- हेल्पलाइन नंबर के जरिए की जा रही मदद
भोपाल. कोरोना लॉकडाउन के कारण मुसीबत में फंसे लोगों को भोजन एवं राशन सामग्री मुहैया कराने के लिए भाजपा ने फीड द नीडी अभियान शुरू किया है। मध्यप्रदेश में इस अभियान के तहत छह दिन में 28 लाख लोगों तक भोजन के पैकेट या राशन मुहैया कराया है। पार्टी ने इस अभियान के लिए हेल्पलाइन नंबर 0755-4087411 जारी किया है, जिस पर कॉल करके प्रदेश में कही पर भी मदद मांगी जा सकती है।
प्रदेश भाजपा कार्यालय में एक कंट्रोल रूम बनाया है, जहां से पूरे प्रदेश में इस काम के लिए जुटे एक लाख से अधिक कार्यकर्ताओं को मॉनीटर करने के साथ ही लोगों के फोन अटैंड कर उन्हें मदद पहुंचाई जा रही है। अभी तक इस कंट्रोल रूम में पांच हजार से ज्यादा कॉल आ चुके हैं। संगठन भोजन के साथ ही मुसीबत में फंसे लोगों को हरसंभव मदद भी कर रहा है।
- बॉर्डर पर फोकस
भाजपा ने अपने इस अभियान में प्रदेश की बॉर्डर पर पडऩे वाले जिलों पर फोकस किया है। यहां दूसरे राज्यों से आने वाले मजदूरों को भोजन-नाश्ता के साथ ही जिला प्रशासन के साथ मिलकर उनके ठहरने और कपड़े एवं अन्य सामग्री की व्यवस्था भी भाजपा फीड द नीडी अभियान के तहत कर रही है।
- इस तरह बनाई गई टीम
भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष विजेश लुनावत को फीड द नीडी अभियान का प्रदेश प्रभारी और राघवेंद्र सिंह तो सह प्रभाी बनाया गया है। वहीं, विजय अटवाल, राहुल कोठारी, आलोक संजर और विकास बोंदरिया सहयोगी बनाए गए हैं। प्रदेश कार्यालय कें कंट्रोल रूम का जिम्मा आलोक संजर और शैलेंद्र शर्मा को दिया गया है।
- इस तरह की भी मदद
इंदौर के अटल विकास नगर में झारखंड के 6 लोग फंसे थे उन्हें कॉल पर राशन भिजवाया गया।
भोपाल में एक निजी बिल्डर की साइट पर बालाघाट के 15 मजदूर अपने परिवार के साथ थे, उन्हें भोजन दिया गया।
बेंगलूरु बैंगलोर में उज्जैन के विपुल मिश्रा फंसे थे उन्हें अपने घर भिजवाया गया।
अहमदाबाद में चेतन खत्री थे, उनकी माता जबलपुर में वेंटीलेटर पर थी, उन्हें अपने घर भिजवाया गया।
करोना को लेकर कांग्रेस का बूथ मैनेजमेंट
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ के निर्देश का असर अब पूरे प्रदेश में नजर आने लगा है। इस मुश्किल घड़ी में भी कांग्रेस ने बूथ मैनेजमेंट किया है। ये बूथ मैनेजमेंट है जरूरतमंदों की सहायता के लिए और लोगों के खाने-पीने की व्यवस्था के लिए। कांग्रेस ने अपने हर कार्यकर्ता से कहा है कि वे जिस बूथ पर रहते हैं, वहां कोरोना की वजह से कोई भूखा नहीं रहना चाहिए। ये कार्यकर्ता कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करते हुए, सोशल डिस्टेंसिंग रखते हुए और प्रशासन के साथ समन्वय बनाते हुए इन सारी व्यवस्थाओं को अंजाम दे रहे हैं। कांग्रेस के बूथ से लेकर सेक्टर, मंडलम, ब्लॉक और जिला कमेटी के कार्यकर्ताओं को ये निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्र में सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर लोगों की सहायता करें। जो बीमार हैं उनको स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराएं और जिन लोगों के पास खाने-पीने का राशन नहीं पहुंच पाया है, उनको उनकी जरूरत का सामान उपलब्ध कराएं। वहीं, प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में रोजाना 30 हजार लोगों का खाना बन रहा है।
- ये काम कर रहे हैं कार्यकर्ता
बूथ कार्यकर्ता अपने बूथ का मंडलम और सेक्टर कार्यकर्ता अपने क्षेत्र में काम पर जुटे हैं।
वे अपनी रिपोर्ट सोशल मीडिया के जरिए कांग्रेस कार्यालय तक भेज रहे हैं।
रोजाना स्थानीय प्रशासन के साथ संपर्क और संवाद।
पलायन से वापस आ रहे मजदूरों की चिंता।
बीमार लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराना।
जरुरतमंदों तक उनकी जरुरत का सामना पहुंचाना।
भूखे लोगों को खाना खिलाना।
मजदूरों और गरीब लोगों के घर राशन का इंतजाम करना।
गांव में आने वाले बाहरी लोगों को स्कूल या पंचायत भवन में ठहराना।
हर व्यक्ति को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करवाना।
अनावश्यक गांव के व्यक्ति को बाहर जाने से और बाहर के व्यक्ति को गांव में आने से रोकना।
कांग्रेस भोपाल में खाने के करीब 30000 पैकेट बांट रही है। प्रदेश में हमारे सभी कार्यकर्ता इस आपदा की घड़ी में लोगों की मदद में लगे हैं। हम लोग जनता का संकट या सेना की शहादत को राजनीतिक रंग नहीं देते। भाजपा हर देश के संकट में राजनीतिक फायदा लेने का प्रयास करती है।
- दिग्विजय सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री