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रेल किराए में तीन गुना तक वृद्धि, कोटा और वडोदरा के लिए ट्रेनों का दर्जा भी बढ़ाया

Rail fares Increase - Kota and Vadodara trains become mail express

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Rail fares Increase - Kota and Vadodara trains become mail express

Rail fares Increase - Kota and Vadodara trains become mail express

Rail fares Increase - Kota and Vadodara trains become mail express - देश में लोकसभा चुनाव प्रक्रिया के दौरान रेलवे ने ट्रेनों के किराए में जबर्दस्त वृद्धि कर दी है। इसी के साथ कुछ ट्रेनों का दर्जा भी बढ़ाया गया है। कोटा से रतलाम और वड़ोदरा जाने वाली ट्रेनों को मेल एक्सप्रेस का दर्जा दिया गया है। अभी तक ये ट्रेनें लोकल यात्री ट्रेनों के रूप में चल रहीं थीं। ट्रेनों को मेल एक्सप्रेस का दर्जा देकर किराए में तो जोरदार बढ़ोतरी कर दी गई है पर इनके समय में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है। इससे यात्री खुद को लुटा हुआ महसूस कर रहे हैं।

रेलवे ने रतलाम Ratlam कोटा रतलाम तथा वड़ोदरा कोटा वडोदरा ट्रेनों को दर्जा बढ़ा दिया है। इन लोकल यात्री ट्रेनों को अब मेल एक्‍सप्रेस ट्रेन बना दिया है। इसी के साथ ट्रेनों के किराए में भी बढ़ोत्तरी कर दी गई है। कुछ जगहों पर तो रेल किराए में तीन गुना तक वृद्धि की गई है। आलोट से नागदा के लिए अब 10 रुपए की बजाय 30 रुपए देने पड़ रहे हैं।

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रेल अधिकारियों के अनुसार ट्रेन नंबर 19819/19820 वड़ोदरा कोटा वड़ोदरा और ट्रेन नंबर 19103/19104 रतलाम कोटा रतलाम ट्रेनों को मेल एक्सप्रेस का दर्जा दिया गया है। अभी तक ये लोकल यात्री ट्रेनों के रूप में चल रहीं थीं। मेल एक्सप्रेस बन जाने के बाद इन ट्रेनों का किराया भी बढ़ गया है। बुधवार को रात 12 बजे के बाद से इन ट्रेनों में यात्रा करने के लिए मेल एक्सप्रेस का किराया लगने लगा है। किराए में जबर्दस्त वृद्धि हुई है।

विक्रमगढ़-आलोट स्टेशन से रतलाम तक का किराया अब 45 रुपए हो गया है जबकि पहले इसके लिए केवल 25 रुपए ही देने पड़ते थे। इसी तरह नागदा जाने में अब तीन गुना ज्यादा राशि खर्च करनी पड़ रही है। पहले के 10 रुपए किराए की जगह अब पूरे 30 रुपए देने पड़ रहे हैं।

विक्रमगढ़-आलोट रेलवे स्टेशन अधीक्षक बताते हैं कि लोकल और पार्सल ट्रेनों को अब मेल एक्सप्रेस ट्रेन बनाया गया है। इसलिए अब मेल एक्सप्रेस ट्रेन का किराया ही लिया जा रहा है। हालांकि यात्री इससे असंतुष्ट हैं। लोगों का कहना है कि रेलवे ने मेल एक्सप्रेस का दर्जा देकर किराया बढ़ा दिया पर ट्रेनों का समय नहीं बदला। लोकल ट्रेन में जितना समय लगता है, उतना ही समय मेल एक्सप्रेस ट्रेन के सफर में भी लग रहा है।