
भोपाल नगर निगम परिषद की अहम बैठक आज (Photo Source- Patrika)
Bhopal Municipal Corporation Budget 2026 :मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आज 23 मार्च को नगर निगम परिषद की अहम बैठक होने जा रही है। बैठक इसलिए भी अहम है, क्योंकि इसमें 'शहर सरकार' अपना सालाना बजट पेश करेगी। बताया जा रहा है कि, भोपाल नगर निगम इस साल 3500 करोड़ रुपए से ज्यादा का सालाना बजट पेश करेगी। इस बार के बजट में प्रॉपर्टी और जल कर में बढ़ोतरी की संभावना कम है। बताया जा रहा है इन करों को लेकर मंत्री-विधायकों ने आपत्ति जताई थी। बता दें कि, पिछली बार भोपाल नगर निगम ने 3611 करोड़ का बजट पेश किया था।
इस बैठक में हंगामे के भी आसार हैं। बजट बैठम में गोमांस, नई बिल्डिंग और लोकायुक्त की हाल ही हुई कार्रवाई का मुद्दा तूल पकड़ सकता है। निगम के स्लॉटर हाउस में 26 टन गोमांस मिलने के मामले में पिछली बैठक में कांग्रेस पार्षदों ने जमकर हंगामा किया था। वहीं, लिंक रोड नंबर-2 पर 40 करोड़ रुपए से बनी नई बिल्डिंग की अधूरी तैयारियों के बीच शुरुआत होने, बिल्डिंग से गिरकर एक बुजुर्ग की मौत होने का मामला भी तूल पकड़ सकता है। बताया जा रहा है कि, आज की बैठक में इन मुद्दों को लेकर बैठक में शामिल होगा।
बैठक में 14 नई पार्किंग को लेकर प्रस्ताव आना है। इनमें से 5 पार्किंग मेट्रो स्टेशन के नीचे प्रस्तावित हैं, जहां 40 फोर व्हीलर और 250 टू-व्हीलर खड़े होने की केपेसिटी रहेगी। मेयर इन काउंसिल की 16 मार्च को हुई बैठक में इस प्रस्ताव को हरी झंडी मिल चुकी है। अब परिषद में ये प्रस्ताव आना है। पार्किंग को लेकर निगम ने पुलिस प्रशासन की भी सहमति ले ली है।
परिषद की बैठक में आदमपुर खंती लीगेसी वेस्ट के निपटान के लिए प्रस्ताव भी लाया जाएगा। दो दिन पहले एमआईसी ने इसे परिषद में लाने का निर्णय हुआ था। इसमें 55.54 करोड़ रुपए खर्च होंगे।
निगम के अनुपयोगी 145 वाहनों को कंडम घोषित कराए जाने के संबंध में भी प्रस्ताव परिषद की बैठक में लाने की तैयारी की गई है। इसे भी एमआईसी से मंजूरी दी जा चुकी है।
बता दें, भोपाल मेट्रो की ऑरेंज लाइन का प्रायोरिटी कॉरिडोर 6.22 किलोमीटर का है। इसमें कुल 8 स्टेशन- सुभाष नगर, केंद्रीय स्कूल, डीबी मॉल, एमपी नगर, रानी कमलापति, डीआरएम तिराहा, अलकापुरी और एम्स शामिल हैं। इनमें से एक भी स्टेशन पर पार्किंग की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में यात्रियों को अपनी गाड़ियां खड़ी करने के लिए कोई स्थान ही नहीं है। इसका असर मेट्रो के यात्रियों पर पड़ रहा है। अधिकतर यात्री इस समस्या के चलते मेट्रो से दूरी बनाए हुए हैं। क्योंकि, मौजूदा समय में मेट्रो के सभी आठों स्टेशनों पर सिर्फ पिक एंड ड्रॉप की व्यवस्था है। यानी, यात्री किसी गाड़ी से उतर और चढ़ तो रहे हैं, लेकिन वे अपने वाहन यहां खड़ा नहीं कर सकते। इस मुद्दे पर मेट्रो अफसर दो महीने से पार्किंग के लिए व्यवस्था कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि, नगर निगम ने इस समस्या का भी हल निकाल लिया है।
सुभाषनगर मेट्रो स्टेशन के दोनों गेट, केंद्रीय स्कूल, डीबी मॉल, डीआरएम ऑफिस और अलकापुरी मेट्रो स्टेशन के नीचे पार्किंग बनेगी। एमपी नगर, रानी कमलापति और एम्स स्टेशन के नीचे पार्किंग को लेकर कोई निर्णय नहीं हुआ है। आरकेएमपी स्टेशन पर मुख्य पार्किंग का उपयोग किया जा सकता है और एम्स स्टेशन पर यात्री अस्पताल की अस्थाई पार्किंग को इस्तेमाल कर सकते हैं।
रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पर बड़ी पार्किंग है। मेट्रो से आने-जाने वाले यात्री यहां अपने वाहन खड़े कर सकते हैं। एम्स के पास मेट्रो की जमीन है, जहां पार्किंग बनाने की प्लानिंग है। एमपी नगर में भी नगर निगम की पार्किंग है। यात्री वहां अपने वाहन खड़े कर सकेंगे।
Published on:
23 Mar 2026 09:37 am
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