भोपाल

बवंडर में ध्वस्त हुए बड़े ट्रांसमिशन टॉवर, कई सर्किटों में बिजली आपूर्ति ठप, तीन सप्ताह में होगा सुधार

Power supply disrupted - एमपी में अचानक बिगड़े मौसम के कारण कई जगहों पर बिजली आपूर्ति ठप हो गई है।

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May 05, 2025
Capacitor banks installed in 412 substations to end the problem of low voltage in MP

Power supply disrupted - एमपी में अचानक बिगड़े मौसम के कारण कई जगहों पर बिजली आपूर्ति ठप हो गई है। तेज हवाओं और बवंडर के कारण कुछ बड़े ट्रांसमिशन टॉवर ध्वस्त हो गए जिससे कई सर्किटों में बिजली सप्लाई प्रभावित हुई। सोन नदी क्रॉसिंग के लिए स्थापित 72 मीटर ऊंचा विशेष ट्रांसमिशन टॉवर भी क्षतिग्रस्त हो गया। प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि कई टॉवर टूटे हैं पर अमरकंटक में उत्पादित बिजली की निकासी और पारेषण पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है। कुछ क्षतिग्रस्त टॉवरों की मरम्मत शुरु कर दी गई है हालांकि प्रभावित सर्किटों से विद्युत आपूर्ति पुनः बहाल करने में तीन सप्ताह लग सकते हैं।

ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी की 220 केव्ही अमरकंटक–सीधी तथा 220 केव्ही सीधी–रीवा ट्रांसमिशन सर्किट के चार टॉवर क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इस कारण अमरकंटक से सीधी 220 केव्ही सर्किट में बिजली सप्लाई प्रभावित हुई लेकिन 220 केव्ही सबस्टेशन सीधी में वैकल्पिक ट्रांसमिशन सप्लाई उपलब्ध होने से क्षेत्र में विद्युत व्यवधान नहीं हुआ।

मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर के मुताबिक इससे अमरकंटक थर्मल पावर स्टेशन चचाई में उत्पादित बिजली की निकासी और पारेषण पर भी कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ा है। अन्य सर्किट अनूपपुर और जबलपुर में विद्युत आपूर्ति सुचारु बनी रही।

72 मीटर ऊंचा टावर भी टूटा

एमपी ट्रांसको के मुख्य अभियंता संदीप गायकवाड़ ने बताया कि विंध्य क्षेत्र में सोन नदी के आसपास मौसम के अचानक बिगड़ने से उपरोक्त दोनों सर्किट में दो टॉवर पूरी तरह टूट गए। दो अन्य टॉवर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए। इन टॉवरों में से एक 72 मीटर ऊंचाई का विशेष ट्रांसमिशन टॉवर है, जोकि सोन नदी क्रॉसिंग के लिए स्थापित किया गया था।

वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार क्षतिग्रस्त टॉवरों की मरम्मत का काम प्रारंभ कर दिया गया है। प्रभावित सर्किटों से बिजली आपूर्ति पुनः बहाल करने में कम से कम तीन सप्ताह का समय लग सकता है। भौगोलिक स्थितियों दुर्गम होने के बावजूद कर्मचारी, अधिकारी, अभियंता अपने काम पर जुटे हुए हैं।

Published on:
05 May 2025 04:55 pm
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