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सांसदों और जिला अध्यक्षों से बोले रामलाल- टिकट मांगते हो, दम है तो एक महीने में काम करके दिखाओ

शिवराज ने कहा- लॉबिंग करने वाले और तख्तियां लाने वाले को हरगिज नहीं मिलेगा टिकट  
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भोपाल

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Pushpam Kumar

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Updated: 26 Sep 2018, 6:04 AM IST

Ramlal

Ramlal

भोपाल। कार्यकर्ता महाकुंभ के बाद प्रदेश भाजपा कार्यालय में हुई बैठक में टिकट का मुद्दा छाया रहा। राष्ट्रीय संगठन महामंत्री रामलाल ने जिला अध्यक्षों और सांसदों से दो टूक कहा, जो सांसद और जिला अध्यक्ष चुनाव लडऩा चाहते हैं वे इस अक्टूबर में अपने दम पर क्षेत्र में काम करके दिखा दें। टिकट मांगना गलत नहीं है, लेकिन अपने काम का आंकलन तो करें। संगठन ने जिन्हें जो जिम्मेदारी दी है, उन्हें वो ही काम करना चाहिए। चुनाव को लेकर प्रदेश भाजपा कार्यालय में सभी जिला अध्यक्षों, जिला महामंत्रियों, विधायकों, सासंदों और प्रदेश पदाधिकारियों को इस बैठक में तलब किया गया था। रामलाल ने सभी सांसदों और जिला अध्यक्षों से बुलवाया, टिकट जिसे भी मिलेगा वे उसे जिताने के लिए काम करेंगे। सभी सांसद और विधायक प्रत्याशियों के लिए काम करेंगे। इस चुनाव में जिन्हें टिकट मिलेगा, वो लोकसभा चुनाव में भी पूरी ताकत से पार्टी के लिए काम करेंगे। जिला महामंत्रियों से कहा गया कि वे गुजरात, महाराष्ट्र और दिल्ली से जिले में चुनाव के दौरान आने वाले नेताओं की व्यवस्था का पूरा ध्यान रखेंगे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा, जो भी नेता टिकट के लिए लॉबिंग करेगा। तख्तियां, पोस्टर बैनर लेकर आएगा और नारेबाजी करेगा, उसे हरगिज टिकट नहीं मिलेगा। सीएम ने कहा, कल से पार्टी सभी विधानसभा सीटों के टिकटों का मंथन शुरू करने जा रही है। अगला एक महीना अहम है, इसलिए सभी अपनी छवि का ध्यान रखें।

2003 के रेकॉर्ड से ज्यादा सीटें आए तो संतोष होगा: उमा
पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने कहा कि 2003 में 173 सीटें भाजपा को मिली थीं। तब जनता ने ताकत लगाई थी। हम 2008 में संगठन के बल पर जीते। 2013 में मोदी लहर में हमें सीटें मिली थीं। 2018 का चुनाव कार्यकर्ताओं की प्रतिष्ठा का प्रश्न बन गया है। अगर हम 2003 का रेकॉर्ड तोड़ पाएं तो मुझे बहुत संतोष होगा। उमा ने कहा वे कल तक असमंजस में थीं कि कार्यक्रम में जाए या नहीं, क्योंकि अब वे झांसी से सांसद हैं। उमा ने कहा- मैंने शिवराज को फोन लगाकर पूछा था कि मेरे आने से उनको लाभ होगा क्या? शिवराज ने हां बोला तो उनके कहने पर आई हूं। उमा ने अपने भाषण के दौरान राम मंदिर का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा, अगर राम का नाम लेना अपराध है तो मुझे फांसी दे दो। हम राम के लिए जीएंगे, राम के लिए ही मरेंगे।