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दो हजार रुपए में बेचता था एक मोर का मांस ,वन विभाग ने किया गिरफ्तार

ग्राहक बनकर पहुंची उडऩदस्ते के कर्मचारियों ने छह हजार में किया तीन मोरों का सौदा, कई सालों से कर रहा था राष्ट्रीय पक्षियों का सौदा

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दो हजार रुपए में बेचता था एक मोर का मांस ,वन विभाग ने तस्कर को किया गिरफ्तार

भोपाल. वनमंडल भोपाल के उडऩदस्ते ने बुधवार रात विदिशा जिले की लटेरी तहसील के मुरारिया गांव से एक मोर तस्कर को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से तीन मोर बरामद किए हैं। आरोपी राष्ट्रीय पक्षी को जंगल से पकड़कर दो से चार हजार रुपए प्रति पक्षी के हिसाब से इनका मांस बेचता था। उडऩदस्ते की टीम तस्कर से पूछताछ कर रही हैं।

उडऩदस्ता प्रभारी सुनील वर्मा ने बताया कि मुख्य वन संरक्षक एसपी तिवारी को सूचना मिली कि लटेरी के मुरारिया गांव में हकीम खान नाम का व्यक्ति मोरों की तस्करी कर रहा है। संरक्षक ने जिले में किसी को सूचना दिए बिना गोपनीय तरीके से उडऩदस्ते की टीम को रवाना किया।

टीम के सदस्य सीधे मुरारिया गांव पहुंचे और मोरों का सौदा किया। तस्करी की पुष्टि होते ही हकीम खान पिता अलादीन उम्र 35 साल को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से तीन मोरों को बरामद कर लिया।

टीम से बोला जिबह कर दूं

उडऩदस्ते की टीम ने से जब मोर के दाम पूछे तो उसने चार हजार रुपए प्रति मोर बताया। बाद में मोलभाव करते हुए दाम दो हजार रुपए पर ले आया। टीम ने छह हजार रुपए में तीनों मोर का सौदा किया।

सौदा होने पर जैसे ही रुपए दिए गए आरोपी बोला मोरों को काट कर दे दूं, टीम ने जिंदा देने की मांग की तो वह ना-नुकुर करने लगा, इस बीच उडऩदस्ते के अन्य सदस्यों ने मौके पर पहुंचकर आरोपी को दबोच लिया।

कार्रवाई में उडऩदस्ता टीम के डिप्टी रेंजर आरके चतुर्वेदी वन रक्षक देवेंद्र शर्मा, नागेन्द्र मिश्रा, महेश चौहान वन रक्षक बालमपुर, शारदा सिंह परिहार एवं चंद्रिका कटारे शामिल रहे।

यह है नियम
मोर शेड्यूल वन के भाग दो में संरक्षित पक्षी है। यह सबसे उच्च श्रेणी के संरक्षित पक्षियों में आता है। मोर का शिकार या तस्करी करने पर आठ साल तक की कैद का प्रावधान है।