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एक शहर में दो स्टेशन, पहले में राहत तो दूसरे में पार्किंग के नाम पर लूट

हबीबगंज में 24 घंटे के लिए चारपहिया वाहन के लगते हैं 460 रुपए तो भोपाल जंक्शन पर 120 रुपए....

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Habibganj railway station parking

PARKING LOOT in Bhopal railway station

भोपाल. राजधानी में स्थित भोपाल जंक्शन और हबीबगंज के बीच महज सात किमी की दूरी है, लेकिन दोनों जगह पार्किंग शुल्क अलग-अलग है। भोपाल में यात्रियों को राहत मिल रही है तो हबीबगंज में पार्किंग के नाम पर यात्रियों से लूट अभी भी जारी है। भोपाल स्टेशन पर दो पहिया वाहन चालकों से 24 घंटे की पार्किंग के अधिकतम 30 रुपए और चार पहिया वाहन चालकों से अधिक 120 रुपए लिए जा रहे हैं।

वहीं हबीबगंज में 175 और 460 रुपए वसूले जा रहे हैं। इस पर भी हबीबगंज रेलवे स्टेशन का री-डेवलपमेंट करने वाली कंपनी पार्किंग रेट कम करने का अहसान जता रही है।इस पर भी भोपाल रेलवे स्टेशन पर पार्किंग की यह वर्तमान दर तब है, जब नए साल में इसे रिवाइज किया गया है। इसके पहले दो पहिया वाहन चालक से नियमानुसार 05 रुपए और चार पहिया वाहन चालक से 24 घंटे के 20 रुपए ही लिए जाते थे।

नगर निगम अभी भी ले रहा 15 रुपए
हबीबगंज स्टेशन के आसपास नगर निगम की आधा दर्जन पार्किंग है। इनमें मानसरोवर कॉम्प्लेक्स, एमपी नगर जोन टू में सरगम टॉकीज, 10 नंबर मार्केट, बिट्टन मार्केट के अंदर और सामने पार्किंग हैं। यहां दो पहिया वाहन चालकों से दो घंटे के 5 रुपए, चार घंटे के लिए 10 और 24 घंटे के लिए 15 रुपए ही लिए जाते हैं, जबकि कार पार्किंग के लिए अधिकतम 30 रुपए।

साइकिल ट्रैक निर्माण और टॉयलेट खरीदी की हो जांच

इधर, नगर निगम भोपाल के अफसरों पर मनी लॉड्रिंग का मामला भी बन सकता है। प्रवर्तन निदेशालय ने इस आशय का पत्र शासन को भेजा है। इसमें कहा गया है कि नगर निगम में मनी लॉड्रिंग का मामला है, जांच कर बताएं। इसमें मप्र सरकार के मुख्य सचिव को कहा गया है कि यदि इस तरह का कोई मामला या स्थिति दिखती है तो हमें बताएं। साथ ही फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट 1999 और मनी लॉड्रिंग एक्ट 2002 के तहत नोटिस देकर मामला दर्ज कराने के लिए कहा है।

ये आदेश प्रवर्तन निदेशालय राजकुमार पटेल के नाम से पहुंची एक शिकायत के बाद दिए गए हैं। शिकायत तत्कालीन निगमायुक्त छवि भारद्वाज का नाम लेकर की गई थी। इसके बाद निदेशालय के सहायक निदेशक आरआर कुमार ने मुख्य सचिव को पत्र लिखकर मामले की जांच के निर्देश कर स्थिति स्पष्ट करने को कहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार मौजूदा निगमायुक्त को भी इस आशय का पत्र भेजा गया है। गौरतलब है कि शिकायत में केंद्र के राष्ट्रीय स्वच्छता मिशन, जेएनएनयूआरएम व स्मार्टसिटी में हुए घोटालों की पूरी डिटेल दी गई है। इसमें निगम के संबंधित अफसरों पर 100 करोड़ रुपए तक का कालाधन जमा करने की बात कही गई है।

इसमें निविदा में गड़बड़ी कर कंडम ई-रिक्शा खरीदी करने में एक करोड़ रुपए का घोटाला, होशंगाबाद रोड किनारे सायकिल ट्रैक निर्माण में 12 करोड़ रुपए का घोटाला और 5 करोड़ रुपए के विशेष ट्रैक पर गंभीर आपत्ति है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत मॉड्यूलर टॉयलेट को सेकंड हैंड बताते हुए प्रति टॉयलेट 32000 रुपए में खरीदी पर सवाल खड़े किए हैं। इसमें करीब 27 करोड़ रुपए के घोटाले की बात कही गई है। इसी मिशन के तहत शहर में करीब 30 हजार स्थायी व अस्थायी शौचालय बनाने पर करीब 39 करोड़ रुपए के घोटाले की बात कही गई है।