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राजस्थानी लोकगायन और रंगसंगीत से बनाया माहौल

विविध कलानुशासनों की गतिविधियों का ऑनलाइन प्रदर्शन

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राजस्थानी लोकगायन और रंगसंगीत से बनाया माहौल

राजस्थानी लोकगायन और रंगसंगीत से बनाया माहौल

भोपाल. संस्कृति विभाग की विभिन्न अकादमियों द्वारा कोविड-19 महामारी के दृष्टिगत बहुविध कलानुशासनों की गतिविधियों पर एकाग्र श्रृंखला 'गमक' का ऑनलाइन प्रसारण सोशल मीडिया प्लेटफोर्म पर किया जा रहा है। शृंखला के अंतर्गत भोपाल की कलाकार डॉ. उषा शर्मा और साथियों द्वारा गायन, हेमलता जिंबो और साथियों द्वारा राजस्थानी लोकगायन एवं भोपाल के विकास सिरमोलिया और साथियों द्वारा रंगसंगीत की प्रस्तुति दी गई।

प्रथम प्रस्तुति गायन की हुई। जिसमें कलाकार डॉ. उषा शर्मा ने मीरा पद थें तो पलक उघाडो दीनानाथ...., हमनें सुणी छे हरि अधम उधारण हो..., की प्रस्तुति दी। इसके बाद सूरदास पद प्रभु मोरे अवगुण चित न धरो...,एवं भजन सुन सूरत रंगीली हों तो हरि सा यार करूँ..., एवं म्हारा ओ लगिया जी घर आया जी ..., गीत से प्रस्तुति को विराम दिया। गायन में हारमोनियम पर जितेंद्र शर्मा, तबले पर शशांक मिश्रा, ऑक्टोपेड पर हिरेंद्र नागिया ने संगत की।

दूसरी प्रस्तुति राजस्थानी लोकगायन की हुई। कलाकार हेमलता जिंबो और साथियों ने गणेश वन्दना बूटी ज्ञान की पिला दो गणेश जी, दरद मोरी नस नस में..., राजस्थानी लोक गीत लड़ी लूमा झूमा सा, म्हारो गोरबंद नखरालो..., माने पिहरिया भालो घणो लागे, मैं नई जाना सासरिए..., गीतों का गायन किया। इसके बाद इसी समूह की कलाकार आरती भट्ट एवं निर्मला भट्ट ने राजस्थानी लोक गीतों पर नृत्य किया। प्रस्तुति के दौरान सह गायन में आरती भट्ट, निर्मला भट्ट, हारमोनियम पर दिलीप भट्ट, ढोलक पर अनिल राव, तबले पर आनंद राणा, ढोल पर करण और गौतम ने संगत की।

अंतिम प्रस्तुति रंग संगीत की हुई , जिसमें निर्देशन एवं गायन विकास सिरमोलिया ने किया। उन्होंने नाटक मजनू लाउंसमेंट कज्जाक तेरी आंखे..., रंपचिका रंपचिका..., और जोगी से आस लगा...,संगीत की प्रस्तुति दी। अगली कड़ी में "नाटक मंटो खुद" का गीत तू एक चेहरा है तो मेरे सामने आ..., नदिया में है चांद बरसे..., दिल की गलियां हम को कभी..., एवं ये शहर ऐ बे आरजू...., की प्रस्तुति दी। प्रस्तुति का समापन कलाकारों ने "कबीरा खड़ा बाजार में" नाटक के गीतों से किया जिसमें उन्होंने मोको कहां ढूंढे रे बंदे..., हमन है इश्क मस्ताना..., गीत की प्रस्तुति दी। इनके साथ ढोलक पर सुनील गोतेल, परकशन पर जितेंद्र अहिरवार एवं कोरस में कशफ खान, अखिलेश वर्मा, सुमित प्रकाश पांडे, प्रदीप अहिरवार, आशु पटेल ने संगत की।