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रेड सिग्नल फ्री होगा शहर का ट्रैफिक

- मंत्री के निर्देश पर नगर निगम कराएगा ग्रेड सेपरेटर बनाने के लिए सर्वे  

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भोपाल। बोर्ड ऑफिस चौराहा, ज्योति टॉकीज चौराहा, न्यू मार्केट चौराहा जैसे ट्रैफिक डेंसिटी से जूझ रहे स्थानों पर ट्रैफिक की लालबत्ती पर आपको बिना रोके आगे निकालने के लिए कवायद शुरू हुई है।

निगम प्रशासन शहर में इसके लिए एक सर्वे शुरू करने जा रहा है। योजना ये हैं कि ज्यादा जाम रहने वाले चौराहों, रास्तों पर गे्रड सेपरेटर, ब्रिज बनाकर ट्रैफिक को रेड सिग्नल फ्री कर दें। नगरीय प्रशासन मंत्री जयवद्र्धनसिंह ने निगम प्रशासन को इसके लिए प्लान बनाने का कहा है।

हालांकि आर्थिक संकट से जूझ रहे निगम के लिए योजना को जमीन पर उतारना आसान नहीं होगा, लेकिन मप्र शासन की मदद मिलती है तो प्रोजेक्ट मुश्किल भी नहीं है। दरअसल शहर के विभिन्न संगठनों ने मंत्री से शहर की ट्रैफिक और अन्य समस्याओं के बारे में बताया था। इसके बाद ही सर्वे की बात कही है।

बताया जा रहा है कि लोकसभा चुनाव आचार संहिता के बाद निगम की सिविल टीम द्वारा सर्वे पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद तय स्थानों पर ग्रेड सेपरेटर को लेकर डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाई जाएगी।

इसके आधार पर शासन से राशि की मांग कर उसे मंजूर कराया जाएगा। एक ग्रेड सेपरेटर के लिए कम से कम ६० करोड़ रुपए की जरूरत होगी। राशि का इंतजाम होने पर जमीनी काम शुरू हो सकता है। इसमें कुछ स्थानों पर मेट्रो ट्रेन प्रोजेक्ट का काम चल रहा है वहां इसका ध्यान रखने की बात भी कही गई है।

यहां ग्रेड सेपरेटर हो तो ट्रैफिक रेड सिग्नल फ्री हो जाए

बोर्ड ऑफिस चौराहा- यहां ज्योति टॉकीज से, प्रगति पेट्रोल पंप की और से, लिंक रोड की ओर से व अरेरा हिल्स-एमपी नगर थाने की ओर आने वाला ट्रैफिक टकराता है। जाम लगता है। यहां ग्रेड सेपरेटेर से चौराहा और इससे लगी सड़क का ट्रैफिक रेड सिग्नल फ्री किया जा सकता है। हालांकि मेट्रो ट्रेन प्रोजेक्ट का काम यहां शुरू हुआ है एेसे में इस काम के आधार पर ही यहां योजना बनाई जा सकती है।

न्यू मार्केट अपेक्स बैंक चौराहा- यहां लिंक रोड की ओर से, न्यू मार्केट रोशनपुरा की ओर से,माता मंदिर के साथ ही टीटी नगर स्टेडियम की ओर से आने वाला ट्रैफिक टकराता है। स्मार्टसिटी एबीडी प्रोजेक्ट में टीटी नगर के विकसित होने पर ट्रैफिक और बढ़ेगा, एेसे में यहां वाहन बिना रूके बढ़े इसके लिए ग्रेड सेपरेटर की जरूरत है।

रोशनपुरा चौराहा से पोलीटेक्निक चौराहा- स्मार्टसिटीे के तौर पर विकसित होने वाले टीटी नगर का ट्रैफिक यहां भी बढ़ेगा। अब भी स्थिति विकट है। रोशनपुरा, पोलीटेक्निक चौराहा, टीटी नगर समेत बाणगंगा-राजभवन की और का ट्रैफिक टकराता है। यहां ब्रिज जरूरी है।

भारत टॉकीज चौराहा- पुराने शहर में सबसे व्यस्ततम और ट्रैफिक जाम से जूझने वाला क्षेत्र। यहां पूरे समय जाम के हालात रहते हैं। इसके साथ ही भारत टॉकीज के साथ भोपाल टॉकीज, बैरसिया रोड तक के ट्रैफिक को रेड सिग्नल फ्री कर जाम की स्थिति को खत्म करने गे्रड सेपरेटर जरूरी है।

कोलार रोड मंदाकिनी चौराहा- शहर के इस नवविकसित क्षेत्र की मुख्य सड़क पर सबसे अधिक जाम मंदाकिनी कॉलोनी चौराहा इसे जेके हॉस्पिटल चौराहा भी कहते हैं। जानकी नगर, सर्वधर्म, राजहर्ष और मंदाकिनी-जेके हॉस्पिटल का ट्रैफिक टकराता है। पीक अवर्स में लंबा जाम लग जाता है। यहां ब्रिज जरूरी है।
नोट- आर्किटेक्ट व प्लानर शैलेंद्र बागरे, अध्यक्ष स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग एसोसिएशन अब्दुल मजीद, रिटायर्ड पीडब्ल्यूडी एसई आरके गर्ग ने जैसा बताया।

यहां ट्रैफिक की राह आसान करने काम चालू
- लालघाटी चौराहे पर ब्रिज बनाने का काम जारी है।

- सुभाष रेलवे फाटक व बावडिया कला रेलवे फाटक पर ब्रिज का काम चल रहा है।
- बैरसिया रोड पर रिंग रोड पर ब्रिज बनाया ताकि ट्रैफिक टकराए नहीं

- मोती मस्जिद के आगे सड़क चौड़ीकरण से ट्रैफिक को राहत की कोशिश
- एमपी नगर ज्योति टॉकीज से अन्ना नगर के बीच स्मार्टरोड का निर्माण शुरू करने की कोशिश

४०० करोड़ जुटाना चुनौती
ग्रेड सेपरेटर, फ्लाईओवर बनाने की योजना को जमीन पर उतारने कम से कम ४०० करोड़ रुपए की जरूरत होगी। एक ब्रिज की लागत औसतन ६० करोड़ रुपए के आसपास रहेगी। निगम की कुल कमाई ७०० करोड़ रुपए है। बाकी राशि अनुदान के तहत मिलती है। एेसे में केंद्र व राज्य सरकार की मदद लेना जरूरी है। हो सकता है कि पीडब्ल्यूडी, सीपीए जैसी एजेंसियों की मदद से कुछ काम कराएं जाएं।

कोट्स

भोपाल बड़ा शहर है और ट्रैफिक की बड़ी दिक्कत है। एेसे में यहां ट्रैफिक की आसान निकासी के उपाय करना जरूरी है। संबंधित एजेंसियां इसे करेंगी।
- जयवर्धन सिंह, मंत्री नगरीय प्रशासन एवं विकास