
Report
भोपाल. भोपाल सहित इंदौर, शिवपुरी बालाघाट और अलीराजपुर जिलों के निजी स्कूलों पर शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत नीति आयोग एक शोध रिपोर्ट तैयार करेगा। शोध में शामिल निजी स्कूलों का नाम गोपनीय रखा हैं, ताकि सही आंकड़े आयोग के सामने आ सकें । जिलों के चयन में भी राज्य शासन और स्कूल शिक्षा विभाग को दूर रखा गया है। राज्य शासन ने केंद्र सरकार को शिक्षा का अधिकार अधिनियम को लेकर फीडबैक और रिपोर्ट पेश की हैं, जिसमें बताया गया है कि इस अधिनियिम को लेकर मप्र में सबसे अच्छा काम हुआ है। इसके बाद नीति आयोग ने यहां शोध करने का निर्णय लिया है। नीति आयोग ने ही प्रदेश के पांचों जिलों का चयन किया। नीति आयोग द्वारा गैर अनुदान प्राप्त निजी स्कूलों में सैंपल सर्वे एंड स्टडी अंडर आरटीइ विषय पर एक अध्ययन रिपोर्ट तैयार कर भारत सरकार को सौंपी जाएगी।
रेकॉर्ड से पता लगाएंगे प्रबंधन की गंभीरता
नीति आयोग के अनुसार इस रिपोर्ट में निजी स्कूलों में पहली कक्षा में दाखिला लेने के बाद बच्चों के साथ किया जाने वाला बर्ताव, उनके रेकॉर्ड, बच्चों को आगे की कक्षाओं में सतत प्रवेश दिया गया है अथवा निकाल दिया गया है जैसे बिंदु शामिल रहेंगे। इसमें प्री-स्कूल या पहली कक्षा जिसमें आरटीइ के तहत प्रवेश दिया गया है, उससे संबंधित रेकॉर्ड (जैसे प्रवेश के समय दिए गए पेपर, आय-जाति, निवासी, वंचित समूह संबंधि पेपर) पर सबसे अधिक फोकस किया जाएगा, ताकि स्कूल प्रबंधन की इस अधिनियम के प्रति गंभीरता का पता लगाया जा सके।
निजी फर्म करेगी अध्ययन
नीति आयोग ने इस शोध रिपोर्ट के लिए नई दिल्ली की डेवलपमेंट एंड रिसर्च प्राइवेट लि फर्म को अधिकृत किया है। शोध में पालकों-बच्चों, स्कूल प्रबंधन और जिले के अधिकारियों से भी फीडबैक लिया जाएगा। इस रिपोर्ट के आधार पर आरटीइ के प्रभाव का भी आंकलन किया जाएगा।
शिक्षा के अधिकार अधिनियम का मप्र में अच्छा क्रियान्वयन हुआ है। इसको लेकर नीति आयोग ने पांच जिलों का चयन किया है। जहां शोध रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
रमाकांत तिवारी, उप संचालक, राज्य शिक्षा केंद्र
Published on:
23 Oct 2018 04:04 am
बड़ी खबरें
View Allभोपाल
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
