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मिट्टी के ढेरों पर बैठकर महिलाओं ने किया सुंदरकांड पाठ.. पढ़ें पूरी खबर!

शराब ठेकेदार की दबंगई.. आंदोलन रोकने दुकान के सामने डलवा दी 20 डंपर मिट्टी

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भोपाल। प्रकाश नगर में शराब दुकान का विरोध कर रहीं महिलाओं के आंदोलन को रोकने शराब ठेकेदार ने नई तरकीब निकाली। ठेकेदार ने दुकान के सामने करीब 20 डंपर मिट्टी के ढेर लगा दिए। मिट्टी के कारण महिलाओं को आंदोलन करने के लिए बैठने जगह नहीं मिली, ठेकेदार की यह करतूत भी महिलाओं का विरोध प्रदर्शन नहीं रोक सकी। महिलाओं ने मिट्टी के ढेर पर बैठकर सुंदरकांड का पाठ किया। महिलाओं का तर्क है कि शराब ठेकेदार कुछ भी करे, उनका इरादा कमजोर नहीं पड़ेगा। शराब की दुकान बंद नहीं होने तक आंदोलन जारी रहेगा।

प्रकाश नगर के गेट पर खोली गई इस देशी-विदेशी शराब की दुकान का संचालन पहले रत्नागिरी में भेल की जमीन पर सब्जी मंडी के पास हो रहा था, 31 मार्च को भेल प्रबंधन ने शराब दुकान को अपनी जमीन से बेदखल करने की कार्रवाई की। भेल से बेदखली की कार्रवाई होने के बाद शराब ठेकेदार ने ग्रीन बेल्ट की जमीन पर हनुमानमंदिर के पास प्रकाश नगर के गेट पर शराब दुकान को शिफ्ट कर दिया। यहां पर भी महिलाएं 4 अप्रैल से शराब दुकान बंद करने की मांग कर रही हैं। महिलाओं को डराने-धमकाने के लिए शराब ठेकेदार रोज नई-नई तरकीब निकाल रहा है, लेकिन महिलाएं लगातार विरोध प्रदर्शन कर रही हैं।

अज्ञात के खिलाफ लिखी एफआईआर
शराब दुकान बंद कराने के लिए आंदोलन कर रहीं महिलाओं ने बताया कि धरना प्रदर्शन के दौरान शराब ठेकेदार के चार गुंडों ने हमारे साथ अभद्रता की। 8 अप्रैल को इसकी शिकायत पिपलानी थाने में की गई। पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। महिलाओं ने बताया कि हमने पुलिस को बदमाशों के चेहरे भी दिखा दिए, लेकिन पुलिस उन्हें गिरफ्तार नहीं कर रही है। पुलिस जांच के नाम पर दो दिन से मामले को पेडिंग किए हुए है।

ठेकेदार को संरक्षण
विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे प्रकाश चौकसे ने बताया कि महिलाएं आबकारी और पुलिस महकमे के आला-अफसरों से शराब दुकान बंद कराने की गुहार लगा चुकी हैं, लेकिन पुलिस और आबकारी विभाग के अफसर कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी महिलाओं का आरोप है कि पुलिस और आबकारी विभाग के अफसर शराब ठेकेदार से मिले हुए हैं। ठेकेदार की तरफ से रोज हमें धमकियां मिल रही हैं। इसके खिलाफ हमने थाने में शिकायत भी की, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है।

शराब दुकान बंद कराने को लेकर पुलिस कुछ नहीं कर सकती, यह मामला आबकारी विभाग का है। पुलिस को पीडि़त महिलाओं ने जो आवेदन दिया, उस पर एफआईआर दर्ज कर ली। जांच की जा रही है, जांच के बाद गिरफ्तारी होगी।
- वीरेन्द्र मिश्रा, सीएसपी गोविंदपुरा