
भोपाल। फिल्म पद्मावत के प्रदर्शन पर से बैन हटाने के आदेश में बदलाव के लिए मध्य प्रदेश और राजस्थान की सरकारें सुप्रीम कोर्ट जा पहुंची हैं। सोमवार को दोनों राज्यों की ओर से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई, अब मंगलवार को इस बारे में सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करेगा। आपको बता दें कि इससे पहले सुप्रीम कोर्ट राज्यों को ये निर्देश दे चुका है कि फिल्म पर से लगा बैन हटा लिया जाए। निर्माताओं की ओर से फिल्म के सेंसर बोर्ड से पास होने के बाद फिल्म को 25 फरवरी को देशभर के सिनेमाघरों में प्रदर्शित करने की तारीख का ऐलान कर दिया गया है।
पिछले हफ्ते ही सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकारों के राजस्थान, गुजरात, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में इस फिल्म के प्रदर्शन पर प्रतिबंध के आदेश को रद्द कर दिया था, लेकिन इन प्रदेशों की सरकारें अभी भी इस फिल्म पर बैन लगाने के पक्ष में नजर आ रही हैं, इसी के क्रम में क बार फिर मध्य प्रदेश और राजस्थान की सरकारें सुप्रीम कोर्ट की शरण में पहुंची हैं। हाल ही में शनिवार को मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने ऐलान किया था कि वह अपने राज्य में फ़िल्म को रिलीज नहीं होने देंगे। भले ही नाम बदल दिया गया हो। वहीं राजस्थान और गुजरात के गृह मंत्रियों ने कहा कि वे सुप्रीम कोर्ट के फैसले से निराश हैं और इसके खिलाफ अपील के लिए रास्तों की तलाश कर रहे हैं।
मध्य प्रदेश के गृह मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने लोगों को इस फिल्म के गाने बजाने के खिलाफ भी चेतावनी दी। बीजेपी की सरकार वाले गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश ने आधिकारिक या गैर-आधिकारिक तौर पर फिल्म की स्क्रीनिंग पर प्रतिबंध लगाया था।
करणी सेना ने फिल्म को रिलीज नहीं होने देने का किया ऐलान
पद्मावत का लंबे समय से विरोध कर रही करणी सेना के लोकेन्द्र सिंह ने अदालत की अवमानना का जोखिम उठाते हुए देशभर में सामाजिक संगठनों से फिल्म की रिलीज न होने देने को सुनिश्चित करने के लिए कहा है। सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के तुरंत बाद गुरुवार को मुजफ्फरपुर में एक सिनेमा हॉल में तोड़फोड़ की गई। राजस्थान सरकार के सूत्रों का कहना है कि राज्य में फिल्म डिस्ट्रीब्यूटर्स, मॉल मालिक और एग्जिबिटर्स हिंसा की आशंका के चलते फिल्म दिखाने से बच सकते हैं।
उज्जैन में महिलाओं ने दी जौहर की धमकी
वहीं उज्जैन में राजपूत करणी सेना और श्री राजपूत करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने रविवार को फिल्म पद्मावत के विरोध में खून से लिखा प्रार्थना पत्र पीवीआर संचालक शैलेन्द्र चौहान को सौंपा और आगाह किया कि फिल्म न लगाएं वरना राजपूत का खून खौला तो जो नुकसान होगा उसके जिम्मेदार आप स्वयं होंगे। साथ ही समस्त महिलाओं ने प्रार्थना पत्र देते हुए ये भी कहा कि जिस तरह चित्तौड़ में हजारों महिलाएं फिल्म के विरोध में जौहर करने को तैयार हैं, यदि फिल्म लगी तो उज्जैन की क्षत्राणियां भी जौहर कर अपने आप को आग के हवाले कर देंगी।
Updated on:
23 Jan 2018 07:58 am
Published on:
22 Jan 2018 01:57 pm
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