22 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

महंगा डिजायनर चश्मा पहनती है ये कैट, हर माह 50 हजार तक का खर्चा

तेजी से बढ़ रही पेट्स केयर इंडस्ट्री, पिछले सालों की तुलना में अब लोगों के पास हैं दोगुने पेट्स, कैट का पोट्रेट हाथ पर बनवाया

2 min read
Google source verification
pet.png

पेट्स केयर इंडस्ट्री

भोपाल. राजधानी में पेट केयर इंडस्ट्री बूम कर रही है। पिछले सालों की तुलना में अब लोगों के पास दोगुने पेट्स हैं। पेट्स रखने के साथ ही वे अपनी आय का खासा हिस्सा पेट्स लाइफ स्टाइल पर खर्च कर रहे हैं। पालतू जानवरों को परिवार के सदस्यों के रूप में स्वीकारोक्ति तेजी से बढ़ रही है। इसी कारण पेट्स इंडस्ट्री भी तेजी से बढ़ रही है। पेट केयर इंडस्ट्री में फूड, फार्मास्यूटिकल्स, क्लॉथ, टॉयज और एसेसरीज शामिल हैं।

एक्सपर्ट्स के मुताबिक भारत में 2025 तक पेट केयर का मार्केट 800 मिलियन डॉलर तक पहुंच जाएगा। वहीं पेट फूड का मार्केट 300 मिलियन से अधिक तक पहुंच जाएगा। पेट लवर्स अब अपने पेट्स के लिए माउथ फ्रेशनर से लेकर ड्राई बाथ तक इस्तेमाल कर रहे हैं.

हर महीने 25 से 50 हजार खर्च
पेट ऑनर रोहित ने बताया कि उनके पास कुत्ते, बिल्ली और बड्र्स हैं। इन पर वे हर महीने 20 से 25 हजार रूपए खर्च कर रहे हैं। कुछ लोग तो 50 हजार रुपए तक खर्च कर रहे हैं. माउथ फ्रेशनर, झूले, आरामदायक बिस्तर से लेकर उनके लिए खास खाना मंगवाते हैं। उनके लिए वे बड़े शहरों से अलग-अलग फ्लेवर की फूड ट्रीट्स मंगवाते हैं।

ड्राई बाथ, टाई, चश्मा, डिजाइनर कपड़ों की मांग
पेट ग्रूमिंग शॉप के ऑनर मोहन ने बताया, शहर में नए प्रोडक्ट्स की डिमांड है। लाइफस्टाइल से लेकर ग्रूमिंग तक नई चीजें आई हैं जो पेट ऑनर के लिए सुविधा बन रही हैं। पेट्स को सर्दियों में ठंड से बचाने के लिए ड्राई बाथ लोगों की पहली पंसद बन रही है। अब लोग पार्टीज में अपने साथ लेकर जाते हैं तो नए तरह के कपड़े डिमांड में रहते हैं।

राजधानी में हैं 100 दुकानें
केट ऑनर ने हारून ने बताया कि शुरुआत में राजधानी में 8 से 10 दुकानें थीं जो कि पिछले 5 साल में अब बढ़कर 100 तक पहुंची हैं। जानवरों के शैम्पू, कंडिशनर, परफ्यूम, ऑयल कस्टमाइज्ड आ रहे हैं। मुंबई और बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों की तर्ज पर अब भोपाल की पेट केयर इंडस्ट्री बूम कर रही है। वे कैट के कई ब्रीड्स के हिसाब से प्रोडक्ट्स मार्केट में हैं।

अपनी बिल्ली का पोट्रेट बनवाया: पिछले 6 साल से बिल्ली पाल रहीं रीना सर्राफ ने अपने हाथ पर बिल्ली का पोट्रेट बनावाया है। इसकी कीमत 20 हजार आई। उन्होंने बताया यह मेरी फेवरेट है। टैटू आर्टिस्ट दिगंत ने बताया कि लोगों में अब अपने पेट्स का नाम, सिम्बोलिक, पोट्रेट बनवाने का क्रेज बढ़ा है। ज्यादातर चेस्ट, बायसेप्स, फोरआर्म, थाइज पर लोग टैटू बनवाते हैं।