
द्वितीय श्रेणी शिक्षक भर्ती-2018 नियुक्ति का रास्ता साफ, हाईकोर्ट की रोक हटी
भोपाल : पवई से भाजपा विधायक प्रहलाद लोधी की विधानसभा सदस्यता समाप्त होने के मामले में प्रदेश की सियासत गरमा गई है। प्रहलाद लोधी विधानसभा अध्यक्ष के इस फैसले के खिलाफ सोमवार को हाईकोर्ट में अपील करेंगे। प्रहलाद लोधी ने कहा कि राजनीति से प्रेरित होकर उनकी सदस्यता खत्म की गई है, वे इस अन्याय के खिलाफ लड़ाई लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि सजा सुनाने के बाद जब कोर्ट ने तत्काल जमानत दे दी तो फिर उनकी सदस्यता खत्म क्यों की गई।
वहीं पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि जिस प्रजेंटेशन ऑफ पीपुल्स एक्ट की धारा 191 के तहत विधानसभा अध्यक्ष ने सदस्यता समाप्त कर रिक्त स्थान की घोषणा की है वो उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता। शिवराज ने कहा कि इस धारा में स्पष्ट उल्लेख है कि यह अधिकार राज्यपाल को है। राज्यपाल भी चुनाव आयोग से रिपोर्ट लेने के बाद इस अधिकार का उपयोग कर सकते हैं। यह बुलेट ट्रेन की गति से लिया गया एकतरफा निर्णय है। नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने कहा कि पूरी पार्टी चट्टान की तरह प्रहलाद लोधी के साथ खड़ी हुई है।
कांग्रेस का पलटवार :
कांग्रेस ने भाजपा नेताओं के बयानों पर पलटवार किया है। नगरीय प्रशासन मंत्री जयवद्र्धन सिंह ने ट्वीट कर कहा िकविधानसभा अध्यक्ष जी का निर्णय उचित एवं कानून सम्मत है। 2013 में सुप्रीम कोर्ट जनप्रतिनिधित्व कानून धारा 8 (4) को निरस्त कर चुका है। माननीय शिवराज जी, कानून और कोर्ट के आदेश पर विवेक से कार्य लीजिए। साथ जयवद्र्धन ने कहा कि जल्द ही हम झाबुआ का परिणाम दोहरायेंगे।
वहीं उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी ने ट्वीट कर कहा कि भाजपा विधायक प्रह्लाद सिंह लोधी की सदस्यता समाप्त होने पर शिवराज सिंह चौहान का वक्तव्य दुखद है, शिवराज जी आपकी मनोस्थिती समझ से परे है, जब आप सीएम थे तभी यह मारपीट हुई, तभी यह जांच चली ऐसे में अब कोर्ट के फैसले और संविधान पर सवाल खड़े करना आपको शोभा नहीं देता।
Published on:
04 Nov 2019 09:13 am
