18 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अब तक उपलोकायुक्त की नियुक्ति नहीं, MP सरकार पर उठे सवाल

सरकार ने वर्तमान लोकायुक्त नावलेकर के मामले में एक आदेश जारी कर दिया। उनका कार्यकाल 28 जून 2015 को खत्म हो गया था 

2 min read
Google source verification

image

Anwar Khan

Jun 17, 2016

kk mishra and ajay dubey

kk mishra and ajay dubey

भोपाल। मध्यप्रदेश में भ्रष्टाचार को सख्ती से रोकने के लिए लोकायुक्त पद सृजित किया गया है, पर पिछले दो साल से लोकायुक्त की नई नियुक्ति नहीं होने और उप लोकायुक्त का पद खाली रहने से एमपी सरकार पर भ्रष्टाचार के खिलाफ कमजोर साबित होने के आरोप लग रहे हैं।


वर्तमान लोकायुक्त पीवी नावलेकर का कार्यकाल एक बार फिर बढ़ाए जाने की खबरों के लिए शुक्रवार को आरटीआई एक्टिविस्ट अजय दुबे ने सवाल उठाए। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि हमने हाईकोर्ट के चार, सुप्रीम कोर्ट के छह ऐसे जजों के नाम सरकार को सौंपे हैं, जो लोकायुक्त बनना चाहते हैं। सरकार चहो तो इस पैनल में से किसी काबिल जज को लोकायुक्त बना सकती है। पर, सरकार नावलेकर का कार्यकाल फिर से बढ़ाने की तैयारी कर रही है। दुबे ने बताया कि हमने पिछले साल सीएम शिवराज सिंह चौहान से मांग की थी कि नए लोकायुक्त की नियुक्ति की जाए, पर कुछ नहीं हुआ। उप लोकायुक्त का पद पिछले 1 जनवरी 2014 से खाली पड़ा है। सरकार ने वर्तमान लोकायुक्त नावलेकर के मामले में एक आदेश जारी कर दिया। उनका कार्यकाल 28 जून 2015 को खत्म हो गया था लेकिन इसे 28 जून 2016 तक बढ़ा दिया गया। अब लोकायुक्त का कार्यकाल खत्म होने वाला है लेकिन सरकार नए लोकायुक्त की नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी नहीं कर रही।


इन्हें बनाना चाहती है लोकायुक्त
दुबे ने आरोप लगाया कि सरकार पूर्व डीजीपी नंदन दुबे को लोकायुक्त बनाना चाहती है जबकि उनके खिलाफ कई मामलों में शिकायत दर्ज है।


कांग्रेस भी आई खुलकर सामने
कांग्रेस की मध्य प्रदेश इकाई के मुख्य प्रवक्ता केके मिश्रा ने लोकायुक्त पीपी नावलेकर की संभावित सेवावृद्धि का विरोध किया है। मिश्रा ने आरोप लगाया है कि राज्य सरकार लोकायुक्त के मुखिया की फिर से एक बार सेवावृद्धि करना चाहती है और कांग्रेस इसका विरोध करेगी।

ये भी पढ़ें

image