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प्रहलाद लोधी केस पर एक-दो दिन में साफ होगी तस्वीर

- सुप्रीमकोर्ट में लंबित है मामला, सरकार ने हाईकोर्ट के स्थगन को दी है चुनौती

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भोपाल। भाजपा के प्रहलाद लोधी मामले में एक हफ्ते बाद भी सुप्रीमकोर्ट ने गौर नहीं किया है। हाईकोर्ट द्वारा लोधी की सजा पर स्थगन दिए जाने के बाद राज्य सरकार ने सुप्रीमकोर्ट में विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) लगाई है। राज्य सरकार के महाधिवक्ता शशांक शेखर कहते हैं कि एक-दो दिन में स्थिति साफ हो जाएगी। वहीं राजभवन चुनाव अयोग की राय का इंतजार कर रहा है।

राज्य सरकार ने सुप्रीमकोर्ट में लगाई विशेष अनुमति याचिका पर कोर्ट से आग्रह किया है कि विशेष न्यायालय का निर्णय यथावत रखते हुए हाईकोर्ट के स्थगन को समाप्त किया जाए। अगले माह होने वाले विधानसभा सत्र को देखते हुए राज्य सरकार चाहती है कि इस मामले पर असमंजस की स्थिति समाप्त हो, इसलिए कोर्ट से आग्रह किया था कि याचिका को स्वीकारते हुए जल्द मामले का निराकरण किया जाए, लेकिन एक हफ्ते बाद भी स्थिति साफ नहीं हो पाई है।

स्पीकर के फैसले को लागू करने में जुटा सचिवालय -

विधानसभा अध्यक्ष लोधी की सदस्यता समाप्त करते हुए पवई विधानसभा सीट रिक्त घोषित करने की सूचना चुनाव आयोग को भेज चुके हैं। लेकिन आयोग ने इस मामले में कोई सूचना न तो सीईओ को भेजी है और न ही सचिवालय को दी है।

वहीं विधानसभा सचिवालय स्पीकर के निर्णय को लागू करने में जुटा है। पत्रिका से चर्चा करते हुए लोधी ने कहा कि हाईकोर्ट ने सजा पर स्थगन देने के साथ ही विधायकी भी बहाल हो जाती है, लेकिन सचिवालय इसे मानने को तैयार नहीं है। विधायक के तौर पर पूछे जाने वाले सवाल भी स्वीकार नहीं किए जा रहे हैं।

किसने क्या कहा -
प्रहलाद लोधी प्रकरण पर राज्य सरकार की ओर से सुप्रीमकोर्ट में याचिका लगाई गई है। कोर्ट ने सुनवाई की तिथि तय नहीं की है। उम्मीद है कि एक-दो दिन में तिथि तय हो जाएगी।

- शशांक शेखर, महाधिवक्ता मध्यप्रदेश सरकार

राज्य सरकार की याचिका पर कोई निर्णय लेने के पहले सुप्रीमकोर्ट हमारा भी पक्ष सुने, इसलिए सुप्रीमकोर्ट में केविएट लगाई जा चुकी है। सुप्रीमकोर्ट से सुनवाई की तिथि का इंतजार है।
- प्रहलाद लोधी, भाजपा विधायक