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अवैध कॉलोनियों का ले-आउट प्रकाशन करने की जगह टीएनसीपी ने अनुमोदन का लगाया पेच

अवैध कॉलोनियों को वैध किए जाने की मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद नगर पालिका ने अनाधिकृत कॉलोनियों में नागरिक अधोसंरचना प्रदान करने के लिए सर्वे करा लिया है

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Betul News Mp

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बैतूल। अवैध कॉलोनियों को वैध किए जाने की मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद नगर पालिका ने अनाधिकृत कॉलोनियों में नागरिक अधोसंरचना प्रदान करने के लिए सर्वे तो करा लिया है, लेकिन ले आउट के प्रकाशन को लेकर अपर कलेक्टर ने टीएनसीपी और रेवेन्यु से अनुमोदन कराए जाने का पेच लगा दिया है। जिसके चलते अनाधिकृत कॉलोनियों के लेआउट का प्रकाशन अभी तक नहीं हो सका है। अनाधिकृत कॉलोनियों मेंं मूलभूत अधोसंरचना के लिए रहवासियों को अब लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।


92 में से 63 कॉलोनियों में भेजे थे प्रस्ताव


बैतूल शहरी क्षेत्र में कुल 92 अवैध कॉलोनियों सर्वे में सामने आई थी। इन सभी कॉलानियों में नागरिक अधोसंरचना प्रदान के लिए नगरपालिका ने कॉलोनियों का सर्वे कराया था। सभी कॉलोनियों में सडक़, नाली, बिजली, पानी आदि की सुविधाएं प्रदान करने के लिए ले-आउट तैयार किए गए है।पहले चरण में नगरपालिका ने 92 कॉलोनियों में से 63 कॉलोनियों के ले आउट तैयार कर इन्हें प्रकाशन किए जाने के लिए अपर कलेक्टर कार्यालय भेजा था।


ले आउट प्रकाशन की भी तिथि निकली


अवैध कॉलोनियों को लेकर मुख्यमंत्री की घोषण के बाद इन कॉलोनियों में नागरिक अधोसंरचना प्रदान करने के लिए शासन ने समय-सीमा का निर्धारण किया था। जिसमें ले आउट का प्रकाशन जून माह में हो जाना चाहिए था,लेकिन जुलाई माह शुरू होने के बाद भी ले आउट का प्रकाशन नहीं किया जा सका है। जबकि बैतूल शहरी क्षेत्र में 92 कॉलोनियों का ले आउट प्रकाशन होना है। ले आउट प्रकाशन में देरी के चलते अनाधिकृत कॉलोनियों में रहने वालों को मूलभूत सुविधाएं भी समय पर नहीं मिल पा रही है।

टीएनसीपी से अनुमोदन का लगाया पेच


नगरपालिका ने अवैध कॉलोनियों में नागरिक अधोसंरचना उपलब्ध कराने के लिए ले-आउट प्लान का प्रस्ताव बनाकर प्रकाशन के लिए अपर कलेक्टर को भेजा था, लेकिन अपर कलेक्टर ने प्रस्ताव में नगरपालिका के नियम 23(4), 23(5) के प्रावधान पर मौन रहने एवं 23(7) नियम 24 के उप नियमों के लिए आवश्यक जानकारी भी प्रस्तुत नहीं की गई है का पेच लगा दिया है। अपर कलेक्टर से जारी पत्र में लिखा गया कि शासन के द्वारा निर्धारित समस्त प्रावधानों का समावेश करते हुए प्रस्ताव तैयार कर अनुविभागीय अधिकारी एवं उप संचालक नगर एवं ग्राम निवेश के संयुक्त हस्ताक्षर से प्रकाशन के लिए भेजा जाए। अब नगरपालिका को ले आउट प्रकाशन से पहले टीएनसीपी और रेवेन्यू से अनुमोदन लेना होगा। जिसके बाद ही ले आउट का प्रकाशन किया जा सकेगा।