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जनसम्पर्क मंत्री का विशेष लेख, लिखा- कामयाबी और विकास का शानदार एक साल

मध्यप्रदेश सरकार के एक साल पूरे होने पर विशेष लेख - पी॰सी॰ शर्माकामयाबी और विकास का शानदार एक वर्ष

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पीसी शर्मा

पीसी शर्मा

भोपाल। कमलनाथ सरकार का एक साल पूरा होने पर जनसम्पर्क मंत्री पीसी शर्मा ने विशेष लेख लिखा। इसमें उन्होंने लिखा कि यह खुशहाल मध्यप्रदेश है जहां प्रगति की अनगिनत संभावनाएं है। युवाओं की आँखों में उज्जवल भविष्य के असंख्य ख्वाब है,समाज में सुख और शांति है। रोजगार को लेकर नया विजन है,कौशल विकास के कई नए केंद्र है। किसानों के लिए बेहतरीन नीतियाँ है। धर्म,संस्कृति और कला का सम्मान है। गांवों में विकास है,शहरों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है। बेटियाँ सुरक्षित है और कानून व्यवस्था चाक चौबन्द है। दरअसल कमलनाथ सरकार का यह नया मध्यप्रदेश है जो समाज और राज्य के सर्वांगीण विकास के नित नए आयाम स्थापित कर रहा है।

सकारात्मक असर देखने को मिल रहा

वास्तव में जब बुनियादी जरूरतों के अनुरूप सुनियोजित प्रयास मूर्तरूप लेते हैं तब एक विकसित प्रदेश का तानाबाना बुना जाता है। मध्यप्रदेश के विकास का जो तानाबाना कई वर्षों से बिखर गया था, अब वह फिर से मूर्तरूप लेने लगा है। मुख्यमंत्री कमल नाथ ने माफिया के आतंक को लेकर जो कार्रवाई की, इससे साफ हो गया कि अब मध्यप्रदेश में लोगों के लिए लोगों की सरकार चलेगी न कि माफिया राज। विकास कार्यों की दिशा में जो काम होंगे जमीनी होंगे। निश्चित रूप से इसका सकारात्मक असर देखने को मिल रहा है।

समाज की आवश्यकताओं के अनुरूप जो कल्याणकारी या विकासात्मक योजनाएँ बनती थीं, वे जरूरतमंदों तक पहुँच नहीं पातीं थीं। पूर्ववर्ती सरकारें स्वयं को शाबासी देकर मान लेती थीं कि मध्यप्रदेश विकसित प्रदेश हो गया है। तब का विकास एक मृगमरीचिका के समान था, लेकिन आज विकास का सीधा अर्थ आम आदमी की सरकार में सहभागिता का होना है। सरकार ने ‘‘आपकी सरकार आपके द्वार’’ का अभिनव प्रयोग सबको साथ लेने की कोशिश की है।

जनता को लाभ मिला

यही नहीं, शासन की विभिन्न योजनाओं को पहुँचाने के लिए शहर से लेकर ग्रामीण अंचलों के हर तबके तक रोजमर्रा की समस्याओं के समाधान के लिए जिले के गांवों का आकस्मिक भ्रमण करने का आभियान शुरू किया गया। समस्या का तत्काल निराकरण ना किए जाने की स्थिति में समय सीमा निर्धारित की गई है।

इस योजना से जनता को लाभ मिला। जनता के विश्वास पर खरा उतरने के लिए सरकार ने पारदर्शिता और जवाबदेही प्रणाली को अपनाया है। इससे विकास की गति को भी रफ्तार मिली है। अब बिजली, पानी, स्वास्थ्य के क्षेत्र के साथ ही किसानों को पहले से ज्यादा उपज लेने के लिए पहले से बेहतर सुविधाएँ दी जा रही हैं। हकीकत धरातल पर भी दिखाई दे रही है।

किसी भी गाँव के विकास में गाँव, सरकार (पंचायत, राज्य और केंद्र), स्वैच्छिक क्षेत्र, धार्मिक संगठन और ‘कॉरपोरेट जगत की सामूहिक भागीदारी होनी आवश्यक है। पिछली पंचवर्षीय योजनाओं में प्रदेश की तत्कालीन सरकार ने विकास का सारा दारोमदार तानाशाही और भाषणों पर छोड़ दिया था। गाँव व शहर में रहने वाली जनता की सहभागिता नहीं थी।

बुनियादी विकास कार्य की शुरुआत की

प्रदेश में विकास की रफ्तार सिर्फ कागजों तक सीमित रहा। जन-जन के विश्वास और अभूतपूर्व विकास के प्रतीक के रूप में कमल नाथ सरकार ने पिछली सरकारों की तुलना में बुनियादी विकास कार्य की शुरुआत की है। औद्योगिक निवेश, किसान कर्जमाफी, मेट्रो ट्रेन, हवाई जहाज, राइट टू हेल्थ, शिक्षा एवं रोजगार की दिशा में काम करने से प्रदेश के रफ्तार को सही दिशा मिली है। विकास वह होता है जिसमें प्रदेश का समग्र विकास हो जमीनी हकीकत में जनता को बेहतरी का लाभ मिले।

जनता को हरसंभव मदद की

केन्द्र के सहयोग के बिना भी अतिवृष्टि में कमलनाथ सरकार ने जनता को हरसंभव मदद की। पहले किसान कर्जमाफी के लिए 'जय किसान फसल ऋणमाफी योजना', फिर सस्ती बिजली के लिए 'इंदिरा गृह ज्योति योजना' को आरंभ किया। युवाओं की शिक्षा एवं उन्हें रोज़गार उपलब्ध कराने उल्लेखनीय कार्य किया जा रहा है।

विकसित करने का कार्य किया जा रहा

मुख्यमंत्री कमलनाथ ने छिंदवाड़ा मॉडल प्रस्तुत कर प्रदेश के अन्य जिलों को विकसित करने का कार्य किया जा रहा है। युवाओं में कौशल विकास के लिए ग्लोबल स्किल पार्क बनाया जा रहा है। प्रदेश के सभी वंचित तबकों का सर्वांगीण विकास, महिलाओं का सशक्तिकरण, कानून राज की स्थापना और सभी वर्गों को तरक्की के भरपूर अवसर उपलब्ध करवाना सरकार की पहली प्राथमिकता है।

70 प्रतिशत रोजगार

'मुख्यमंत्री युवा स्वाभिमान योजना' के साथ ही सरकार प्रदेश में स्थापित होने वाली औद्योगिक इकाईयों में 70 प्रतिशत रोजगार स्थानीय लोगों को देना अनिवार्य करने का जो ऐतिहासिक फैसला लिया है, इसके दूरगामी परिणाम लाभप्रद होंगे। युवाओं के लिए प्रदेश में ही रोज़गार की अपार संभावनाएं विकसित होंगी और उन्हें नौकरी के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। इसके अतिरिक्त युवा स्वाभिमान योजना से युवाओं को 100 दिन की रोजगार गारंटी के साथ प्रतिमाह 4 हजार रुपये स्टाइपेंड के रूप में मिलेंगे। कौशल विकास प्रशिक्षण से प्रदेश के 6 लाख से अधिक युवा लाभांवित होंगे।

विश्वास के साथ हम आगे बढ़ रहे है

मैग्नीफिसेंट एमपी में निवेशकों से मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास होने के साथ ही रोज़गार की समस्या का भी समाधान किया गया है। जन-जन को काम और किसानों को सही दाम मिले इसके लिए सरकार निरंतर काम कर रही है। प्रदेश के विकास की यह शानदार शुरूआत है और पहला साल बेमिसाल रहा है। प्रगति के पथ पर तेजी से अग्रसर हमारा मध्यप्रदेश विकसित मध्यप्रदेश बनेगा,इसी विश्वास के साथ हम आगे बढ़ रहे है।