
फिर दहशत में आई राजधानी, दरिंदों ने मासूम को भी नहीं बक्शा
भोपाल। राजधानी भोपाल एक बार फिर असुरक्षित होती जा रही है। कभी भाजपा के शासन काल में महिलाओं व बच्चियों के लिए असुरक्षित माने जानी वाली मध्यप्रदेश की राजधानी एक बार फिर दरिंदों के जाल में फंसती हुई दिख रही है।
ऐसा ही एक मामला भोपाल से सामने आया है, जहां एक नाबालिग बच्ची के घर से लापता होने पर शिकायत करने पहुंचे परिजनों को पुलिस ने दुत्कार कर भगा दिया।
वहीं पार्षद के कहने पर पीडित के घर पहुंची पुलिस परिजनों को चाय-नाश्ता कराने का फरमान सुनाती रही। जबकि समय पर बच्ची को ढ़ूढ़ने के उचित कदम नहीं उठाने के चलते, सुबह बच्ची की लाश पुलिस लाइन से चंद कदमों की दूरी पर मिल गई, वहीं ये भी सिद्ध हो गया कि हत्या से पूर्व नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया गया था।
भाजपा शासन काल में मध्यप्रदेश में हुए लगातार रेप के मामलों ने जहां इसे देश में सबसे ज्यादा रेप होने वाले शहर के नाम से बदनाम कर दिया था। वहीं अब कांग्रेस शासन काल में भी तमाम कोशिशों के बावजूद यहां रेप पर रोक लगती नहीं दिख रही है।
तमाशबीन बनी पुलिस...
पहले भी रेप के मामलों में भोपाल की पुलिस असंवेदनशील रही है, लेकिन उस दौरान हुई तमाम घटनाओं के बावजूद भोपाल पुलिस अब तक असंवेदनशीलता को छोड़ नहीं सकी है। जिसके चलते राजधानी में दुष्कर्म जैसे अपराधों पर लगाम नहीं लग पा रही है।
दरअसल शनिवार शाम से गायब हुई एक नाबालिग बच्ची के न मिलने पर शिकायत करने पहुंचे परिजनों को पहले तो पुलिस वालों ने थाने से भगा दिया। फिर पार्षद के कहने पर न चाहते हुए भी रात करीब 11.30 बजे पीड़ित परिवार के घर पहुंची
पुलिस पहले तो तमाशबीन की तरह पूरे मामले को देखती सुनती तो रही पर कोई कार्रवाई नहीं की, जबकि इतनी कठिन परिस्थितियों में तक पुलिस वाले परिजनों को चाय-नाश्ता कराने का फरमान देते रहे।
ये है मामला...
दरअसल रविवार की सुबह भोपाल के नेहरू नगर पुलिस लाइन से करीब 500 मीटर दूर IIFM के सामने एक बस्ती में एक 10 वर्षीय बालिका की लाश मिलने से पूरी राजधानी में हड़कंप मच गया। बच्ची का रेप करने के बाद उसकी हत्या करने की पुष्टि पोस्टमार्टम में सामने आ गई है।
परिजनों की सुनने तक को तैयार नहीं हुई पुलिस...
पुलिस कॉलोनी से चंद कदमों की दूरी पर हुए इस वहशियानें कार्य के बावजूद पुलिस इस पूरे मामले में संवेदनहीनता बरतती रही।
दरअसल इससे पहले नाबालिग बच्ची की निर्मम हत्या से पहले उसके गुम होने पर जहां परिजन चिल्ला चिल्ला कर पुलिस से बच्ची को ढ़ूढ़ने की गुहार लगाते रहे, वहीं इस दौरान पुलिस ने मामला तक दर्ज नहीं किया और परिजनों को दुत्कार कर भगा दिया। वहीं परिजन का कहना है कि यदि पुलिस बच्ची की छानबीन करती तो उनकी बेटी जिंदा होती।
कुल मिलाकर मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल एक बार फिर शर्मसार हुई है। हाल ही में राजधानी के मनुआभान टेकरी पर मिली नाबालिग बच्ची के बलात्कार और हत्या के आरोपियों को सजा भी नहीं मिली थी कि, भोपाल के नेहरू नगर IIFM के सामने एक बस्ती में रहने वाली 10 साल की नाबालिग बच्ची की रेप के बाद निर्मम हत्या कर दी गयी।
मुख्य दोषी कौन?...
जानकारों का मानना है कि इस पूरे घटनाक्रम में मुख्य दोषी कहीं न कहीं से पुलिस ही है। एक तरफ जहां पुलिस द्वारा कार्रवाई नहीं किए जाने से असामाजिक तत्वों के हौसले लगातार बुलंद हो रहे हैं, जिसके चलते वे इस तरह के कार्यों को अंजाम देने में नहीं हिचक रहे है। यानि पुलिस का खौफ ऐसे दरिंदों के मन से पूरी तरह गायब बना हुआ है।
भाजपा शासन काल में भी पुलिस की लापरवाहियों के चलते ही क्षेत्र में क्राइम को बढ़ावा मिला था। जानकार कहते हैं कि पुलिस अब तक एक भी ऐसा सख्त कदम नहीं उठा पाई है, जिससे बदमाशों के दिल में उन्हें लेकर खौफ पैदा हो सके।
वहीं पुलिस के अपने कार्य में लापरवाही या असंवेदनशील बने हुए हैं। और समय पर आई सूचना के बावजूद कार्रवाई से बचते रहते हैं, इसके कारण भी ऐसे मामलों में इजाफा हुआ है।
कानून के जानकार एस शर्मा के अनुसार भी यदि आज के केस में तक पुलिस समय पर यानि रात को ही कार्रवाई शुरु कर देती तो शायद वह बच्ची जिंदा होती।
रात को पुलिस ने एक न सुनी...
दरअसल बच्ची के गुम होने की शिकायत परिजनों ने शनिवार की रात ही पुलिस से कि थी, लेकिन आरोप है कि उस समय पुलिस ने उन्हें ही डांट कर भगा दिया, वहीं इसके बाद पार्षद के कहने पर पुलिस परिजनों के पास उनके घर पहुंची व उन्हें सुबह तक शांत रहने की बात कहते हुए, सुबह बच्ची को ढ़ूढ़ने की बात कही।
जिसके बाद परिजन रात भर बच्ची को ढ़ूढ़ते रहे, लेकिन वह नहीं मिली इसके बाद सुबह करीब 5 बजे बच्ची की लाश मिल गई।
लाश मिलने से फैला आक्रोष...
सुबह बच्ची की लाश मिलने के साथ ही पूरा क्षेत्र आक्रोष में आ गया। वहीं हालात बिगड़ते देख मौके पर एसपी व डीआइजी भी आ पहुंचे। वहीं लोगों के गुस्से से बिगड़ रहे हालात पर काबू पाने के लिए इलाके में भारी पुलिस बल और एसटीएफ की टीम तैनात कर दी गई है।
ऐसे समझें पूरा घटनाक्रम...
शनिवार यानि 8 जून को रात 8 बजे बच्ची गुटखा लेने के लिए घर से निकली। लेकिन कई घंटों बाद भी बच्ची घर वापस नहीं लौटी, जिससे परेशान होकर परिजन बच्ची को ढूंढने निकले, लेकिन वह नहीं मिली।
इसके बाद करीब 10 बजे परिजन कमला नगर थाने में बच्ची के लापता होने का मामला दर्ज कराने पहुंचे, लेकिन यहां पुलिस ने उन्हे दुत्कार कर भगा दिया। इसके बाद रात करीब 11 बजे पार्षद के कहने पर पीड़ित परिजन के घर पुलिस पहुंची।
वहीं रविवार की सुबह 5 बजे परिजन को बच्ची की लाश नेहरू नगर पुलिस लाइन के गेट के ठीक सामने एक बस्ती में मिल गई।
लाश मिलते ही क्षेत्र में हड़कंप मच गया और परिजन सहित रहवासियों ने थाने का घेराव किया। लोगों को आक्रोशित देख पुलिस घटना स्थल पर पहुंची।
समय पर छानबीन करती पुलिस तो जिंदा होती मासूम...
परिजन का आरोप है कि जब बच्ची घर वापस नहीं आयी तो रात में वे परिजन कमला नगर थाना मामला दर्ज कराने पहुंचे पर पुलिस ने उन्हें दुत्कार कर भगा दिया।
संवेदनहीनता की हद: पीड़ित परिवार को चाय-नाश्ता कराने का फरमान...
इसके बाद रात करीब 11 बजे पार्षद के कहने पर कमला नगर थाना पुलिस पीडित परिवार के घर पहुंची। यहां पुलिस परिजन से चाय-नाश्ता कराने का फरमान देती रही। परिजनों का कहना है कि समय पर पुलिस मामले की छानबीन करती तो हमारी बच्ची जिंदा होती।
घंटों बाद हरकत में आयी पुलिस
लाश मिलने के बाद घटना स्थल पर पहुंची पुलिस ने मामले को जांच मे ले लिया है। वहीं शनिवार की रात करीब 8 बजे से गायब बच्ची की रविवार को सुबह करीब 5 बजे बच्ची लाश मिली। इसके बाद लोगों ने कमला नगर थाने का घेराव किया। वहीं पहले जो पुलिस मामले में लगातार टालमटोल कर रही थी वह आक्रोशित भीड़ देखकर 12 घंटे के बाद हरकत में आ गई।
पुलिस लाइन से 100 मीटर व घर से 20 मीटर दूरी पर मिली लाश...
सबसे खास बात ये है कि बच्ची की लाश पुलिस लाइन के गेट से करीब 100 मीटर की दूरी पर व उसके घर से करीब 20 मीटर की दूरी पर मिला है। जानकारों के अनुसार ये साफ दर्शाता है कि यदि पुलिस समय पर कार्रवाई करती तो बच्ची को बचाने की काफी आशा थी।
साथ ही पुलिस वालों के घरों से इतने पास हुई ये घटना साफ बताती है कि अब बदमाशों में पुलिस का खौफ लगभग खत्म हो गया है।
वहीं सुबह 5 बजे बच्ची की लाश मिलने पर रहवासियों ने कमला नगर थाने के घेराव किया। परिजन का आरोप है कि पुलिस ने मामले को दबाने की कोशिश कर रही है। रेप के आरोपों के बीच पुलिस ने बच्ची के शव को पोस्टमार्टम के लिए हमीदिया अस्पताल भेज दिया है। जहां रेप के बाद मर्डर की पुष्टि हो गई।
लापरवाही बरतने वाले निलंबित...
आक्रोशित भीड़ को देखते हुए कॉलोनी में और कमला नगर थाने के बाहर पुलिस और एसटीएफ बल तैनात किए गए हैं। वहीं पूरे मामले में सबसे ज्यादा संवेदनहीनता बरतने वाले यानि चाय-नाश्ता और गुटखा सिगरेट का फरमान करने वाले कांस्टेबल को रविवार को करीब 10 बजे सस्पेंड कर दिया गया।
वहीं बच्ची के साथ रेप के बाद हत्या मामले में लापरवाही बरतने वाले 6 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया। जानकारी के मुताबिक एएसआई देव सिंह, दो हवलदार नरेंद्र और जगदीश, चार सिपाही ब्रजेंद्र, रूप सिंह, प्रहलाद और वीरेंद्र सिंह निलंबित किया गया।
घटना स्थल पर सांसद और कानून मंत्री...
नाबालिग बच्ची की रेप के बाद हत्या की बात सामने आते ही भोपाल से भाजपा की नवनिर्वाचित सांसद प्रज्ञा ठाकुर व प्रदेश के कानून मंत्री पीसी शर्मा और घटना स्थल पहुंच गए, जहां उन्होंने पीडित परिजन से मुलाकात कर मामले की जानकारी ली और कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
यहां भोपाल सांसद प्रज्ञा ठाकुर ने कहा कि लगातार प्रदेश में रेप की घटनाएं हो रही हैं। इसमें प्रदेश सरकार दोषी है। उज्जैन के बाद भोपाल की घटना दुखद है। बच्चियां सुरक्षित नहीं है तो पूरा समाज दुखी होता है। सांसद प्रज्ञा ठाकुर ने ऐसे आरोपियों को फांसी से कम की सजा न हो।
आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस रवाना
जानकारी के मुताबिक पीड़िता लड़की के एक घर छोड़कर अकरम के मकान में 35 साल से किराए से रहता है। संदेही आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस की एक टीम मक्सी, उज्जैन और खंडवा के लिए रवाना हुई है।
बताया जाता है कि आरोपी पीडित परिवार के घर के पास ही एक मकान में किराए से रहता था।
Published on:
09 Jun 2019 02:12 pm
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