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#MP Assembly Elections: जानिये कहां फंसा बसपा और कांग्रेस के गठबंधन में पेंच!

जानिये कहां फंसा बसपा और कांग्रेस के गठबंधन में पेंच!...

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#MP Assembly Elections: जानिये कहां फंसा बसपा और कांग्रेस के गठबंधन में पेंच!

भोपाल। इस साल के अंत यानि 2018 में मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने हैं। इन चुनावों को लेकर प्रदेश की दोनों मुख्य राजनीतिक पार्टियां भाजपा और कांग्रेस अपनी पूरी शक्ति के साथ तैयारियों में जुट गईं हैं। वहीं MP में भी गठबंधन की कोशिशें कर रही कांग्रेस को अब तक बसपा का समर्थन नहीं मिलने से परेशानियों का सामना भी करना पड़ रहा है।

सूत्रों के अनुसार मध्यप्रदेश के चुनावी रण में बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) भी अपना जनाधार बनाने में लगी हुई है। इसके अलावा बीएसपी का सीधे तौर पर कहना है कि वो मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव के दौरान किसी भी पार्टी से गठबंधन नहीं करेगी।

इस संबंध में बीएसपी ने रविवार को मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस से गठबंधन की बातों का खंडन किया है। बीएसपी ने कहा कि मध्यप्रदेश में इस वर्ष नवम्बर में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस के साथ उसकी कोई बातचीत नहीं हो रही है।

MP विधानसभा का चुनावी रण...
ऐसे में माना जा रहा था कि मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में मुख्य रूप से दो प्रमुख पार्टियों कांग्रेस और बीजेपी के बीच ही चुनावी रण होगा।

लेकिन वहीं दूसरी ओर इस वर्ष होने वाले चुनावों में सपाक्स व जयस भी विधानसभा चुनाव में उतरने का मन बना चुकेे हैं। ऐसे में इन दोनों की तैयारियों ने भाजपा और कांग्रेस के कई नेताओं की नींद उड़ा दी है। बताया जाता है कि चिंता में वो नेता ज्यादा हैं जो आदिवासी सीटों पर लंबे समय से काबिज हैं या सपाक्स के भरोसे लंबे समय से चुनाव जीतते आ रहे हैं।


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इन दोनों यानि सपाक्स व जयस के खुलकर चुनावों में आने से इन नेताओं को अब अपनी हार का डर सताने लगा है। वहीं सूत्रों के अनुसार कुछ भाजपा और कांग्रेस के नेता अब इन संगठनों को मनाने में जुट गए हैं।


BSP ने लगाया कांग्रेस पर ये आरोप...
जानकारों का कहना है कि एक ओर कांग्रेस प्रदेश जहां विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए किसानों और युवाओं को मुख्य केंद्र बनाकर अपना जनाधार बढ़ाने में लगी है। वहीं दूसरी ओर बीते 15 साल से राज्य में सत्ता चलाने वाला दल बीजेपी सत्ता विरोधी लहर को शांत करने की कोशिशों में जुटी हुई है।

इन सबके बीच मध्यप्रदेश बसपा के प्रदेश अध्यक्ष नर्मदा प्रसाद अहिरवार ने कहा कि कांग्रेस मध्य प्रदेश में गठबंधन को लेकर झूठा प्रचार कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के इस झूठे प्रचार से उनकी पार्टी को नुकसान हो रहा है। वहीं अहिरवार ने ये भी कहा है कि इस पर अंतिम फैसला पार्टी आलाकमान का होगा।

BSP का दावा और कांग्रेस पर हमला...
बीएसपी प्रदेश अध्यक्ष ने दावा किया कि प्रदेश में बीएसपी 50 से 55 सीटें जीतेगी। उन्होंने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस नेता जनता के बीच जाकर कह रहे हैं कि आगामी विधानसभा चुनाव के लिए बीएसपी के साथ गठबंधन के लिए कांग्रेस की बातचीत चल रही है।

उन्होंने कहा कि मैं स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए गठबंधन के विषय में राज्य स्तर पर हमारी कोई बातचीत नहीं हो रही है। जहां तक मुझे पता है कि केन्द्रीय स्तर पर भी कोई बातचीत नहीं हो रही है क्योंकि मुझे अब तक इस संबंध में केन्द्रीय नेतृत्व से कोई दिशानिर्देश नहीं मिले हैं। नर्मदा प्रसाद अहिरवार ने बताया कि हम प्रदेश की सभी 230 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेंगे।

कांग्रेस बोली हमने किसी पार्टी का नाम नहीं लिया...
वहीं मध्यप्रदेश कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रमुख माणक अग्रवाल ने कहा है कि गठबंधन करने के बारे में हमने किसी पार्टी का नाम नहीं लिया है। हमारी पार्टी ने सिर्फ इतना कहा है कि कांग्रेस समान विचार वाली पार्टियों से मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में गठबंधन करने का प्रयास करेगी। हमने कभी बीएसपी का नाम नहीं लिया।

ये बोले थे कमलनाथ...
ज्ञात हो कि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने हाल ही में MP में कांग्रेस-बसपा के गठबंधन के संकेत दिए थे। उन्होंने बीएसपी से गठबंधन के सवाल पर कहा था कि बीजेपी विरोधियों पर कांग्रेस की नजर है। साल 2014 में बीजेपी मात्र 31% वोट से सत्ता में आई थी। ऐसे में बीजेपी को रोकने के सभी प्रयास जरूर किए जाएंगे।

भाजपा ने ली चुटकी...
इस बीच भाजपा ने इस पूरे मामले पर चुटकी लेते हुए कहा है कि कांग्रेस के साथ जो भी पार्टी जाती है उसकी हालत खराब हो जाती है। बीएसपी इसीलिए कांग्रेस से दूरी बनाना चाहती है।

इधर, भाजपा इस रणनीति पर कर रही है काम (भाजपा की छुपी रणनीति):-
वहीं सूत्रों के अनुसार MP चुनावों से इतर भाजपा मुख्य रूप से 2019 के लोक सभा चुनाव जीतने के लिए एक मास्टर प्लान पर काम कर रही है। इसके तहत पार्टी की उन वोटरों पर नजर है जिनका जन्म सन 2000 में या उसके आसपास हुआ है। इसका कारण यह बताया जा रहा है कि सन 2000 में जन्मे वोटर अब बालिग हों गए हैं और यह वोटर 2019 के लोक सभा चुनाव में वोट करेंगे।

दरअसल माना जाता है कि बीजेपी को सन 2014 के लोकसभा चुनाव में उन्हीं वोटरों ने दिल्ली पहुंचाया था, जिन्होंने पहली बार अपने अपने मताधिकार का उपयोग किया था।

ऐसे में बीजेपी ने इन्हीं बालिग वोटरों को लुभाने के लिए देश में यूपी सहित कुछ जगह अपने कार्यकर्ताओं की टीम को लगाया है जो इन वोटरों को बीजेपी की सदस्यता ग्रहण करा रहे हैं। वहीं कहा जा रहा है कि भाजपा की इस रणनीति और समय से पहले लोकसभा के लिए की जा रही इन तैयारियों के सामने आने से विपक्ष असमंजस्य की स्थिति में आ गया है।