दूसरे खेतों में मजदूरी कर सुरेश ने धीरे धीरे पैसे जोड़ना शुरू कर दिया। इसी बीच किसी ने उसे पटी कृष्णा कल्याणपुर खदान क्षेत्र के बारे में बताया। सुरेश के पास अब तक कुछ पैसे जुड़ चुके थे। इन्हें पैसों की मदद से उसने एक छोटी सी खदान लीज पर ले ली। सुरेश को उम्मीद थी कि इस खदान से शायद उसका जीवन बदल जाएगा। सुरेश को लगता था कि यदि हीरे के छोटे छोटे कण भी मिल जाएं तो कुछ अच्छे पैसे मिल सकते हैं, लेकिन किस्मत ने उसके लिए कुछ और ही सोच रखा था।