
अयोध्या में राम मंदिर के अलावा कुछ हो नहीं सकता: उमा भारती
भोपाल@आलोक पांड्या की रिपोर्ट...
अयोध्या मामले में उच्चतम न्यायालय के फैसले का स्वागत करते हुए केन्द्रीय मंत्री उमा भारती ने कहा कि वह चाहती हैं कि राम मंदिर का फैसला अतिशीघ्र हो।
केन्द्रीय पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री उमा भारती ने गुरुवार को कहा कि मैं चाहती हूं कि राम मंदिर पर फैसला अतिशीघ्र हो। देश का कोई व्यक्ति नहीं चाहेगा कि फैसला देर से आए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अयोध्या में राम मंदिर के अलावा कुछ हो नहीं सकता। क्योंकि वहां की स्थितियां ऐसी ही हैं। मामले के अदालत में विचाराधीन की बात पर उमा ने कहा कि मुझे विश्वास है कि भव्य निर्माण का रास्ता ही निकलेगा।
अपराध भी धर्म और पुण्य में बदल गया...
उमाभारती ने भोपाल में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि यहां मंदिर के अलावा कुछ नहीं हो सकता। उन्होंने कहा अपराध भी धर्म और पुण्य में बदल गया है, क्योंकि राम मंदिर का रास्ता खुल गया है। उन्होंने कहा कि अपनी जान हथेली पर रख कर हमने मंदिर की नींव डाली है, अब सभी दावा कर रहे हैं। राम मंदिर आस्था का विषय है जब तक जियेंगे राम नाम लेते रहेंगे।
यहां उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय की ओर से राम जन्मभूमि के मुकदमे में तीन सदस्यीय पीठ ने आज 29 अक्टूबर से सुनवाई का निर्णय किया है, इसका मैं स्वागत करती हूं। उन्होंने कहा कि मैं अयोध्या पर स्वतंत्र चेतना के साथ बोलती हूं।
उमा ने कहा कि मैं अदालत की अवमानना नहीं कर सकती। उन्होंने कहा कि मेरे दिल में हमेशा से वहां पर भव्य मंदिर बना है। मेरा वश चले तो कल सुबह मंदिर बनवा दूं, लेकिन मर्यादा और नियम के तहत बंधी हूं।
राहुल गांधी को भूलने की बीमारी...
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने धर्म के नाम पर देश का बंटवारा किया है। धारा 356 का दुरुपयोग कर कांग्रेस ने भाजपा की सरकारें भंग कर दी। उन्होंने कहा राहुल गांधी को भूलने की बीमारी है और उन्हें लगता है कि यह बीमारी जनता को है। राम का नाम लेने पर 1993 में कांग्रेस ने भाजपा की राज्य सरकारें गिरा दी थी। अब कांग्रेस के लोग मंदिर जा रहे हैं। वो सोच रहे होंगे जनता भूल गई होगी, लेकिन जनता भूली नहीं है, हां राहुल गांधी भूल गए होंगे।
राम मंदिर से समाज की भावना जुड़े होने का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि दोनों पक्षकार (इस मुकदमे से जुड़े) अदालत से बाहर सेटलमेंट कर लेते हैं और स्टाम्प पर लिख कर देते हैं तो भी मंदिर जल्द बन जाएगा। वहीं उमा ने यह भी कहा कि जो भी कानून का फैसला आएगा वह मान्य होगा।
विकास पर चुनाव लड़ेंगे...
जब उनसे सवाल किया गया कि क्या राम मंदिर का मुद्दा आगामी लोकसभा एवं विधानसभा चुनाव तक रहेगा, तो इस पर उन्होंने कहा कि राम मंदिर और चुनाव को जोड़ना नहीं चाहिए। इसकी बजाय हम मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में भाजपा नीत सरकारों एवं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के शासन के दौरान देश में हुए विकास पर चुनाव लड़ेंगे।
ज्ञात हो कि उच्चतम न्यायालय ने ‘मस्जिद इस्लाम का अभिन्न अंग है या नहीं’ के बारे में शीर्ष अदालत के 1994 के फैसले को फिर से विचार के लिए पांच सदस्यीय संविधान पीठ के पास भेजने से गुरुवार को इनकार कर दिया। यह मुद्दा अयोध्या भूमि विवाद की सुनवाई के दौरान उठा था।
Published on:
27 Sept 2018 10:10 pm
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