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लॉरेंस बिश्नोई को बड़ा झटका, दिल्ली पुलिस ने गैंग के वांटेड शूटर को किया गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े वांटेड शूटर प्रदीप शर्मा उर्फ गोलू को दिल्ली के उत्तम नगर से गिरफ्तार किया है। आरोपी पर रंगदारी, फायरिंग और हथियार सप्लाई के गंभीर आरोप हैं।

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भारत

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Himadri Joshi

Jan 18, 2026

Lawrence Bishnoi gang wanted shooter

लॉरेंस बिश्नोई गैंग का वांटेड शूटर (फोटो - आईएएनएस)

देश की राजधानी दिल्ली और आसपास के राज्यों में संगठित अपराध के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। गैंगस्टर नेटवर्क, रंगदारी और अवैध हथियारों की सप्लाई पर पुलिस की नजर बनी हुई है। इसी कड़ी में दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े एक वांटेड शूटर को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है।

गिरफ्तारी की पूरी कार्रवाई और पहचान

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच और राजस्थान पुलिसके संयुक्त ऑपरेशन में यह गिरफ्तारी की गई है। एंटी गैंगस्टर स्क्वाड (AGS) की टीम ने 16 जनवरी को दिल्ली के उत्तम नगर इलाके में छापा मारकर आरोपी को दबोचा। गिरफ्तार शूटर की पहचान प्रदीप शर्मा उर्फ गोलू के रूप में हुई है, जिसकी उम्र करीब 23 साल बताई जा रही है। वह उत्तर प्रदेश के आगरा का रहने वाला है और फिलहाल दिल्ली में रह रहा था। पुलिस के अनुसार आरोपी लंबे समय से फरार था और उसके खिलाफ राजस्थान में कई गंभीर मामले दर्ज थे।

रंगदारी और फायरिंग के मामले

पुलिस जांच में सामने आया है कि मार्च 2025 में लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने राजस्थान के गंगानगर जिले में एक व्यवसायी से करीब 4 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी थी। रकम देने से इनकार करने पर आरोपी गोलू को व्यवसायी के घर पर फायरिंग कर दहशत फैलाने की जिम्मेदारी दी गई। इसके बाद मई 2025 में आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर व्यवसायी पर फायरिंग की। इस घटना के संबंध में जवाहर नगर थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी। बाद में आरोपी जमानत पर बाहर आ गया और दोबारा आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय हो गया।

हथियार सप्लाई और गैंग से संपर्क

जांच एजेंसियों के अनुसार जमानत पर रिहा होने के बाद आरोपी ने लॉरेंस बिश्नोई गैंग के अन्य सदस्यों को हथियार और गोला बारूद सप्लाई करना शुरू कर दिया। बाद में गैंग के चार अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के दौरान बड़ी मात्रा में हथियार बरामद हुए, जिनका स्रोत आरोपी को बताया गया। पुलिस का कहना है कि आरोपी लगातार गैंग के संपर्क में था और राजस्थान क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभा रहा था। क्राइम ब्रांच ने हाल के समय में बढ़ते संगठित अपराध, रंगदारी और अवैध हथियारों के मामलों को देखते हुए निगरानी तेज कर दी थी, जिसके चलते यह गिरफ्तारी संभव हो सकी।