां स्ट्रीट लाइट दुरुस्त करने निगम की महज एक गाड़ी है। इसमें एक कर्मचारी कमल किशोर और दो सहयोगी हैं। दस हजार स्ट्रीट लाइट में से एक समय में एक हजार खराब रहती ही है।
ऐसे में स्थिति ये है कि यदि स्ट्रीट लाइट की शिकायत की है तो आपके यहां नंबर आने में कम से कम दस से पंद्रह दिन लग जाएंगे। जाहिर है, आपको तब तक अंधेरे में ही रहना होगा।
कोलार राजहर्ष कॉलोनी ए सेक्टर के निवासी मोहित व्यास का कहना है कि हमारे यहां स्ट्रीट लाइट बीस दिन से बंद है। शिकायत की हुई है। फोन आते हैं, लेकिन सुधारने अब तक कोई नहीं पहुुंचा। इसी तरह अंकित परिसर के विक्रम सेन का कहना है कि ट्यूबलाइट लगा रखी है, जो हर माह खराब हो जाती है।
एक साल में छह माह अंधेरे में ही रहना पड़ता है। महाबली नगर निवासी आशुतोष श्रीवास्तव का कहना है कि यहां स्ट्रीट लाइट को लेकर एक ही गाड़ी और कर्मचारी है। आधे समय तो उसका फोन बंद रहता है। जब तक आठ से दस बार कॉल नहीं करें, लाइट दुरुस्त करने कोई नहीं आता। कोलार क्षेत्र की कई अन्य कॉलोनियों के रहवासियों की भी यही समस्या बनी हुई है।
दिक्कतें बढ़ गईं
इस समय शहर में सबसे अधिक कहीं की सड़कें खराब हैं तो वह कोलार क्षेत्र है। तमाम तरह की पाइप लाइन बिछाने और कनेक्शन देने के लिए 70 फीसदी अच्छी भली सड़कें खोद दी गई। बारिश की वजह से इन पर गहरे गड्ढे बन गए। अब बारिश में गड्ढे, जलभराव और फिर स्ट्रीट लाइट भी बंद। इस समय कोलार में रोजाना औसतन 10 से 12 लोग सड़क के गड्ढों की वजह से फिसल रहे हैं और दुर्घटना हो रही है।
हम लोगों की नहीं हो रही सुनवाई
साईं पैलेस निवासी अंशुमान वर्मा कहते हैं, हम कॉल लगाते हैं तो हमें इनकार कर दिया जाता है। बताया जाता है कि आपकी कॉलोनी हैंडओवर नहीं है, इसलिए हम लाइट नहीं सुधारेंगे, जबकि लाइट निगम ने ही लगाई थी। यही स्थिति मंदाकिनी कॉलोनी के निवासियों की है।
यहां की आशा देवलिया का कहना है कि निगम को कोई जागरुकता कार्यक्रम करना हो या मोहल्ला समिति की मदद चाहिए तो हमें बुला लेते हैं, लेकिन स्ट्रीट लाइट सुधारने को कहा जाए तो हैंडओवर कॉलोनी नहीं होने का कहकर इनकार कर दिया जाता है। उनका कहना है कि हम बेहद परेशान हैं और निगम को सुनवाई करना चाहिए।
ये सही है कि सड़कें खराब हैं। पाइप लाइन बिछाने और फिर बारिश की वजह से काम नहीं हो पाया। स्ट्रीट लाइट को हम दिखवा लेते हैं।
कमल सोलंकी, अपर आयुक्त
Published on:
26 Sept 2019 06:39 pm
बड़ी खबरें
View Allभोपाल
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
