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कोलार को नहीं मिल सका खेल मैदान

-23 23 लाख की लागत से हिनौतिया और बंजारी डी सेक्टर में बनाना था बीडीए को खेल मैदान

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भोपाल

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Amit Mishra

Sep 13, 2018

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कोलार को नहीं मिल सका खेल मैदान

भोपाल/ कोलार. सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए कई प्रकार की योजनाएं तो शुरू की है, लेकिन सच्चाई ये है कि कोलार में अभी तक एक भी खेल मैदान नहीं बनाया जा सका। खेल मैदान के नहीं होनें से खिलाडिय़ों को मयूस होना पड़ा रहा हैं।

वार्ड 80 स्थित बंजारी दशहरा मैदान में ढाई एकड़ में और वार्ड 84 स्थित हिनौतियां आलम में तीन एकड़ में 25 -25 लाख की लागत से बीडीए को खेल मैदान बनाना था ,लेकिन डेढ़ वर्ष बीत जाने के बाद भी खेल मैदान नहीं बनाया जा सका। वार्ड 80 बंजारी दशहरा मैदान में विभाग मैदान के एक ओर फैंसिंग करके काम आधा अधूरा छोड दिया।

रहवासियों का कहना है कि जब खेल मैदान बनने की जानकारी मिली थी तो लगा था कि जल्द ही कोलार में सभी सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा ,लेकिन यह खुशी केवल कागजों तक ही सिमट के रह गई ,जिस कारण खेल में रूचि रखने वाले खिलाडिय़ों को आज भी 10 किमी टीटी नगर और शिवाजी नगर स्थित खेल मैदान में जाकर खेलने को मजबूर हैं।

हिनौतिया में हुआ आधा काम
हिनौतिया खेल मैदान को बनाने की जि मेदारी बीडीए को दी गई है ,लेकिन भूमिपूजन के बाद थोड़ा बहुत काम करके मैदान को वैसे ही छोड़ दिया गया हैं। खेल मैदान के अभाव में बच्चे विभिन्न खेलों की रिहर्सल नहीं कर पा रहे हैं।

खेल मैदान का पूरा निर्माण नहीं होने के बारे में स्थानीय विधायक रामेश्वर शर्मा का कहना है कि खेल मैदान का काम हो गया है बचा हुआ काम जल्द ही पूरा करने के लिए बीडीए के अधिकारियों को निर्देश दिया गया हैं।

खिलाडिय़ों का सपना नहीं हो सका साकार
स्पोर्ट्स की टे्निंग लेने वाले खिलाडिय़ों का कहना है कि कोलार में एक भी खेल मैदान नहीं होने से सलैया स्थित एक निजी स्टेडियम में जाना पड़ रहा हैं। फीस भी अधिक होने और 5 किमी का सफर तय करने में रोजाना एक से डेढ़ घंटे बर्बाद होता है जिस कारण खेल मे समय कम दे पा रहे हैं।

खेल मैदान नहीं होने से क्रिकेट, फुटबॉल, बैडमिंटन सहित आउटडोर व इनडोर खेलों में अपनी प्रतिभा दिखाने वाले खिलाडिय़ों को आज भी 10 किमी का सफर तय करना पड़ रहा हैं।

मुझे क्रिकेट खेलना पंसद है ,लेकिन आसपास खेल मैदान के नहीं होने से न्यू मार्केट जाना पड़ रहा था। आने जाने में अधिक समय लगने से टीटी नगर जाना बंद करना पड़ा।
सौरभ पाण्डेय, खिलाड़ी

कोलार में खेल मैदान के नहीं होने से सलैया जाना पड़ता है। जाने आने वाला रास्ता भी ठीक नहीं है इस लिए कुछ महीनों से क्रिकेट की प्रैक्टिस नहीं हो पा रही हैं।
अर्थव त्रिपाठी , खिलाड़ी


कोलार मेें एक भी खेल मैदान नहीं होने से मै अपने खेल को आगे नहीं बढ़ा सकी। अगर खेल मैदान बन जाता है तो मेरे जैसे किसी और को परेशान नहीं होना पड़ेगा।
सौम्या भटनागर ,खिलाड़ी

खेल मैदान के नाम पर थोड़ा बहुत काम किया गया हैं। समय पर मैदान तैयार नहीं होने से पूरे कोलार के रहवासियों और खिलाडिय़ों का मायूस होना पड़ रहा है।
मनजीत मारन, पार्षद वार्ड 84

खेल मैदान का निर्माण कार्य किया जा रहा है। जब तक मैदान का पूरा निर्माण नहीं होगा तब तक ठेकेदारों को पेमेंट नहीं किया जाएगा
अनिल अग्रवाल, सब इंजीनियर , बीडीए