
भोपाल। एक तरफ जहां महिलाओं की आजादी और उन्हें आगे बढ़ने के लिए तमाम अवसरों को दिए जाने की बातें की जाती हैं, वहीं हमारे समाज में आज भी कई ऐसे पहलू मौजूद हैं, जो इन तमाम बातों को खारिज करते नजर आते हैं। मध्य प्रदेश के एक गांव के समाज की पंचायत ने फरमान सुनाया है कि महिलाएं किसी पुरुष से बात नहीं करेंगीं। इसके अलावा कोई भी महिला अपने पास मोबाइल फोन नहीं रख सकेगी। खासतौर पर कोई भी कुंवारी लड़की बिल्कुल भी मोबाइल नहीं रख सकेगी।
मध्य प्रदेश के गुना जिले में राजस्थान बार्डर से लगे मध्य प्रदेश के आखिरी गांव डेहरा में निवास करने वाले आदिवासी समाज ने यह निर्णय लिया गया है। सहरिया आदिवासी समाज के बुजुर्गों और महिलाओं की पंचायत ने ये चौंकाने वाले फैसले सुनाए हैं। पंचायत द्वारा लिए गए फैसले के मुताबिक सहरिया समाज की महिलाएं अगर किसी दूसरे समाज के पुरुष के साथ बातचीत करेंगी तो उसे समाज से निकाल दिया जाएगा। इसके अलावा सहरिया समाज की कोई भी महिला अपने पास मोबाइल फोन नहीं रखेंगी। कुंवारी लड़कियों के लिए इस फरमान को लेकर खास हिदायत दी गई है।
फोन रहेगा तो होंगी अश्लील बातें
समाज का कहना है कि लड़कियों को अपने पास फोन रखने के लिए इसलिए मना किया गया है ताकि वे फोन पर अश्लील बातें न कर सकें। समाज की पंचायत का कहना है कि अक्सर इस तरह की शिकायतें आती हैं, जिन्हें मद्देनजर रखते हुए ये फरमान सुनाया गया है। बड़ी बात ये है कि समाज के सभी लोगों ने भी इस फरमान पर अपनी सहमित जताई है।
मंगलवार को लिए गए इन फैसलों में कई और बातें भी शामिल हैं। जैसे कि समाज की महिलाएं यदि कहीं मजदूरी करने भी जाती हैं तो वे कम से कम पांच महिलाओं के समूह में ही मजदूरी करने जाएंगी, ताकि आदिवासी महिलाओं का कोई शोषण न करने पाए। इस फैसले के पीछे पंचायत का तर्क है कि कई बार महिलाएं दबंग और रसूखदार लोगों के यहां अकेली मजदूरी करने चली जाती थी, जिससे बाद में उनके शोषण की शिकायतें सामने आती थी। इस मामले में समाज ने सख्ती दिखाते हुए कहा है कि अगर कोई महिला अकेले काम पर जाती है तो उसे दंडित किया जाएगा या उसे समाज से बाहर कर दिया जाएगा।
इतना ही नहीं समाज ने पुरुषों के लिए भी कुछ नियम जारी किए हैं। समाज ने पुरुषों के शराब पीने, गांजा पीने और जुआं खेलने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इतना ही नहीं अगर कोई पुरुष नियमों का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ कड़े दंड दिए जाएंगे। यदि किसी ने दंड का उल्लंघन किया तो उसे समाज से बहिष्कृत करने का भी प्रावधान है।
इसके अलावा समाज ने एक अच्छी पहल करते हुए कहा है कि हर बच्चे को स्कूल भेजना होगा और अगर मां-बाप ने स्कूल नहीं भेजा तो उन्हें दंडित किया जाएगा। समाज का जो भी व्यक्ति अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजेगा उसके परिवार पर भी 5 हजार रुपए महीने जुर्माना लगाया जाएगा। इसके अलावा समाज की लड़कियों को विवाह के लिए भी नियम बनाए हैं। लड़कियां अंतरजातीय विवाह नहीं करेंगी, यदि कोई लड़की अंतरजातीय विवाह करती है तो उसके परिवार पर 5 हजार रुपए अर्थदंड लगेगा।
Published on:
13 Dec 2017 03:33 pm
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