
भोपाल. नर्मदा, यमुना और गोदावरी है अ्डकित नदी की सहायक नदियों का जल शुद्धिकरण वनीकरण (पौधरोपण) के जरिए किया जाएगा। जल शुद्धिकरण और प्रवाह को अविरल बनाने के लिए केंद्र ने राज्य सरकार को एक्शन प्लान भेजा है। इन नदियों, कैचमेंट एरिया और सहायक नदियों के पानी को प्राकृतिक रूप से शुद्ध करने के लिए करीब 2019 करोड़ रुपए का कांसेप्ट प्लान भेजाहै,जो सरकार को चरणबद्ध तरीके से लागू करना होगा।
केंद्र सरकार ने ये काम कैम्पा फंड से करने के लिए कहा है | इसमें सबसे ज्यादा राशि नर्मदा और उसके कैचमेंट एरिया के जल को उपचारित करने पर खर्च की जाएगी। कैचमेंट एरिया में ऐसे पौधे लगाए जाएंगे, जिससे बारिश के दौरान मिट्टी के कटाव को रोका जा सके। इसके अलावा गर्मी के समय में इन पौधों के जरिए नदियों में पानी का प्रवाह बना रहे | कैचमेंट में सरई, साल सहित अन्य पौधे लगाए जाएंगे, जो पानी को संचित करने में मदद करते हैं। नदियों से वैज्ञानिक और गणतीय लरीके से रेत निकालने की भी योजना सरकार को बनानी होगी।
तैयार होंगे घने जंगल
इन नदियों के किनारे वन भूमि में वनीकरण कर घने जंगल तैयार किए जाएंगे। इसमें वन समितियों की भी वन विभाग मदद ले सकेगा। निजीजमीनों पर बांस, उद्यानिकी और अन्य जैविक खेती के लिए किसानों को प्रेरित करने के साथ ही उन्हें अलग-अलग तरह से अनुदान देने की भी व्यवस्था की जाएगी। नदियों के दोनों तरफ पांच-दस हेक्टेयर में जंगल और उद्यानिकी, जैविक खेती की जाएगी, जिससे नर्मदा, यमुना और गोदावरी में जाने वाला पानी हरिद्वार के गंगा जल जैसे हो। इसके लिए वनवासियों, वन समितियों और किसानों की भागीदारी तय करने के लिए वन, कृषि और उद्यानिकी विभाग को एक्शन प्लान तैयार करना होगा। इस काम को पांच वर्ष में करना होगा।
प्राकृतिक रूप से जल शुद्धिकरण की कवायद
नर्मदा: अनूपपुर जिले में अमरकंटक से निकलती है। आलीराजपुर के सॉडवा तक नर्मदा 1077 किमी लंबा सफर कर राज्य के 16 जिलों से गुजरती है। इस नदी और सहायक नदियों को वनीकरण से उपचारित करने 1482 करोड़ रुपए का प्लान केन्द्र सरकार ने तैयार किया है।
यमुना: कैचमेंट क्षेत्र ग्वालियर और भिंड जिले में आता है। मप्र की चंबल, सेंगर, बेतवा, केन और छोटी सिंधु नदी यमुना की सहायक नदियां हैं। इसके कैचमेंट क्षेत्र में 542 करोड़ रुपए खर्च होने हैं।
गोदावरी: महाराष्ट्र से लगे मप्र के छिंदवाड़ा, सिवनी, बैतूल जिलों से निकलने वाली नदियों का पानी गोदावरी नदी के कैचमेंट क्षेत्र में जाता है। मप्र में इन नदी की सहायक नदियां कन्हान, वर्धा, वैनगंगा हैं। इन नदियों और इनके कैचमेंट में वनीकरण और जलोपचार के लिए 35 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।
Published on:
13 Feb 2022 03:40 pm
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