
हरियाणा एसटीएफ ने गैंगस्टर रमन को साथियों समेत गिरफ्तार किया।
Gangster Rohit Godara: हरियाणा की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने एक अंतरराष्ट्रीय साजिश का पर्दाफाश किया है। यह साजिश गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े बदमाशों ने रची थी। इस साजिश के तहत अमेरिका में हत्या की योजना और करोड़ों की सुपारी मिलने का खुलासा हुआ है। हरियाणा की STF की करनाल यूनिट ने इस मामले में एक बदमाश को गिरफ्तार किया है, जिसका नाम रमन बताया जा रहा है। पूछताछ में बदमाश रमन ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। रमन ने STF की पूछताछ में बताया कि गैंगस्टर रोहित गोदारा ने गोल्डी बराड़ के करीबी गैंगस्टर हैरी बॉक्सर की हत्या करवाने के लिए उसे दो करोड़ रुपये की सुपारी दी थी।
हरियाणा एसटीएफ को आरोपी रमन ने बताया कि इस काम के लिए उसे पहले ही 30 हजार अमेरिकी डॉलर एडवांस में मिले थे। इसके बाद उसने अमेरिका में रहकर वहां के एक स्थानीय शूटर की मदद से 18 अक्टूबर को अमेरिका के कैलिफोर्निया स्थित फ्रेजनो शहर में हैरी बॉक्सर पर ताबड़तोड़ फायरिंग कराई, लेकिन इस हमले में हैरी बॉक्सर अपनी सूझबूझ से बच गया। हालांकि उसके साथ मौजूद उसका एक साथी बनवारी गोदारा मौके पर ही मारा गया। पूछताछ में ये भी सामने आया कि साल 2024 में लॉरेंस बिश्नोई गैंग के खास गुर्गे सुनील यादव की अमेरिका के कैलिफोर्निया में हत्या हुई थी।
हत्यारोपियों को सुनील पर शक था कि उसने पंजाब पुलिस के साथ गोपनीय जानकारी साझा की है। इसी के चलते पंजाब पुलिस ने लॉरेंस बिश्नोई गैंग के सदस्य अंकित भाडू का साल 2019 में एनकाउंटर कर दिया। इसमें वह मौके पर ही मारा गया था। एसटीएफ की पूछताछ में पता चला कि सुनील यादव की हत्या की साजिश में भी रमन ने अहम भूमिका निभाई थी। इस हत्या के लिए अमेरिकी शूटर को 2500 डॉलर दिए गए थे। दूसरी ओर, हमले में गोल्डी बराड़ के खास गुर्गे हैरी बॉक्सर के बचने के बाद आरोपी रमन और उसके साथियों को अपनी हत्या का डर सताने लगा था।
एसटीएफ सूत्रों की मानें तो रमन को लगने लगा था कि गोल्डी बराड़ और हैरी बॉक्सर मिलकर उसकी और उसके साथियों की हत्या करवा सकते हैं। इस आशंका से आरोपी रमन इतना डर गया कि वह अपने दो साथियों के साथ चोरी-छिपे अक्टूबर और नवंबर के बीच इंडिया आ गया। इसके बाद खुफिया जानकारी पर एक्टिव हुई हरियाणा STF की करनाल यूनिट ने कार्रवाई करते हुए चार बदमाशों को गिरफ्तार किया। ये चारों बदमाश फिलहाल सात दिन के पुलिस रिमांड पर हैं और उनसे गहन पूछताछ की जा रही है।
हरियाणा एसटीएफ सूत्रों की मानें तो अमेरिका से लौटने के बाद आरोपी रमन और उसके साथियों ने दिल्ली का रुख किया। दिल्ली में उन्होंने दिसंबर 2025 में खुद की सुरक्षा के लिए एक बुलेटप्रूफ एसयूवी तैयार कराई। यह जानकारी गुप्त सूत्रों ने एसटीएफ के साथ साझा की। इसके बाद हरियाणा एसटीएफ एक्टिव हो गई। एसटीएफ सूत्रों ने बताया कि आरोपियों ने बुलेटप्रूफ एसयूवी इसलिए तैयार करवाई। ताकि अगर भारत में गोल्डी बराड़ के सदस्य उनपर हमला करें तो वह अपनी जान बचा सकें। STF ने जब आरोपी रमन को उसके साथियों सहित गिरफ्तार किया तो सारी सच्चाई खुलकर सामने आ गई।
एसटीएफ की पूछताछ में यह भी पता चला कि गैंगस्टर गोल्डी बराड़ और रोहित गोदारा कई सालों तक साथ मिलकर आपराधिक वारदातों को अंजाम देते रहे, लेकिन साल 2025 में उनके बीच आपसी मतभेद हो गया। इसके चलते दोनों अलग हो गए और अपने-अपने नेटवर्क के जरिए आपराधिक वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। हरियाणा STF आईजी सतीश बालन ने बताया कि पूछताछ में रमन ने ये भी बताया कि वह साल 2017 में अपने असली पासपोर्ट पर अमेरिका गया था, लेकिन उसने अमेरिका में आव्रजन नियमों का उल्लंघन किया। इसके चलते उसे 9 महीने जेल में भी रहना पड़ा। इसी बीच उसकी मुलाकात वीरेंद्र सांभी से हुई। वीरेंद्र ने रमन को गैंगस्टर काला राणा से मिलवाया। इसके बाद काला राणा ने उसे नोनी राणा से मिलाया और नोनी ने रमन को लॉरेंस बिश्नोई गैंग के कुख्यात सदस्य रोहित गोदारा से मिलवाया।
Published on:
17 Jan 2026 12:44 pm

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