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एमपी का बड़ा अधिकारी भ्रष्टाचार के केस में फंसा, कई जिलों में खरीदी संपत्तियां

ED- प्रवर्तन निदेशालय भोपाल जोनल ऑफिस की टीम ने आदिम जाति कल्याण विभाग के पूर्व डिप्टी डायरेक्टर जगदीश प्रसाद सरवटे के खिलाफ कार्रवाई की

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Enforcement Directorate (ED)

Enforcement Directorate - Demo pic

ED- एमपी का एक बड़ा अधिकारी भ्रष्टाचार के केस में बुरी तरह फंस गया है। उसके खिलाफ कोर्ट में केस प्रस्तुत कर दिया गया है। आदिम जाति कल्याण विभाग अजाक के इस अफसर पर करोड़ों रुपए की अवैध आय के आरोप हैं। अवैध कमाई से कई जिलों में संपत्तियां खरीदीं। डिप्टी डायरेक्टर के खिलाफ भोपाल ईडी ED ने कोर्ट में अभियोजन पेश किया है। प्रवर्तन निदेशालय भोपाल जोनल ऑफिस की टीम ने आदिम जाति कल्याण विभाग के पूर्व डिप्टी डायरेक्टर जगदीश प्रसाद सरवटे के खिलाफ ये कार्रवाई की है। उनपर मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज कर अभियोजन शिकायत प्रस्तुत की है।

आदिम जाति कल्याण विभाग के पूर्व डिप्टी डायरेक्टर जगदीश प्रसाद सरवटे पर भ्रष्टाचार की अनेक शिकायतें थीं। उनके खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय भोपाल द्वारा जांच शुरु की गई। ईडी की जांच में यह सामने आया है कि आरोपियों ने भ्रष्टाचार के जरिए करोड़ों रुपए की अवैध कमाई की।

प्रवर्तन निदेशालय ने मामले की गहराई से जांच की। इस दौरान आदिम जाति कल्याण विभाग के पूर्व डिप्टी डायरेक्टर जगदीश प्रसाद सरवटे के भ्रष्टाचार की तमाम परतें खुलती चलीं गईं। जांच में यह तथ्य भी सामने आया ​कि करोड़ों रुपए की अवैध कमाई को कई मर्तबा इधर से उधर किया है।

भ्रष्टाचार का पैसा कई जिलों में खपाने का आरोप

भ्रष्टाचार से कमाए गए करोड़ों रुपए से प्रदेशभर में कई संपत्तियां खरीदी गईं। प्रवर्तन निदेशालय ईडी की जांच में पता चला कि भ्रष्टाचार की कमाई को बाद में भोपाल, मंडला, उमरिया और सिवनी सहित मध्यप्रदेश के कई जिलों में संपत्ति खरीद कर खपाया गया।

ईडी की जांच के दौरान कुल 11.81 करोड़ की अवैध आय की पहचान हुई। कई अवैध संपत्तियों को कुर्क भी कर लिया गया है।

प्रवर्तन निदेशालय भोपाल जोनल ऑफिस की टीम ने अब आदिम जाति कल्याण विभाग के पूर्व डिप्टी डायरेक्टर जगदीश प्रसाद सरवटे के खिलाफ अभियोजन शिकायत प्रस्तुत कर दी है। उनपर मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज कर अभियोजन की कार्रवाई की।

जबलपुर की स्पेशल कोर्ट में इस दौरान शिकायत और अन्य संबंधित दस्तावेजों को लेने के लिए आरोपी आदिम जाति कल्याण विभाग के पूर्व डिप्टी डायरेक्टर जगदीश प्रसाद सरवटे भी मौजूद रहे। बता दें, ईडी ने आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ में दर्ज एफआइआर के आधार पर सरवटे के खिलाफ जांच शुरू की थी।