
श्याम सिंह तोमर@ भोपाल. किसी छात्र ने अगर 12 वीं आट्र्स या कॉमर्स संकाय से पास किया है और उसे अन्य किसी क्षेत्र में कॅरियर बनाना है या किसी प्रतियोगी परीक्षा में बैठना है। तो वह मैथ्स, बायोलॉजी जैसे विषय की अंकसूची प्राप्त कर सकता है। इस अंकसूची के माध्यम से वह अपना भविष्य संवार सकता है। जी हां, ये पूरी तरह संभव है और अंक सूची पूरी तरह वैध कहलाएगी। दरअसल, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में निहित प्रावधानों के अनुसार नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग (एनआइओएस) यह सुविधा दे रहा है। इसको नाम दिया गया है पार्ट एडमिशन यानी पार्ट टाइम एडमिशन।
भोपाल में एनआइओएस का क्षेत्रीय कार्यालय है। इसके अलावा राज्य में 300 से अधिक अकादमिक अध्ययन केंद्र हैं। 160 से ज्यादा वोकेशनल अध्ययन केंद्र तो 60 से ज्यादा एक्रिडियेड एजेंसियां भी हैं। इतने केंद्र और एजेंसियों को छात्रों की सुविधा के लिए खोला गया है ताकि उन्हें किसी भी तरह की समस्या के लिए भोपाल के चक्कर ना लगाना पढ़ें।
न्यूनतम एक तो 4 विषय अधिकतम
इस सुविधा का फायदा हायर सेकंडरी पास कर चुके छात्र ले सकते हैं। वह न्यूनतम एक विषय और अधिकतम चार विषयों के लिए पंजीयन करवा सकता है। परीक्षा में पास होने के बाद संबंधित छात्र को उक्त विषयों का माक्र्स स्टेटमेंट या मार्कशीट प्रदान कर दी जाएगी।
ऑन डिमांड एग्जामिनेशन भी
नेशनल ओपन स्कूल में प्रवेश के लिए साल में दो बार पंजीयन किया जा सकता है। अप्रेल और अक्टूबर में परीक्षाएं ली जाती हैं। ऑन डिमांड एग्जामिनेशन का विकल्प भी है। यानी परीक्षार्थी सुविधा के हिसाब से वर्ष में किसी भी समय परीक्षा कराने आवेदन कर सकता है।
कभी भी पढ़ें, कहीं भी पढ़ें और अधिकतम उम्र की कोई सीमा नहीं...
इन उद्देशों के तहत न्यूनतम शुल्क में एनआइओएस से माध्यमिक और उच्च माध्यमिक कर सकते हैं। जिन्होंने मनचाहे संकाय में पढ़ाई नहीं की, वे हायर सेकंडरी के बाद एक से लेकर चार विषयों को चुन कर पढ़ाई करें।
-दीपक गोला, ईडीपी सुपरवाइजर, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग
Published on:
30 Dec 2021 03:49 pm
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